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पुलिस अफसर हूं लेकिन बेटी को पढ़ा नहीं सकता, मैं बेबस और लाचार हूं

Sat, 24 Dec 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 24 Dec 2016 02:11 AM IST
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police officer daughter, can not read, luvas news, crime in rohtak, rohtak police
दिल्ली में यातायात के एसीपी विजय कुमार तोमर - फोटो : अमर उजाला
मैं बेबस और लाचार हूं। पुलिस अधिकारी होने के बावजूद बेटी को पढ़ा नहीं सकता। हरियाणा में बेटी को बचाने और पढ़ाने की बात कही जाती है, लेकिन इस स्थिति में बेटी को कैसे पढ़ाया जा सकता है? मैं दिल्ली में ड्यूटी करता हूं। यदि पीछे से मेरी बेटी को कुछ होता है तो कौन जिम्मेदार होगा? अब हम कहां जाएं? यह कहना था दिल्ली में यातायात के एसीपी विजय कुमार तोमर का।
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उनकी बेटी बहुअकबर पुर स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  वेटरनिरी एजूकेशन एंड रिसर्च में पढ़ती है। उन्होंने संस्थान पर बेटी को प्रताड़ित करने सहित कई मामलों में पुलिस में शिकायत कर रखी है। इसी संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है। इसी संबंध में हाईकोर्ट ने वीरवार को संस्थान से जवाब मांगा है। 
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शुक्रवार देर रात छात्रा से कमरा खाली कराने को लेकर हंगामा हो गया। बताया जा रहा है कि संस्थान के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली छात्रा से जब हॉस्टल का कमरा बदलने को कहा गया तो उसने मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद संस्थान के अधिकारियों ने छात्रा से जबरन कमरा बदलवाने की कोशिश की। छात्रा ने इसकी जानकारी अपने मां-बाप को दे दी।
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देर रात उसके परिजन दिल्ली से कॉलेज पहुंचे। संस्थान पहुंचने पर छात्रा के परिजनों को गार्डों ने अंदर नहीं जाने दिया। जब उन्होंने पुलिस बुलाने की धमकी तो अंदर जाने दिया। इसके बाद देर रात छात्रा के परिजनों और संस्थान के अधिकारियों के बीच बातचीत होती रही। इस दौरान पुलिस भी आई और कई छात्राओं से बातचीत करके चली। देर रात छात्रा के परिजन संस्थान से चले गए। वहीं, छात्रा उसी कमरे में रही जिसमें पहले से रह रही थी। 

दिल्ली में यातायात पुलिस के एसीपी विजय कुमार तोमर और उनकी पत्नी किरण तोमर ने संस्थान के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जब पोल खुलने लगी तो वे उनकी बेटी से हास्टल का कमरा बदलवाने की जुगत में लग गए। जब उनकी बेटी ने ऐसा करने से मना किया तो उसकी वीडियो बनाने की धमकी दी। जो अधिकारी छात्रा की वीडियो बना सकते हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं। छात्रा के पिता ने कहा कि वह एशियन गेम एथलीट के नेशनल खिलाड़ी हैं और उनकी बेटी 100 मीटर शूटिंग प्रतियोगिता की नेशनल खिलाड़ी है।

इसके बावजूद उनके साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वाले प्रदेश में बेटी के साथ यह कैसा व्यवहार किया जा रहा है? छात्रा के पिता ने कहा कि आखिर उनकी बेटी का कमरा बदलवाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है? जब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में है तो वे ऐसा दबाव क्याें बना रहे हैं? 

गौरतलब है कि छात्रा की मां ने संस्थान के चेयरमैन सहित उनके परिवार के अन्य सदस्यों को हॉस्टल में बेटी को प्रताड़ित करने और धमकी देने का आरोप लगाया था। इस संबंध में सदर थाने में चेयरमैन भूपेंद्र सिंह मलिक, उनकी मां, पत्नी व बेटे के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज है। मामले की शिकायत लुवास के वीसी से भी की गई है। मामले में भी संस्थान के अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। दिल्ली के सरोजनी नगर निवासी छात्रा की मां किरण ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था।

छात्रा हिसार के लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनिरी (लुवास) से संबंधित बहुअकबरपुर के आईआईवीईआर संस्थान में बैचलर ऑफ वेटरनिरी साइंस की छात्रा है। परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी इंटरनल एग्जाम में फेल हो गई। आरोप है कि हॉस्टल की फीस भी एक से दो लाख कर दी गई।

यह भी आरोप है कि युवक-युवती को आपस में बातचीत करते देख चेयरमैन कालेज से निकालने की धमकी देते हैं। कॉलेज में पढ़ाई करने वाला चेयरमैन का बेटा हॉस्टल में घूमता रहता है, जोकि नियमों के खिलाफ है। जब कोई छात्रा शिकायत की बात कहती है तो उन्हें अनुपस्थित करने का भय दिखाया जाता है। घटना की कवरेज करने पहुंचे मीडिया वालों से भी कॉलेज के अधिकारियों ने अभद्रता की।  


बोले परिजन
हास्टल में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। आशंका है कि बेटी को संस्थान के अधिकारी छत से फिंकवा सकते हैं। इसके बाद कह सकते हैं कि उसने आत्महत्या कर ली। इसलिए मैं उसे संस्थान में नहीं छोड़ सकती। संस्थान के अधिकारियों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। वे एसपी से लेकर कई अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं। शिकायत पर पुलिस के जांच अधिकारी आए और खानापूर्ति करके लौट गए। लड़कियों ने पुलिस को क्या बयान दिया उन्हें बताया तक नहीं गया।
- किरण तोमर, छात्रा की माता
 
मुझ पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। छात्रा को रुटीन में रूम चेंज करने को बोला गया था। जब उसने विरोध किया तो उसे कुछ नहीं कहा गया।
- भूपेंद्र मलिक, निदेशक, इंटर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  वेटरनिरी एजूकेशन रिसर्च। 
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