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दबंगों के डर से दलित परिवार ने छोड़ा गांव, पुलिस सुरक्षा में लाैटा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:49 AM IST
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दलित परिवार ने गांव छोड़ लघु सचिवालय में डाला डेरा
- फोटो : अमर उजाला
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भैंणी महाराजपुर के एक दलित परिवार ने दबंगों के डर से सोमवार को गांव छोड़ दिया। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को समझौता करने या फिर गांव छोड़ने की धमकी दी थी। पीड़ित परिवार ने इस मामले में एसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने तक लघु सचिवालय में डेरा डाल दिया है। एसपी ने तत्काल जांच तेज करने के आदेश दिए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। पीड़ितों को आश्वासन दिया कि दो दिन में सभी आरोपी पकड़ लेंगे। एसपी से आश्वासन और सुरक्षा लेकर शाम को पीड़ित परिवार गांव लौट गया।
भैंणी महाराजपुर निवासी नरेंद्र ने बताया कई दिन पहले गांव के कुछ दबंगों ने उन पर घर में घुसकर हमला किया था। नरेंद्र को बेसुध हालत में छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में महम थाना पुलिस ने नरेंद्र की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात के बाद भी आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। वे पीड़ित परिवार पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। नरेंद्र का कहना है कि एक दिन पहले आरोपियों ने कहा कि यदि समझौता नहीं किया तो गांव छोड़ना होगा। परिवार के सदस्यों को जान का खतरा होने के डर से नरेंद्र ने सोमवार को गांव छोड़कर लघु सचिवालय में डेरा जमा लिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वह गांव नहीं लौटेंगे।
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आठ घंटे बाद गांव लौटा पीड़ित परिवार
एसपी ने पीड़ित परिवार से आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद शाम चार बजे पीड़ित परिवार गांव लौट गया।
पीड़ित परिवार को मिली पुलिस सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने मामले में फरार आरोपियों से जान के खतरे की आशंका जाहिर कर सुरक्षा की मांग की थी। इस पर एसपी ने पीड़ित परिवार की गुहार पर उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी। परिवार की सुरक्षा में दो पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। जब सभी आरोपियों नहीं पकड़ा जाता तब तक सुरक्षा कर्मी परिवार के साथ रहेंगे।
डीएसपी बोले, पकड़ लिए दो आरोपी
जांच अधिकारी महम डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। यदि पीड़ित परिवार को धमकी देने की बात है तो गांव में जाकर जानकारी जुटाई जाएगी।
सरपंच बोले, लिखित में मांगी थी सुरक्षा की गारंटी
सरपंच शैलेंद्र धतरवाल ने बताया नरेंद्र के परिवार ने लिखित में सुरक्षा की गारंटी मांगी जो संभव नहीं थी। हालांकि पीड़ित परिवार को सामाजिक तौर पर सुरक्षा प्रदान करने की बात कही। आपसी सहमति के बाद ही पंचायत इस मारपीट के मामले को सुलझा पाएगी।
एक पक्ष नहीं आया पंचायत में : तपा प्रधान
सैमाण तपा के प्रधान हुकम सिंह ने बताया कि इस मामले में तपा की सोमवार को पंचायत बुलाई गई थी। दोनों पक्षों से आपसी बातचीत के बाद ही सामाजिक सौहार्द के आधार पर सर्वमान्य फैसला लिया जाता। लेकिन एक पक्ष के नहीं आने से कोई फैसला नहीं लिया गया।
यह है मामला
भैणी महाराजपुर में 29 जुलाई की सुबह नरेंद्र पर गांव के ही आठ-नौ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया था। घायल नरेंद्र को पीजीआई में दाखिल करवाया गया। पुलिस ने नरेंद्र के बयान पर आरोपी पंकज सहित सात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया। लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। अब आरोपी परिवार उन पर समझौते का दबाव बना रहा है।
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भैंणी महाराजपुर निवासी नरेंद्र ने बताया कई दिन पहले गांव के कुछ दबंगों ने उन पर घर में घुसकर हमला किया था। नरेंद्र को बेसुध हालत में छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में महम थाना पुलिस ने नरेंद्र की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
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पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात के बाद भी आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। वे पीड़ित परिवार पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। नरेंद्र का कहना है कि एक दिन पहले आरोपियों ने कहा कि यदि समझौता नहीं किया तो गांव छोड़ना होगा। परिवार के सदस्यों को जान का खतरा होने के डर से नरेंद्र ने सोमवार को गांव छोड़कर लघु सचिवालय में डेरा जमा लिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वह गांव नहीं लौटेंगे।
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आठ घंटे बाद गांव लौटा पीड़ित परिवार
एसपी ने पीड़ित परिवार से आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद शाम चार बजे पीड़ित परिवार गांव लौट गया।
पीड़ित परिवार को मिली पुलिस सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने मामले में फरार आरोपियों से जान के खतरे की आशंका जाहिर कर सुरक्षा की मांग की थी। इस पर एसपी ने पीड़ित परिवार की गुहार पर उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी। परिवार की सुरक्षा में दो पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। जब सभी आरोपियों नहीं पकड़ा जाता तब तक सुरक्षा कर्मी परिवार के साथ रहेंगे।
डीएसपी बोले, पकड़ लिए दो आरोपी
जांच अधिकारी महम डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। यदि पीड़ित परिवार को धमकी देने की बात है तो गांव में जाकर जानकारी जुटाई जाएगी।
सरपंच बोले, लिखित में मांगी थी सुरक्षा की गारंटी
सरपंच शैलेंद्र धतरवाल ने बताया नरेंद्र के परिवार ने लिखित में सुरक्षा की गारंटी मांगी जो संभव नहीं थी। हालांकि पीड़ित परिवार को सामाजिक तौर पर सुरक्षा प्रदान करने की बात कही। आपसी सहमति के बाद ही पंचायत इस मारपीट के मामले को सुलझा पाएगी।
एक पक्ष नहीं आया पंचायत में : तपा प्रधान
सैमाण तपा के प्रधान हुकम सिंह ने बताया कि इस मामले में तपा की सोमवार को पंचायत बुलाई गई थी। दोनों पक्षों से आपसी बातचीत के बाद ही सामाजिक सौहार्द के आधार पर सर्वमान्य फैसला लिया जाता। लेकिन एक पक्ष के नहीं आने से कोई फैसला नहीं लिया गया।
यह है मामला
भैणी महाराजपुर में 29 जुलाई की सुबह नरेंद्र पर गांव के ही आठ-नौ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया था। घायल नरेंद्र को पीजीआई में दाखिल करवाया गया। पुलिस ने नरेंद्र के बयान पर आरोपी पंकज सहित सात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया। लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। अब आरोपी परिवार उन पर समझौते का दबाव बना रहा है।