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Rohtak News: सुनारिया के छह स्वतंत्रता सेनानियों के दस्तावेज मिले
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रोहतक। सुनारिया और सुनारियां कलां गांव के आजाद हिंद फौज से जुड़े छह स्वतंत्रता सेनानियों के दस्तावेज सामने आए हैं। शोधकर्ताओं ने इन सेनानियों के नाम गांव के गौरव पट्ट पर दर्ज कराने की मांग प्रशासन और ग्राम पंचायत से की है।
शोधकर्ता भगवान फोगाट ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय अभिलेखागार और पंजाब के आधिकारिक रिकॉर्ड में आजाद हिंद फौज से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन किया। उनके अनुसार इन अभिलेखों के आधार पर क्षेत्र के छह स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी सामने आई है। भगवान फोगाट के पिता राम सिंह भी स्वतंत्रता सेनानी थे।
इन स्वतंत्रता सेनानियों में कैप्टन राम पत सिंह, राम सरूप, हवलदार राम पत सिंह, लेफ्टिनेंट बीसल सिंह, मीर सिंह और फूले राम शामिल हैं। सभी आजाद हिंद फौज से जुड़े थे। इनमें कैप्टन राम पत सिंह और राम सरूप युद्ध के दौरान शहीद हुए, जबकि हवलदार राम पत सिंह को शेर-ए-जंग की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र के कई सैनिक प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में भी शहीद हुए, जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय युद्ध स्मारकों पर दर्ज हैं, लेकिन गांव के गौरव पट्ट पर उनका उल्लेख नहीं है। उन्होंने ऐसे शहीदों के परिजनों से संपर्क करने की अपील की है, ताकि उनके दस्तावेज एकत्र कर नाम गौरव पट्ट पर दर्ज कराए जा सकें। ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।
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शोधकर्ता भगवान फोगाट ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय अभिलेखागार और पंजाब के आधिकारिक रिकॉर्ड में आजाद हिंद फौज से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन किया। उनके अनुसार इन अभिलेखों के आधार पर क्षेत्र के छह स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी सामने आई है। भगवान फोगाट के पिता राम सिंह भी स्वतंत्रता सेनानी थे।
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इन स्वतंत्रता सेनानियों में कैप्टन राम पत सिंह, राम सरूप, हवलदार राम पत सिंह, लेफ्टिनेंट बीसल सिंह, मीर सिंह और फूले राम शामिल हैं। सभी आजाद हिंद फौज से जुड़े थे। इनमें कैप्टन राम पत सिंह और राम सरूप युद्ध के दौरान शहीद हुए, जबकि हवलदार राम पत सिंह को शेर-ए-जंग की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र के कई सैनिक प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में भी शहीद हुए, जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय युद्ध स्मारकों पर दर्ज हैं, लेकिन गांव के गौरव पट्ट पर उनका उल्लेख नहीं है। उन्होंने ऐसे शहीदों के परिजनों से संपर्क करने की अपील की है, ताकि उनके दस्तावेज एकत्र कर नाम गौरव पट्ट पर दर्ज कराए जा सकें। ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।