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Rohtak News: बुखार में भी नहीं डगमगाई आस्था, 12 वर्षीय दीक्षा ने 260 किमी की कांवड़ यात्रा पूरी की
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11jjrp13- गांव पहुंची दीक्षा का स्वागत करते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
साल्हावास। क्षेत्र के गांव बहु निवासी 12 वर्षीय दीक्षा पुत्री विरेंद्र सिंह ने एक वर्ष पहले उज्जैन में संकल्प लिया था कि वह हरिद्वार से गंगाजल लाकर बाघोत स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक करेगी। दीक्षा ने यह संकल्प 260 किलोमीटर की कठिन कांवड़ यात्रा पूरी कर निभाया। यात्रा के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार रहा लेकिन उसकी आस्था नहीं डगमगाई। बाइक का साथ छूटने पर उसने होवर बोर्ड का सहारा लिया और कांवड़ लेकर गांव की ओर बढ़ती रही। रास्ते में लोगों ने उसके जज्बे को देखकर प्रोत्साहित किया।
गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूलों और नोटों की मालाओं से दीक्षा का स्वागत किया। डीजे, ढोल और नगाड़ों के साथ अगुवानी हुई तथा जगह-जगह फूल बरसाए गए। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गांव की गलियां गूंज उठीं।
जलाभिषेक के दौरान छलक आए आंसू
बागोत स्थित स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन कर जलाभिषेक करते समय दीक्षा भावुक हो गईं। भगवान शिव से गांव की खुशहाली, सुख-समृद्धि और सभी के मंगल की कामना की। साथ ही लोगों से शाकाहारी बनने, मूक जीवों पर दया करने और गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की अपील की।
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मन से साध्वी, कर्म से मिनी बाइक राइडर
दीक्षा की माता मेनका चाहती हैं कि बेटी साध्वी बने। दीक्षा की रुचि बाइक राइडिंग में है। परिजनों ने उसकी रुचि को देखते हुए उसे मिनी बाइक दिलाई है। दीक्षा गौरव हाई स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। प्राचार्या सुदेश गहलोत ने भी कांवड़ यात्रा के दौरान उसका उत्साह बढ़ाया।
गांव का नाम बदलने की इच्छा
दीक्षा के पिता विरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के साथ उनकी भी इच्छा है कि गांव बहु का नाम बदला जाए। सरपंच प्रदीप और सरपंच प्रतिनिधि प्रेम नंबरदार ने बताया कि गांव को भाऊ सिंह राजपूत ने 605 में बसाया था। इसका गौरव पट्ट पीएचसी बहु के मुख्य गेट पर लगा है। गांव का नाम भाऊ सिंह नगर या परमार्थी नगर रखने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूलों और नोटों की मालाओं से दीक्षा का स्वागत किया। डीजे, ढोल और नगाड़ों के साथ अगुवानी हुई तथा जगह-जगह फूल बरसाए गए। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गांव की गलियां गूंज उठीं।
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जलाभिषेक के दौरान छलक आए आंसू
बागोत स्थित स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन कर जलाभिषेक करते समय दीक्षा भावुक हो गईं। भगवान शिव से गांव की खुशहाली, सुख-समृद्धि और सभी के मंगल की कामना की। साथ ही लोगों से शाकाहारी बनने, मूक जीवों पर दया करने और गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की अपील की।
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मन से साध्वी, कर्म से मिनी बाइक राइडर
दीक्षा की माता मेनका चाहती हैं कि बेटी साध्वी बने। दीक्षा की रुचि बाइक राइडिंग में है। परिजनों ने उसकी रुचि को देखते हुए उसे मिनी बाइक दिलाई है। दीक्षा गौरव हाई स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। प्राचार्या सुदेश गहलोत ने भी कांवड़ यात्रा के दौरान उसका उत्साह बढ़ाया।
गांव का नाम बदलने की इच्छा
दीक्षा के पिता विरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के साथ उनकी भी इच्छा है कि गांव बहु का नाम बदला जाए। सरपंच प्रदीप और सरपंच प्रतिनिधि प्रेम नंबरदार ने बताया कि गांव को भाऊ सिंह राजपूत ने 605 में बसाया था। इसका गौरव पट्ट पीएचसी बहु के मुख्य गेट पर लगा है। गांव का नाम भाऊ सिंह नगर या परमार्थी नगर रखने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।