{"_id":"58fe67ff4f1c1b4766c0cc5f","slug":"electricity-nigam-haryana-rohtak-meter-electric-chief-minister-cut-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढोल बजाकर मांगी बिजली, पानी के इंतजार में कट रही रात ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढोल बजाकर मांगी बिजली, पानी के इंतजार में कट रही रात
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 25 Apr 2017 02:32 AM IST
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महिलाओं ने गीत गाकर अधिकारियों तक पहुंचाई आवाज
- फोटो : amar ujala
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जिले में बिजली कटों और पानी की किल्लत गर्मी बढ़ने के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। बिजली न मिलने के चलते बोहर के ग्रामीण ढोल बजाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और तीन घंटे ढोल बजाकर अधिकारियों से न केवल बिजली मांगी, बल्कि धरना देकर बैठ गए। किसी तरह एसडीएम अरविंद मल्हान ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं, सेक्टर तीन में समय पर पानी नहीं आ रहा है। लगभग पूरे दिन और रात इंतजार के बाद सुबह पांच बजे तक पानी आने का इंतजार करते हैं। सुबह पानी कई बार आता ही नहीं और आता भी है तो प्रेशर कम होता है।
लघु सचिवालय पहुंचे कुलदीप नांदल, अशोक नांदल, विजय नांदल, जगमेंद्र नांदल, कांता, सतीश कौशिक, राहुल, मनोज, आनंद, मीना, नरेश, धर्मबीर, सुरेश, महाबीर, बिमला, सरोज और सीमा ने बताया कि बोहर में बिजली कटौती के के हालात बहुत खराब है। कहने को तो बोहर गांव नगर निगम में शामिल है, लेकिन बिजली गांवों से भी कम आ रही है। कई-कई घंटे कट रहते हैं। बिजली विभाग के लोग अक्सर लाइन में फाल्ट होने का बहाना बताते हैं। बिजली की कमी से पानी की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।
हमारी आवाज नहीं सुनते अधिकारी, इसलिए लाए ढोल
दोपहर करीब 12 बजे दर्जनों पुरुष व महिलाएं ढोल बजाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। सचिवालय के नीचे काफी देर तक ढोल बजाते रहे। हालात को संभालने के लिए पुलिस पहुंच गई। गुस्साए ग्रामीण डीसी को बुलाने की मांग करने लगे। काफी देर तक ग्रामीण वहीं बैठकर नारेबाजी करते रहे। महिलाएं गीत गाकर ठेठ ग्रामीण अंदाज में बिजली और पानी मांग रही थीं। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना था कि अधिकारियों ने हर बार उनकी बात को अनसुना किया है। इसलिए इस बार ढोल बजाकर अपनी बात पहुंचाई जा रही है।
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एसडीएम ने संभाला मोर्चा, समझाबुझा कर किया शांत
सूचना पाकर एसडीएम अरविंद मल्हान मौके पर पहुंचे और किसी तरह ग्रामीणों को समझाया कि वे बिजली निगम के अधिकारियों से बात करेेंगे। समय पर शड्यूल के तहत बिजली आएगी। करीब तीन बजे ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने बिजली निगम के एसई एसके बंसल से बात की। बंसल ने बताया कि बेवजह बिजली की कटौती नहीं की जाएगी।
रातभर पानी के लिए जागती हैं महिलाएं
वहीं, सेक्टर एक और तीन में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। सेक्टर तीन की महिलाओं रचना, राधिका, मेघा, मीनू और सुजाता ने बताया कि सुबह पानी आने का समय पांच बजे है। वे तड़के जल्दी पानी भरने के लिए उठती हैं, लेकिन कई बार पानी आता ही नहीं। आता है तो प्रेशर बहुत कम होता है। हुडा में अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनता ही नहीं।
मेयर के वार्ड के लोग भी आ चुके हैं सड़क पर
पानी की किल्लत को लेकर मेयर रेनू डाबला के वार्ड के लोग भी सड़क पर आ चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शन करके प्रशासन को मटक फोड़ प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद बिजली और पब्लिक हेल्थ के अधिकारी हरकत में आए। एक माह पहले लगने वाला ट्रांसफार्मर दो दिन में लगा दिया। अब पानी सप्लाई चालू करने की तैयारी चल रही है।
वर्जन
बिजली की किल्लत को लेकर बोहर ग्रामीण मिलने आए थे। बिजली निगम के अधिकारियों को साफ कहा गया है कि तय शड्यूल के तहत बिजली सप्लाई दी जाए। आगे दिक्कत नहीं आएगी।
-अरविंद मल्हान, एसडीएम, रोहतक।
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लघु सचिवालय पहुंचे कुलदीप नांदल, अशोक नांदल, विजय नांदल, जगमेंद्र नांदल, कांता, सतीश कौशिक, राहुल, मनोज, आनंद, मीना, नरेश, धर्मबीर, सुरेश, महाबीर, बिमला, सरोज और सीमा ने बताया कि बोहर में बिजली कटौती के के हालात बहुत खराब है। कहने को तो बोहर गांव नगर निगम में शामिल है, लेकिन बिजली गांवों से भी कम आ रही है। कई-कई घंटे कट रहते हैं। बिजली विभाग के लोग अक्सर लाइन में फाल्ट होने का बहाना बताते हैं। बिजली की कमी से पानी की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।
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हमारी आवाज नहीं सुनते अधिकारी, इसलिए लाए ढोल
दोपहर करीब 12 बजे दर्जनों पुरुष व महिलाएं ढोल बजाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। सचिवालय के नीचे काफी देर तक ढोल बजाते रहे। हालात को संभालने के लिए पुलिस पहुंच गई। गुस्साए ग्रामीण डीसी को बुलाने की मांग करने लगे। काफी देर तक ग्रामीण वहीं बैठकर नारेबाजी करते रहे। महिलाएं गीत गाकर ठेठ ग्रामीण अंदाज में बिजली और पानी मांग रही थीं। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना था कि अधिकारियों ने हर बार उनकी बात को अनसुना किया है। इसलिए इस बार ढोल बजाकर अपनी बात पहुंचाई जा रही है।
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एसडीएम ने संभाला मोर्चा, समझाबुझा कर किया शांत
सूचना पाकर एसडीएम अरविंद मल्हान मौके पर पहुंचे और किसी तरह ग्रामीणों को समझाया कि वे बिजली निगम के अधिकारियों से बात करेेंगे। समय पर शड्यूल के तहत बिजली आएगी। करीब तीन बजे ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने बिजली निगम के एसई एसके बंसल से बात की। बंसल ने बताया कि बेवजह बिजली की कटौती नहीं की जाएगी।
रातभर पानी के लिए जागती हैं महिलाएं
वहीं, सेक्टर एक और तीन में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। सेक्टर तीन की महिलाओं रचना, राधिका, मेघा, मीनू और सुजाता ने बताया कि सुबह पानी आने का समय पांच बजे है। वे तड़के जल्दी पानी भरने के लिए उठती हैं, लेकिन कई बार पानी आता ही नहीं। आता है तो प्रेशर बहुत कम होता है। हुडा में अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनता ही नहीं।
मेयर के वार्ड के लोग भी आ चुके हैं सड़क पर
पानी की किल्लत को लेकर मेयर रेनू डाबला के वार्ड के लोग भी सड़क पर आ चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शन करके प्रशासन को मटक फोड़ प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद बिजली और पब्लिक हेल्थ के अधिकारी हरकत में आए। एक माह पहले लगने वाला ट्रांसफार्मर दो दिन में लगा दिया। अब पानी सप्लाई चालू करने की तैयारी चल रही है।
वर्जन
बिजली की किल्लत को लेकर बोहर ग्रामीण मिलने आए थे। बिजली निगम के अधिकारियों को साफ कहा गया है कि तय शड्यूल के तहत बिजली सप्लाई दी जाए। आगे दिक्कत नहीं आएगी।
-अरविंद मल्हान, एसडीएम, रोहतक।