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डेंगू ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ा, आंकड़ा पहुंचा 418
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रोहतक। डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। सोमवार को सात नए डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 418 पहुंच गई है। पिछले वर्ष यह संख्या 222 थी। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि इस बार डेंगू ने अपना पिछला रिकार्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मरीजों की बढ़ती संख्या ने विभाग की लार्वा विरोधी गतिविधि पर भी सवाल खड़े करने का काम किया है।
जिले में डेंगू के केस मिलने का सिलसिला जारी है। सोमवार को सात नए केस मिले। इसमें लाखन माजरा, मुंगान, घरोठी, शोरा कोठी, पटेल नगर, मेडिकल कैंपस शामिल हैं। पीजीआई कैंपस में डेंगू मरीज मिलना अपने आप में स्वास्थ्य सेवाओं सवालिया निशान लगाता है। शायद यही वजह है कि घरों में मच्छरजनित रोगों से पीड़ित ही नहीं, मच्छर का लार्वा भी मिल रहा है। इसके लिए जनता भी दोषी नजर आ रही है। विभाग के जागरूकता व लार्वा विरोधी गतिविधि के बावजूद लोग मच्छर जनित रोगों से बचाव के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में लगातार मिल रहे डेंगू व वायरल केसों के लिए प्लेटलेट्स कम पड़ रही हैं। रक्तदाताओं के जरिये मरीजों को प्लेटलेट्स मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बुखार के मरीजों की स्लाइड बनाई
विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार अब तक डेंगू के 418 केस सामने आ चुके हैं। जबकि पिछले साल यह संख्या 222 थी। डेंगू केसों का लगातार मिलना स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ा रहा है। इसी संबंध में लोगों को नोटिस दिया रहा है। सोमवार को विभाग की टीमों ने लार्वा विरोधी गतिविधि के तहत विभिन्न इलाका का दौरा किया। टीम ने केवलगंज, फतेहपुरी कॉलोनी, संजय कॉलोनी, कृपाल नगर, सैनीपुरा, तिलकनगर, गांधी कैंप शिवाजी कॉलोनी, जनता कॉलोनी व जीव नगर में लार्वा विरोधी गतिविधि का आयोजन किया गया। यहां बुखार के मरीजों की भी स्लाइड बनाई गई।
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लोगों को जागरूक कर रहा स्वास्थ्य विभाग
उप सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा मित्तल ने बताया कि डेंगू नियंत्रण में है। पिछले वर्ष से इस बार के ज्यादा केस हैं। इसकी वजह समय पर छिपे हुए केसों की पहचान कर उनका इलाज करना है। इसके लिए बुखार के मरीजों की उनके घर जाकर स्लाइड बनाई गई। इससे डेंगू मरीज गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले ही सामने आ गए और समय पर उन्हें उपचार दिया गया। प्रत्येक तीन वर्ष में डेंगू का जोर आता है। लोगों को जागरूकता बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाने के लिए लार्वा दिखाकर उन्हें इन्हें नहीं पनपने देने की अपील की जा रही है। अभी तक जिले में डेंगू के 418 केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा जिले में 5400 घरों में लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस जारी किया गया। इस अभियान में जोनल एंटोमोलॉजिस्ट यूनिट ने शिवाजी कॉलोनी में दौरा किया टीम में एंटोमोलॉजिस्ट सुमित, स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश नरवाल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुकेश कुमार, महावीर हुड्डा, बलजीत, सोनिया, प्रदीप कुमार व डीबीसी शामिल रहे।
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जिले में डेंगू के केस मिलने का सिलसिला जारी है। सोमवार को सात नए केस मिले। इसमें लाखन माजरा, मुंगान, घरोठी, शोरा कोठी, पटेल नगर, मेडिकल कैंपस शामिल हैं। पीजीआई कैंपस में डेंगू मरीज मिलना अपने आप में स्वास्थ्य सेवाओं सवालिया निशान लगाता है। शायद यही वजह है कि घरों में मच्छरजनित रोगों से पीड़ित ही नहीं, मच्छर का लार्वा भी मिल रहा है। इसके लिए जनता भी दोषी नजर आ रही है। विभाग के जागरूकता व लार्वा विरोधी गतिविधि के बावजूद लोग मच्छर जनित रोगों से बचाव के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में लगातार मिल रहे डेंगू व वायरल केसों के लिए प्लेटलेट्स कम पड़ रही हैं। रक्तदाताओं के जरिये मरीजों को प्लेटलेट्स मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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बुखार के मरीजों की स्लाइड बनाई
विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार अब तक डेंगू के 418 केस सामने आ चुके हैं। जबकि पिछले साल यह संख्या 222 थी। डेंगू केसों का लगातार मिलना स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ा रहा है। इसी संबंध में लोगों को नोटिस दिया रहा है। सोमवार को विभाग की टीमों ने लार्वा विरोधी गतिविधि के तहत विभिन्न इलाका का दौरा किया। टीम ने केवलगंज, फतेहपुरी कॉलोनी, संजय कॉलोनी, कृपाल नगर, सैनीपुरा, तिलकनगर, गांधी कैंप शिवाजी कॉलोनी, जनता कॉलोनी व जीव नगर में लार्वा विरोधी गतिविधि का आयोजन किया गया। यहां बुखार के मरीजों की भी स्लाइड बनाई गई।
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लोगों को जागरूक कर रहा स्वास्थ्य विभाग
उप सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा मित्तल ने बताया कि डेंगू नियंत्रण में है। पिछले वर्ष से इस बार के ज्यादा केस हैं। इसकी वजह समय पर छिपे हुए केसों की पहचान कर उनका इलाज करना है। इसके लिए बुखार के मरीजों की उनके घर जाकर स्लाइड बनाई गई। इससे डेंगू मरीज गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले ही सामने आ गए और समय पर उन्हें उपचार दिया गया। प्रत्येक तीन वर्ष में डेंगू का जोर आता है। लोगों को जागरूकता बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाने के लिए लार्वा दिखाकर उन्हें इन्हें नहीं पनपने देने की अपील की जा रही है। अभी तक जिले में डेंगू के 418 केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा जिले में 5400 घरों में लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस जारी किया गया। इस अभियान में जोनल एंटोमोलॉजिस्ट यूनिट ने शिवाजी कॉलोनी में दौरा किया टीम में एंटोमोलॉजिस्ट सुमित, स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश नरवाल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुकेश कुमार, महावीर हुड्डा, बलजीत, सोनिया, प्रदीप कुमार व डीबीसी शामिल रहे।