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गोवा के बाद रोहतक में होगा आधुनिक शवगृह
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 27 Mar 2016 02:25 AM IST
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रिपोर्ट
- फोटो : getty images
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देश में गोवा के बाद अब रोहतक पीजीआई के शवगृह का नाम लिया जाएगा। यहां बनने वाले आधुनिक शवगृह में विष विज्ञान, डीएनए व आभासी ऑटोप्सी जैसी आधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी। इनसे फोरेंसिक विभाग नमूनों की जांच खुद कर सकेगा और सैंपल मधुबन भेजे जाने और उनके इंतजार से राहत मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 20 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी है।
संस्थान में माडर्न मोर्चरी कांपलेक्स निर्माण के लिए अगले माह से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें करीब आठ करोड़ रुपये भवन निर्माण में खर्च होंगे और तीन-तीन करोड़ रुपये आधुनिक प्रयोगशालाओं पर। इसके साथ ही शवगृह में अब 60 शवों को रखने की क्षमता बनाई जाएगी। 1962 से अब तक यहां 16 शव रखने की क्षमता है, जबकि नियमानुसार यह 36 होनी चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि शवगृह के आसपास जो बदबू फैली रहती है उसके लिए भी इसमें पुख्ता इंतजाम होंगे। ओजोन व दो अन्य गैसों के जरिए शवों की बदबू को काफी ऊपर छोड़ा जाएगा, जिससे कोई समस्या न हो। प्रयोगशाला एक्स-रे, सीटी व एमआरआई की मशीनों के साथ अन्य उपकरणों से लैस होगी।
बगैर चीर फाड़ हो सकेगा पोस्टमार्टम
आधुनिक सुविधाएं होने पर शवों की बगैर चीर फाड़ के पोस्टमार्टम संभव हो सकेगा। जांच कर्ता सामान्य चीजें भी विभिन्न जांच माध्यमों से पता लगा सकेंगे। इससे पुलिस व पीड़ित परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी।
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बोले अधिकारी
माडर्न मोर्चरी कांप्लेक्स के लिए 20 करोड़ का बजट मंजूर हो गया है। इससे पीड़ितों के अलावा फोरेंसिक विभाग को भी लाभ मिलेगा। गंभीर आपराधिक मामलों को इसकी सहायता से आसानी से सुलझाया जा सकेगा। इसमें सभी प्रश्नों का जवाब मिलेगा और हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे। देश में गोवा के बाद रोहतक की मोर्चरी अब सबसे अधिक आधुनिक होगी।
- डॉ. एसके धत्तरवाल, विभागाध्यक्ष फोरेंसिक विभाग पीजीआई एवं चेयरमैन स्टेट लीगल एडवाइजर कमेटी हरियाणा सरकार
संस्थान में माडर्न मोर्चरी कांपलेक्स निर्माण के लिए अगले माह से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें करीब आठ करोड़ रुपये भवन निर्माण में खर्च होंगे और तीन-तीन करोड़ रुपये आधुनिक प्रयोगशालाओं पर। इसके साथ ही शवगृह में अब 60 शवों को रखने की क्षमता बनाई जाएगी। 1962 से अब तक यहां 16 शव रखने की क्षमता है, जबकि नियमानुसार यह 36 होनी चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि शवगृह के आसपास जो बदबू फैली रहती है उसके लिए भी इसमें पुख्ता इंतजाम होंगे। ओजोन व दो अन्य गैसों के जरिए शवों की बदबू को काफी ऊपर छोड़ा जाएगा, जिससे कोई समस्या न हो। प्रयोगशाला एक्स-रे, सीटी व एमआरआई की मशीनों के साथ अन्य उपकरणों से लैस होगी।
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बगैर चीर फाड़ हो सकेगा पोस्टमार्टम
आधुनिक सुविधाएं होने पर शवों की बगैर चीर फाड़ के पोस्टमार्टम संभव हो सकेगा। जांच कर्ता सामान्य चीजें भी विभिन्न जांच माध्यमों से पता लगा सकेंगे। इससे पुलिस व पीड़ित परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी।
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बोले अधिकारी
माडर्न मोर्चरी कांप्लेक्स के लिए 20 करोड़ का बजट मंजूर हो गया है। इससे पीड़ितों के अलावा फोरेंसिक विभाग को भी लाभ मिलेगा। गंभीर आपराधिक मामलों को इसकी सहायता से आसानी से सुलझाया जा सकेगा। इसमें सभी प्रश्नों का जवाब मिलेगा और हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे। देश में गोवा के बाद रोहतक की मोर्चरी अब सबसे अधिक आधुनिक होगी।
- डॉ. एसके धत्तरवाल, विभागाध्यक्ष फोरेंसिक विभाग पीजीआई एवं चेयरमैन स्टेट लीगल एडवाइजर कमेटी हरियाणा सरकार