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भिवानी गैंग रेप मामले की भी फाइल पलटेगी पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:53 AM IST
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एडीजीपी बोले, फिलहाल पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर की गई है गिरफ्तारी
- फोटो : amar ujala
छात्रा से हुए गैंग रेप मामले में पुलिस पूरी तरह से उलझ गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी तो कर ली, लेकिन उनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई है। अब मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस छात्रा के साथ वर्ष 2013 में भिवानी में हुए गैंग रेप मामले की फाइल के पन्ने पलटेगी, ताकि उस समय केस में हुए आरोपियों के बयान, पीड़िता के बयान सहित अन्य बिंदुओं पर काम किया जा सके । पुलिस ने उसकी फाइल मंगवा ली है।
दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के वकील मनोज बेड़वाल और हरेन्द्र भालौठिया ने दावा किया है कि पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़िता ने जो बयान दिया है उसमें उसने गैंग रेप का आरोप नहीं लगाया है। इस तथ्य पर भी पेशी के दौरान कोर्ट में बहस हुई। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल तीनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इसलिए पड़ी भिवानी कांड को खंगालने की जरूरत
घटना के पहले दिन से ही आरोपियों के परिजनों की ओर से कहा जा रहा था कि पीड़िता पहले भी मामले में कई बार बयान बदल चुकी थी। इस कारण उसकी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इसी तरह एक दिन पहले डीजीपी केपी सिंह ने भी कहा था कि पीड़िता ने वर्ष 2013 मेें हुए गैंग रेप के मामले में कई बार अपने बयान बदले थे। जब मामले में एडीजीपी अकील से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला बुहत पेचीदा है। इस कारण केस को भिवानी में हुए गैंग रेप के मामले से भी लिंक किया जाएगा, ताकि जांच पड़ताल में मदद मिल सके।
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पांचवां आरोपी आकाश है भी या नहीं?
मामले में पुलिस ने चार आरोपियों की तो पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक पांचवें आरोपी आकाश क ा नाम ही उसके पास है। पुलिस को न तो उसके ठिकाने के बारे में पता है और न ही वारदात में उसकी मौजूदगी सामने आई है। मामले में एडीजीपी मोहम्मद अकील का कहना है कि आकाश नाम के आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों से उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी भिवानी गैंग रेप वाले मामले में भी आकाश का आज तक पुलिस को कुछ पता नहीं चल सका है। पीड़िता को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस आकाश की पहचान करने में उलझ गई है।
बिना सबूतों के कोर्ट पहुंची पुलिस की किरकिरी
जिला पुलिस ने गैंग रेप के आरोप में भारी दबाव के कारण तीन आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन बुधवार को पुलिस की उस समय किरकिरी हो गई जब वह बिना सबूतों के कोर्ट में तीनों आरोपियों को पेश करने पहुंच गई। पुलिस ने दलील दी कि फिलहाल आरोपियों को पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर गिरफ्तार कि या गया है। जबकि एडीजीपी ने दावा किया था कि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस को सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज सौंपे गये हैं।
आरोपियों के लोकेशन की सीसीटीवी फुटेज होगी रिजर्व
आरोपियों के परिजनों की ओर से पुलिस को सौंपी गई उनके लोकेशन की सीसीटीवी फु टेज को पुलिस को संभालकर रखना होगा। यह केस की अहम कड़ी मानी जा रही है। इस संबंध में आरोपी पक्ष के वकील हरेंद्र भालौठिया ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। वकील ने कोर्ट में कहा यह सीसीटीवी फुटेज उनके केस में अहम सबूत है। इस कारण पुलिस को इनको सुरक्षित रखने के निर्देश दिये जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर यह उपलब्ध हो सकें। इस पर अगली सुनवाई में कोर्ट फैसला करेगी।
पीड़िता के मोबाइल से खुलेंगे गैंग रेप के राज
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस पीड़िता के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की तैयारी में है, ताकि यह पता चल सके कि वारदात वाले दिन पीड़िता की मोबाइल पर किससे से बात हुई थी। साथ ही पीड़िता की लोकेशन के बारे में भी पता चल सके। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पीड़िता का मोबाइल उनके पास है या नहीं। जबकि आरोपियों के परिजन भी पुलिस से पीड़िता के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की मांग कर चुके हैं।
दो दिन से सड़कों पर आरोपियों के परिजन
मामले में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के परिजन दो दिन से शहर की सड़कों पर समय बिता रहे हैं। मंगलवार को शहर पहुंचे परिजनों के दिन और रात पुलिस कार्रवाई के बीच गुजर रहे हैं। गिरफ्तार संदीप की पत्नी गरिमा का कहना है कि उनका रोहतक में कोई रिश्तेदार नहीं है। वह अपनी सास के साथ कभी महिला थाने तो कभी एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही है। पूरा परिवार दिन रात सड़कों पर भटक रहा है।
आरोपियों के परिजन बोले- हमें भी फांसी चढ़ा दो
आरोपियों को निर्दोष बताने परिजनों का गुस्सा पुलिस और सरकार पर फूट गया। उन्होंने कोर्ट परिसर में पुलिस व सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। संदीप की मां कांता ने पुलिस कार्रवाई पर उंगली उठाते हुए कहा कि पुलिस ने परिवार में कमाने वाले एकमात्र बेटे को तो जेल में भेज दिया अब उन्हें भी फांसी पर चढ़ा दे। कांता ने कहा कि एससी/एसटी आयोग पीड़िता के बारे में तो सक्रिय होता है, लेकिन हमारे दलित होने के बावजूद कोई खैर खबर नहीं लेता।
अमर उजाला लाइव
सुबह 11.15 बजे
एडीजीपी मो. अकील टीम सहित मैना रेस्टोरेंट पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की।
दोपहर 12.15 बजे
एडीजीपी मो. अकील पीजीआई पहुंचे। पीड़िता से बातचीत की। फिर पत्रकारों से बात की।
दोपहर 2.39 बजे
तीनों आरोपियों को डीएसपी पुष्पा खत्री के नेतृत्व में भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
शाम 3.14 बजे
आरोपियों के परिजन इकट्ठा होकर कोर्ट परिसर में पहुंचे।
शाम 4.51 बजे
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के वकील मनोज बेड़वाल और हरेन्द्र भालौठिया ने दावा किया है कि पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़िता ने जो बयान दिया है उसमें उसने गैंग रेप का आरोप नहीं लगाया है। इस तथ्य पर भी पेशी के दौरान कोर्ट में बहस हुई। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल तीनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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इसलिए पड़ी भिवानी कांड को खंगालने की जरूरत
घटना के पहले दिन से ही आरोपियों के परिजनों की ओर से कहा जा रहा था कि पीड़िता पहले भी मामले में कई बार बयान बदल चुकी थी। इस कारण उसकी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इसी तरह एक दिन पहले डीजीपी केपी सिंह ने भी कहा था कि पीड़िता ने वर्ष 2013 मेें हुए गैंग रेप के मामले में कई बार अपने बयान बदले थे। जब मामले में एडीजीपी अकील से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला बुहत पेचीदा है। इस कारण केस को भिवानी में हुए गैंग रेप के मामले से भी लिंक किया जाएगा, ताकि जांच पड़ताल में मदद मिल सके।
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पांचवां आरोपी आकाश है भी या नहीं?
मामले में पुलिस ने चार आरोपियों की तो पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक पांचवें आरोपी आकाश क ा नाम ही उसके पास है। पुलिस को न तो उसके ठिकाने के बारे में पता है और न ही वारदात में उसकी मौजूदगी सामने आई है। मामले में एडीजीपी मोहम्मद अकील का कहना है कि आकाश नाम के आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों से उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी भिवानी गैंग रेप वाले मामले में भी आकाश का आज तक पुलिस को कुछ पता नहीं चल सका है। पीड़िता को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस आकाश की पहचान करने में उलझ गई है।
बिना सबूतों के कोर्ट पहुंची पुलिस की किरकिरी
जिला पुलिस ने गैंग रेप के आरोप में भारी दबाव के कारण तीन आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन बुधवार को पुलिस की उस समय किरकिरी हो गई जब वह बिना सबूतों के कोर्ट में तीनों आरोपियों को पेश करने पहुंच गई। पुलिस ने दलील दी कि फिलहाल आरोपियों को पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर गिरफ्तार कि या गया है। जबकि एडीजीपी ने दावा किया था कि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस को सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज सौंपे गये हैं।
आरोपियों के लोकेशन की सीसीटीवी फुटेज होगी रिजर्व
आरोपियों के परिजनों की ओर से पुलिस को सौंपी गई उनके लोकेशन की सीसीटीवी फु टेज को पुलिस को संभालकर रखना होगा। यह केस की अहम कड़ी मानी जा रही है। इस संबंध में आरोपी पक्ष के वकील हरेंद्र भालौठिया ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। वकील ने कोर्ट में कहा यह सीसीटीवी फुटेज उनके केस में अहम सबूत है। इस कारण पुलिस को इनको सुरक्षित रखने के निर्देश दिये जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर यह उपलब्ध हो सकें। इस पर अगली सुनवाई में कोर्ट फैसला करेगी।
पीड़िता के मोबाइल से खुलेंगे गैंग रेप के राज
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस पीड़िता के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की तैयारी में है, ताकि यह पता चल सके कि वारदात वाले दिन पीड़िता की मोबाइल पर किससे से बात हुई थी। साथ ही पीड़िता की लोकेशन के बारे में भी पता चल सके। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पीड़िता का मोबाइल उनके पास है या नहीं। जबकि आरोपियों के परिजन भी पुलिस से पीड़िता के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की मांग कर चुके हैं।
दो दिन से सड़कों पर आरोपियों के परिजन
मामले में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के परिजन दो दिन से शहर की सड़कों पर समय बिता रहे हैं। मंगलवार को शहर पहुंचे परिजनों के दिन और रात पुलिस कार्रवाई के बीच गुजर रहे हैं। गिरफ्तार संदीप की पत्नी गरिमा का कहना है कि उनका रोहतक में कोई रिश्तेदार नहीं है। वह अपनी सास के साथ कभी महिला थाने तो कभी एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही है। पूरा परिवार दिन रात सड़कों पर भटक रहा है।
आरोपियों के परिजन बोले- हमें भी फांसी चढ़ा दो
आरोपियों को निर्दोष बताने परिजनों का गुस्सा पुलिस और सरकार पर फूट गया। उन्होंने कोर्ट परिसर में पुलिस व सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। संदीप की मां कांता ने पुलिस कार्रवाई पर उंगली उठाते हुए कहा कि पुलिस ने परिवार में कमाने वाले एकमात्र बेटे को तो जेल में भेज दिया अब उन्हें भी फांसी पर चढ़ा दे। कांता ने कहा कि एससी/एसटी आयोग पीड़िता के बारे में तो सक्रिय होता है, लेकिन हमारे दलित होने के बावजूद कोई खैर खबर नहीं लेता।
अमर उजाला लाइव
सुबह 11.15 बजे
एडीजीपी मो. अकील टीम सहित मैना रेस्टोरेंट पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की।
दोपहर 12.15 बजे
एडीजीपी मो. अकील पीजीआई पहुंचे। पीड़िता से बातचीत की। फिर पत्रकारों से बात की।
दोपहर 2.39 बजे
तीनों आरोपियों को डीएसपी पुष्पा खत्री के नेतृत्व में भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
शाम 3.14 बजे
आरोपियों के परिजन इकट्ठा होकर कोर्ट परिसर में पहुंचे।
शाम 4.51 बजे
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।