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जींद यूनिवर्सिटी आने के लिए बीएड कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों को लगानी होगी लंबी दौड़
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 03 May 2016 01:27 AM IST
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विद्यार्थियों को परेशानियों झेलनी होगी
- फोटो : Demo pic
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रोहतक। प्रदेश के सभी बीएड कॉलेज जींद यूनिवर्सिटी से संबद्ध होने के बाद संबंधित कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों को अब लंबी दौड़ लगानी पड़ी। इससे समय तो अधिक लगेगा ही पैसा भी व्यर्थ में खर्च होगा, विद्यार्थियों को परेशानियों झेलनी होगी वह अलग। अभी तक प्रदेश के बीएड कॉलेज एमडीयू, कुरुक्षेत्र और सिरसा यूनिवर्सिटी के अधीन थे।
दरअसल, अभी तक एनसीआर की तरफ के कॉलेज रोहतक, हिसार की तरफ के कॉलेज सिरसा और पंचकूला और पानीपत आदि के कॉलेज कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अधीन थे, लेकिन अब सभी कॉलेजों को जींद यूनिवर्सिटी के अधीन कर दिया गया है। इससे इन कॉलेजों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। मेवात और पलवल आदि की तरफ से आने वाले कॉलेजों को लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करके जींद यूनिवर्सिटी तक पहुंचना होगा, जबकि इन कॉलजों के लिए एमडीयू अधिक पास पड़ती है। वहीं, सिरसा के कॉलेजों को भी करीब 150 किलोमीटर दूर भागना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी पंचकूला और कुरुक्षेत्र आदि जिले के कॉलेजों की होगी। उन्हें भी यूनिवर्सिटी में आने के लिए करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
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दरअसल, अभी तक एनसीआर की तरफ के कॉलेज रोहतक, हिसार की तरफ के कॉलेज सिरसा और पंचकूला और पानीपत आदि के कॉलेज कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अधीन थे, लेकिन अब सभी कॉलेजों को जींद यूनिवर्सिटी के अधीन कर दिया गया है। इससे इन कॉलेजों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। मेवात और पलवल आदि की तरफ से आने वाले कॉलेजों को लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करके जींद यूनिवर्सिटी तक पहुंचना होगा, जबकि इन कॉलजों के लिए एमडीयू अधिक पास पड़ती है। वहीं, सिरसा के कॉलेजों को भी करीब 150 किलोमीटर दूर भागना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी पंचकूला और कुरुक्षेत्र आदि जिले के कॉलेजों की होगी। उन्हें भी यूनिवर्सिटी में आने के लिए करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
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