{"_id":"571295614f1c1b70704a6bca","slug":"swami-ramdev-s-a-case-statements-complainants-and-witnesses-to-be-sent-notices-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज करने करने के लिए भेजे नोटिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज करने करने के लिए भेजे नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:29 AM IST
विज्ञापन
रामदेव
- फोटो : getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सद्भावना सम्मेलन में विवादित बयान देने के मामले में स्वामी रामदेव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हैदराबाद में केस दर्ज होने के बाद अब रोहतक पुलिस ने उनके खिलाफ शिकायत करने वालों और कार्यक्रम के गवाहों को नोटिस भेजे हैैं, ताकि जांच में शामिल होने के लिए सभी के बयान दर्ज किए जा सकें। पुलिस 30 अप्रैल को रोहतक कोर्ट में इसी के आधार पर अपना पक्ष रखेगी। बता दें कि कोर्ट ने पुलिस को मामले में 30 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का समय दिया है। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में शामिल होने के लिए कुछ लोगों को बुलाया गया है।
बता दें कि रोहतक में हुए सद्भावना सम्मलेन में 3 अप्रैल को स्वामी रामदेव ने भारत माता की जय बोलने के मामले में विवादित बयान दिया था। इसके बाद पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने स्वामी रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने के लिए एसपी ऑफिस में शिकायत की थी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में कोर्ट ने एसपी से पूछा है कि बताइए रामदेव पर केस क्यों नहीं दर्ज किया गया? कोर्ट ने एसपी को जांच के लिए 30 अप्रैल तक का वक्त दिया है।
विज्ञापन
बता दें कि रोहतक में हुए सद्भावना सम्मलेन में 3 अप्रैल को स्वामी रामदेव ने भारत माता की जय बोलने के मामले में विवादित बयान दिया था। इसके बाद पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने स्वामी रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने के लिए एसपी ऑफिस में शिकायत की थी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में कोर्ट ने एसपी से पूछा है कि बताइए रामदेव पर केस क्यों नहीं दर्ज किया गया? कोर्ट ने एसपी को जांच के लिए 30 अप्रैल तक का वक्त दिया है।
विज्ञापन