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Rohtak News: श्रीकृष्ण की नटखट बाल लीलाओं का किया बखान
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22सीटीके29..श्री सनातन धर्म हनुमान मंदिर सुभाष नगर में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रवण क
रोहतक। सुभाष नगर स्थित श्री सनातन धर्म हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास श्री राधा प्रिया ज्योति ने अमृतवर्षा की। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वृतांत सुनाया। बताया, भगवान श्री कृष्ण बचपन से ही नटखट थे। यशोदा मैया और नंदलाला उनके नटखट अंदाज से परेशान थे। कृष्ण मित्रों के साथ मिलकर गांव वालों का माखन चुरा कर खा जाते थे।
भगवान श्रीकृष्ण का जहां राधा के साथ एक खास रिश्ता था, वहीं गांव की गोपियों से भी उनकी खूब जमती थी। कथा व्यास ने बताया कि कृष्ण की बंसी की धुन राधा को खूब भाती थी। पूरे गांव में राधा-कृष्ण की रासलीलाएं खूब चर्चित थी।
कंस वध कर वासुदेव और देवकी को कारागार से मुक्त कराया। कंस के वध के बाद कृष्ण और बलराम शिक्षा के लिए अपने गुरु के पास आश्रम चले गए। कुछ दिन श्रीकृष्ण ने द्वारका में ही बिताए। कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि महाभारत का ऐतिहासिक युद्ध पांडवों और कौरवों के बीच लड़ा गया। इसका नेतृत्व श्री कृष्ण ने किया। इस दौरान श्रीकृष्ण भजनों पर श्रद्धालु खुद को झूमने से रोक नहीं पाए। इस मौके पर यजमान जतिन बतरा, मंदिर की महिला मंडल सदस्य व मंदिर सभा के कार्यकारिणी सदस्य आदि मौजूद रहे।
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भगवान श्रीकृष्ण का जहां राधा के साथ एक खास रिश्ता था, वहीं गांव की गोपियों से भी उनकी खूब जमती थी। कथा व्यास ने बताया कि कृष्ण की बंसी की धुन राधा को खूब भाती थी। पूरे गांव में राधा-कृष्ण की रासलीलाएं खूब चर्चित थी।
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कंस वध कर वासुदेव और देवकी को कारागार से मुक्त कराया। कंस के वध के बाद कृष्ण और बलराम शिक्षा के लिए अपने गुरु के पास आश्रम चले गए। कुछ दिन श्रीकृष्ण ने द्वारका में ही बिताए। कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि महाभारत का ऐतिहासिक युद्ध पांडवों और कौरवों के बीच लड़ा गया। इसका नेतृत्व श्री कृष्ण ने किया। इस दौरान श्रीकृष्ण भजनों पर श्रद्धालु खुद को झूमने से रोक नहीं पाए। इस मौके पर यजमान जतिन बतरा, मंदिर की महिला मंडल सदस्य व मंदिर सभा के कार्यकारिणी सदस्य आदि मौजूद रहे।
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