{"_id":"6042b1888ebc3e59144f0d32","slug":"farmers-will-jam-kmp-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज केएमपी जाम करेंगे किसान : राकेश टिकैत की अपील- शांति बनाए रखें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज केएमपी जाम करेंगे किसान : राकेश टिकैत की अपील- शांति बनाए रखें
Sat, 06 Mar 2021 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक।
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक।
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 06 Mar 2021 04:02 AM IST
विज्ञापन
kmp expressway
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार पर दबाव बनाकर बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किसान शनिवार को केएमपी जाम करेंगे। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों से पहुंचने और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
किसान सुबह शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक केएमपी को कई जगह से जाम रखेंगे। जिससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। वहीं भाकियू नेता राकेश टिकैत शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे। जहां उन्होंने केएमपी जाम करने को सफल बनाने के लिए कहा और इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में किसी भी तरह से अशांति नहीं होने देनी है, क्योंकि सरकार उसका फायदा उठा सकती है। इसके अलावा खेड़ा बॉर्डर पर जहां किसान कल दमन विरोधी दिवस मनाएंगे। वहीं जींद के खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी है। किसानों ने शनिवार को काला दिवस मनाने को लेकर रणनीति बनाई।
विज्ञापन
किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा बनाया
किसान आंदोलन को नई धार देने के लिए हरियाणा के 40 किसान संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा बनाया है। टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को आयोजित इसकी पहली बैठक में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के गुरनाम सिंह चढूनी ने भी शिकरत की। इस दौरान हरियाणा में किसान आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई गई।
महिला दिवस पर सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगी महिलाएं
इंदरजीत सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा आंदोलन हो रहा है, जिसमें महिलाएं पूरी तरह से भागीदारी कर रही हैं। आठ मार्च को महिला दिवस पर बड़ी संख्या में महिलाएं सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगी। हरपाल सिंह ने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर आज भी थानों में खड़े हैं, जिन्हें तोड़ दिया गया। हरियाणा की आजाद पार्टी के घर ईडी ने इसलिए छापेमारी की, क्योंकि उन्होंने किसानों का खुलकर समर्थन किया। इसके अलावा किसानों का सहयोग करने वाले दिल्ली के कई मीडियाकर्मियों पर भी मामले दर्ज किए गए।
करणजीत सिंह ने कहा कि डेढ़ सौ से ज्यादा वकील गिरफ्तार किसानों को निशुल्क कानूनी सेवाएं दे रहे हैं। वकीलों ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, गिरफ्तार किसानों को रिहा करने, झूठे मुकदमे वापस करने और न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई।
विज्ञापन
किसान सुबह शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक केएमपी को कई जगह से जाम रखेंगे। जिससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। वहीं भाकियू नेता राकेश टिकैत शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे। जहां उन्होंने केएमपी जाम करने को सफल बनाने के लिए कहा और इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
विज्ञापन
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में किसी भी तरह से अशांति नहीं होने देनी है, क्योंकि सरकार उसका फायदा उठा सकती है। इसके अलावा खेड़ा बॉर्डर पर जहां किसान कल दमन विरोधी दिवस मनाएंगे। वहीं जींद के खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी है। किसानों ने शनिवार को काला दिवस मनाने को लेकर रणनीति बनाई।
विज्ञापन
किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा बनाया
किसान आंदोलन को नई धार देने के लिए हरियाणा के 40 किसान संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा बनाया है। टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को आयोजित इसकी पहली बैठक में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के गुरनाम सिंह चढूनी ने भी शिकरत की। इस दौरान हरियाणा में किसान आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई गई।
महिला दिवस पर सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगी महिलाएं
इंदरजीत सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा आंदोलन हो रहा है, जिसमें महिलाएं पूरी तरह से भागीदारी कर रही हैं। आठ मार्च को महिला दिवस पर बड़ी संख्या में महिलाएं सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगी। हरपाल सिंह ने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर आज भी थानों में खड़े हैं, जिन्हें तोड़ दिया गया। हरियाणा की आजाद पार्टी के घर ईडी ने इसलिए छापेमारी की, क्योंकि उन्होंने किसानों का खुलकर समर्थन किया। इसके अलावा किसानों का सहयोग करने वाले दिल्ली के कई मीडियाकर्मियों पर भी मामले दर्ज किए गए।
करणजीत सिंह ने कहा कि डेढ़ सौ से ज्यादा वकील गिरफ्तार किसानों को निशुल्क कानूनी सेवाएं दे रहे हैं। वकीलों ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, गिरफ्तार किसानों को रिहा करने, झूठे मुकदमे वापस करने और न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई।