{"_id":"598cc42c4f1c1b8d418b4733","slug":"41502397484-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई में उपचार के दौरान बच्ची की मौत, हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीजीआई में उपचार के दौरान बच्ची की मौत, हंगामा
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई में उपचार के दौरान बच्ची की मौत, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में उपचार के दौरान तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में लोगों के समझाने पर परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव को लेकर चले गए।
सुखपुरा चौक निवासी तीन वर्षीय प्रियांशी पुत्री कुलदीप की बुधवार अचानक तबीयत खराब हो गई थी। बुखार तेज होने पर परिजन उसे लेकर पीजीआई लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे वार्ड में भर्ती कर दिया। उपचार के दौरान वीरवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने भर्ती करने के बाद उसकी कोई सुध नहीं ली। कई बार कहने के बाद भी अच्छा उपचार नहीं मिला। उपचार में लापरवाही के कारण ही बच्ची की मौत हो हुई। परिजनों ने चिकित्सकों के खिलाफ हंगामा किया। परिजन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने भी जाने लगे, लेकिन लोगों के समझाने पर उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल के स्टाफ पर पहले भी लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में उपचार के दौरान तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में लोगों के समझाने पर परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव को लेकर चले गए।
सुखपुरा चौक निवासी तीन वर्षीय प्रियांशी पुत्री कुलदीप की बुधवार अचानक तबीयत खराब हो गई थी। बुखार तेज होने पर परिजन उसे लेकर पीजीआई लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे वार्ड में भर्ती कर दिया। उपचार के दौरान वीरवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने भर्ती करने के बाद उसकी कोई सुध नहीं ली। कई बार कहने के बाद भी अच्छा उपचार नहीं मिला। उपचार में लापरवाही के कारण ही बच्ची की मौत हो हुई। परिजनों ने चिकित्सकों के खिलाफ हंगामा किया। परिजन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने भी जाने लगे, लेकिन लोगों के समझाने पर उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल के स्टाफ पर पहले भी लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।
विज्ञापन