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वित्तमंत्री की कोठी से ही मिठाई चुराकर मनाई थी खुशियां
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 24 Apr 2016 02:11 AM IST
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दिलावर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कै प्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ के बाद बांटी गई मिठाई किसी मिष्ठान भंडार से लूटी या खरीदी नहीं गई थी, बल्कि कुछ उपद्रवियों ने वित्तमंत्री की कोठी से ही मिठाई चुराई थी, जिसे आपस में बांटकर खुशियां मनाई थी। दिलावर सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने यह दावा किया है। एसआईटी ने दो दिन के रिमांड के बाद शनिवार को फिर दिलावर सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने उसका पांच दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने एक दिन का रिमांड मंजूर किया। बता दें कि दिलावर सिंह वायुसेना में कर्मचारी रह चुका है।
एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर का दावा है कि वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में पकड़ा गया दिलावर सिंह जाट आंदोलन के दौरान इसलिए रोहतक आया था, ताकि वह उपद्रव में शामिल हो सके। पुलिस का कहना है कि दिलावर 19 फरवरी को रोहतक पहुंचा। इसी दिन शाम को उपद्रवियों ने वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी कर दी। बताया जा रहा है कि दिलावर सिंह परिवार के साथ गुजरात के जामनगर में रहता है। इससे पहले यह जाट आरक्षण के किसी आंदोलन में शामिल नहीं रहा है।
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अदालत में आमने-सामने
एसआईटी का तर्क : दिलावर ने बांटी मिठाई, फुटेज में भी चेहरा
दिलावर सिंह को शनिवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया तो सरकारी और बचाव पक्ष में जमकर बहस हुई। एसआईटी की ओर से सरकारी वकील ने आरोपी का पांच दिन का रिमांड मांगते हुए दलील दी कि आगजनी के बाद दिलावर सिंह ने ही उपद्रवियों के बीच मिठाई बांटी थी। वह आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल रहा।
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उन्होंने कहा कि आरोपी के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह ट्रैक्टर-ट्राली भरकर उपद्रव के दौरान वित्तमंत्री की कोठी पर पहुंचा था। सरकारी वकील ने कहा कि कोठी की सामने आई फुटेज में भी आरोपी आगजनी के दौरान मिठाई बांटता नजर आ रहा है। इस लिए अन्य उपद्रवियों की पहचान और ठिकानों का पता करने के लिए दिलावर का रिमांड जरूरी है।
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बचाव पक्ष का तर्क : फुटेज में दिलावर की शक्ल का कोई और व्यक्ति
अदालत में बहस के दौरान दिलावर सिंह के वकील सुनील हुड्डा ने कहा कि जो उपद्रवी सीसीटीवी फु टेज में मिठाई बांटते नजर आ रहा है वह दिलावर सिंह नहीं है। बल्कि वह दिलावर सिंह जैसा दिखने वाला कोई और व्यक्ति है, क्योंकि उसकी लंबाई छह फीट के आसपास है जबकि दिलावर साढ़े पांच फीट के आसपास है। उन्होंने कहा कि पुलिस झूठे आरोप लगाकर दिलावर सिंह को फंसा रही है। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के लिए दिलावर सिंह के रिमांड की मांग कर रही है। उपद्रव के समय वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। ऐसे में दिलावर सभी की पहचान कैसे करवा सकते हैं। वह तो गुजरात के जामनगर से 19 फरवरी को ही रोहतक पहुंचे थे।
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कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी, फिर भी कोर्ट के बाहर पहुंचे परिजन
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिलावर सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया, ताकि उसके गांव रिटौली के ग्रामीण और परिजन कोर्ट के बाहर हंगामा न कर सकें। इस बात को ध्यान में रखते हुए डीएसपी विजेंद्र सिंह टीम सहित कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद रहे। यही नहीं भारी संख्या में पुलिस बल कोर्ट के आसपास तैनात किया गया था। इसके बावजूद दिलावर सिंह के कुछ परिजन कोर्ट के बाहर पहुंच गए। परिजनों ने कोर्ट परिसर के अंदर घुसने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस बीच दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में कुछ परिजनों को दिलावर से मिलने के लिए जाने दिया गया।
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दिलावर बोला, दो दिन में नहीं बताया तो 5 में क्या बताऊंगा
दिलावर सिंह ने कोर्ट के सामने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। दिलावर ने पुलिस पर हिरासत में रखकर मारपीट का आरोप लगाया। जब पुलिस ने उसका 5 दिन का रिमांड मांगते हुए पूछताछ का हवाला दिया तो दिलावर ने कहा कि जब दो दिन में कुछ नहीं बताया तो 5 दिन में क्या बताऊंगा।
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एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर का दावा है कि वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में पकड़ा गया दिलावर सिंह जाट आंदोलन के दौरान इसलिए रोहतक आया था, ताकि वह उपद्रव में शामिल हो सके। पुलिस का कहना है कि दिलावर 19 फरवरी को रोहतक पहुंचा। इसी दिन शाम को उपद्रवियों ने वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी कर दी। बताया जा रहा है कि दिलावर सिंह परिवार के साथ गुजरात के जामनगर में रहता है। इससे पहले यह जाट आरक्षण के किसी आंदोलन में शामिल नहीं रहा है।
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अदालत में आमने-सामने
एसआईटी का तर्क : दिलावर ने बांटी मिठाई, फुटेज में भी चेहरा
दिलावर सिंह को शनिवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया तो सरकारी और बचाव पक्ष में जमकर बहस हुई। एसआईटी की ओर से सरकारी वकील ने आरोपी का पांच दिन का रिमांड मांगते हुए दलील दी कि आगजनी के बाद दिलावर सिंह ने ही उपद्रवियों के बीच मिठाई बांटी थी। वह आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल रहा।
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उन्होंने कहा कि आरोपी के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह ट्रैक्टर-ट्राली भरकर उपद्रव के दौरान वित्तमंत्री की कोठी पर पहुंचा था। सरकारी वकील ने कहा कि कोठी की सामने आई फुटेज में भी आरोपी आगजनी के दौरान मिठाई बांटता नजर आ रहा है। इस लिए अन्य उपद्रवियों की पहचान और ठिकानों का पता करने के लिए दिलावर का रिमांड जरूरी है।
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बचाव पक्ष का तर्क : फुटेज में दिलावर की शक्ल का कोई और व्यक्ति
अदालत में बहस के दौरान दिलावर सिंह के वकील सुनील हुड्डा ने कहा कि जो उपद्रवी सीसीटीवी फु टेज में मिठाई बांटते नजर आ रहा है वह दिलावर सिंह नहीं है। बल्कि वह दिलावर सिंह जैसा दिखने वाला कोई और व्यक्ति है, क्योंकि उसकी लंबाई छह फीट के आसपास है जबकि दिलावर साढ़े पांच फीट के आसपास है। उन्होंने कहा कि पुलिस झूठे आरोप लगाकर दिलावर सिंह को फंसा रही है। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के लिए दिलावर सिंह के रिमांड की मांग कर रही है। उपद्रव के समय वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। ऐसे में दिलावर सभी की पहचान कैसे करवा सकते हैं। वह तो गुजरात के जामनगर से 19 फरवरी को ही रोहतक पहुंचे थे।
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कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी, फिर भी कोर्ट के बाहर पहुंचे परिजन
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिलावर सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया, ताकि उसके गांव रिटौली के ग्रामीण और परिजन कोर्ट के बाहर हंगामा न कर सकें। इस बात को ध्यान में रखते हुए डीएसपी विजेंद्र सिंह टीम सहित कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद रहे। यही नहीं भारी संख्या में पुलिस बल कोर्ट के आसपास तैनात किया गया था। इसके बावजूद दिलावर सिंह के कुछ परिजन कोर्ट के बाहर पहुंच गए। परिजनों ने कोर्ट परिसर के अंदर घुसने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस बीच दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में कुछ परिजनों को दिलावर से मिलने के लिए जाने दिया गया।
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दिलावर बोला, दो दिन में नहीं बताया तो 5 में क्या बताऊंगा
दिलावर सिंह ने कोर्ट के सामने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। दिलावर ने पुलिस पर हिरासत में रखकर मारपीट का आरोप लगाया। जब पुलिस ने उसका 5 दिन का रिमांड मांगते हुए पूछताछ का हवाला दिया तो दिलावर ने कहा कि जब दो दिन में कुछ नहीं बताया तो 5 दिन में क्या बताऊंगा।