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Rohtak News: एमबीबीएस छात्रों के मूल दस्तावेजों को लेकर सरकार ने सुलझाया पेंच
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। हरियाणा सरकार ने एमबीबीएस सेवा प्रोत्साहन बॉन्ड पॉलिसी को लेकर लंबे समय से चली आ रही मूल दस्तावेजों की समस्या का समाधान कर दिया है। सरकार ने शुक्रवार को वर्ष 2020-21 बैच के स्नातकों के दस्तावेज जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
सरकार के निर्देशों के अनुसार पीजी में प्रवेश ले चुके छात्रों को पीजी अलॉटमेंट लेटर और निर्धारित अंडरटेकिंग जमा करने पर उनके मूल दस्तावेज वापस किए जाएंगे। राज्य से बाहर पीजी करने वाले छात्रों को पीजी पूरा होने के तीन सप्ताह के भीतर दस्तावेज फिर से अपने यूजी कॉलेज में जमा कराने होंगे और बॉन्ड के तहत शेष सरकारी सेवा पूरी करनी होगी। जिन छात्रों को इस साल पीजी में प्रवेश नहीं मिला है, उनके लिए तीन विकल्प दिए गए हैं कि सरकारी सेवा देना, बॉन्ड राशि का एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान। छात्रों को 2 नवंबर तक अपना विकल्प देना होगा।
सरकार ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि शनिवार और अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर दस्तावेज जारी करने में तेजी लाई जाए। साथ ही सरकारी सेवा के लिए एक रोजगार पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। छात्रों की जॉइंट एक्शन कमेटी के सदस्य अक्षत मित्तल ने कहा कि छात्र प्रशासन की सकारात्मक पहल एवं सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हैं।
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रोहतक। हरियाणा सरकार ने एमबीबीएस सेवा प्रोत्साहन बॉन्ड पॉलिसी को लेकर लंबे समय से चली आ रही मूल दस्तावेजों की समस्या का समाधान कर दिया है। सरकार ने शुक्रवार को वर्ष 2020-21 बैच के स्नातकों के दस्तावेज जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
सरकार के निर्देशों के अनुसार पीजी में प्रवेश ले चुके छात्रों को पीजी अलॉटमेंट लेटर और निर्धारित अंडरटेकिंग जमा करने पर उनके मूल दस्तावेज वापस किए जाएंगे। राज्य से बाहर पीजी करने वाले छात्रों को पीजी पूरा होने के तीन सप्ताह के भीतर दस्तावेज फिर से अपने यूजी कॉलेज में जमा कराने होंगे और बॉन्ड के तहत शेष सरकारी सेवा पूरी करनी होगी। जिन छात्रों को इस साल पीजी में प्रवेश नहीं मिला है, उनके लिए तीन विकल्प दिए गए हैं कि सरकारी सेवा देना, बॉन्ड राशि का एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान। छात्रों को 2 नवंबर तक अपना विकल्प देना होगा।
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सरकार ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि शनिवार और अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर दस्तावेज जारी करने में तेजी लाई जाए। साथ ही सरकारी सेवा के लिए एक रोजगार पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। छात्रों की जॉइंट एक्शन कमेटी के सदस्य अक्षत मित्तल ने कहा कि छात्र प्रशासन की सकारात्मक पहल एवं सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हैं।
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