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Rohtak News: बाल मजदूरी कर रहे चार नाबालिग मुक्त कराए
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। ऑपरेशन मुस्कान के तहत बुधवार को बाल मजदूरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इसके तहत सीडब्ल्यूसी, एमडीडी संस्था व मानव तस्करी विरोधी टीम ने गांधी कैंप, हरकिशन स्कूल, सोनीपत रोड क्षेत्र में टीम ने चार नाबालिगों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया।
टीम ने गांधी कैंप स्थित दुकानों से दो, वेल्डिंग की दुकान से दो नाबालिग मुक्त कराए। रेस्क्यू किए गए नाबालिगों में तीन की आयु 15–16 वर्ष व एक की 13 वर्ष मिली है। इस संयुक्त अभियान में एमडीडी संस्था से विकास, मानव तस्करी विरोधी टीम से रवि मलिक, अरुण कुमार, सुरेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेस्क्यू किए गए सभी बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक, सदस्य उषा रानी व एडवोकेट विकास अत्री के समक्ष बाल श्रमिकों की पेशी हुई।
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यहां जांच में पाया गया कि चारों बच्चे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनके अभिभावकों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी न कराने की हिदायत दी गई है। दोबारा ऐसा पाए जाने पर संबंधित अभिभावकों एवं नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी नाबालिग को रोजगार पर न रखें। बाल मजदूरी की सामाजिक बुराई के खिलाफ ऑपरेशन मुस्कान के तहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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रोहतक। ऑपरेशन मुस्कान के तहत बुधवार को बाल मजदूरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इसके तहत सीडब्ल्यूसी, एमडीडी संस्था व मानव तस्करी विरोधी टीम ने गांधी कैंप, हरकिशन स्कूल, सोनीपत रोड क्षेत्र में टीम ने चार नाबालिगों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया।
टीम ने गांधी कैंप स्थित दुकानों से दो, वेल्डिंग की दुकान से दो नाबालिग मुक्त कराए। रेस्क्यू किए गए नाबालिगों में तीन की आयु 15–16 वर्ष व एक की 13 वर्ष मिली है। इस संयुक्त अभियान में एमडीडी संस्था से विकास, मानव तस्करी विरोधी टीम से रवि मलिक, अरुण कुमार, सुरेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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रेस्क्यू किए गए सभी बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक, सदस्य उषा रानी व एडवोकेट विकास अत्री के समक्ष बाल श्रमिकों की पेशी हुई।
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यहां जांच में पाया गया कि चारों बच्चे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनके अभिभावकों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी न कराने की हिदायत दी गई है। दोबारा ऐसा पाए जाने पर संबंधित अभिभावकों एवं नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी नाबालिग को रोजगार पर न रखें। बाल मजदूरी की सामाजिक बुराई के खिलाफ ऑपरेशन मुस्कान के तहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।