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रामपाल की पेशी कल, नहीं मिला अभी तक पुलिस को वीसी सिस्टम
Updated Tue, 16 Jan 2018 03:05 AM IST
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सतलोक आश्रम के संत रामपाल की हत्या के मामले में पेशी का मामला ---
रामपाल की पेशी कल, नहीं मिला अभी तक पुलिस को वीसी सिस्टम
: डीएसपी बोले, सुनारिया जेल से आएंगे लेकर, कोर्ट में लगाएंगे दोबारा अर्जी
: दो दिन पहले वीडियो कांफ्रेसिंग सिस्टम न लेकर आने पर कोर्ट ने दिए थे रामपाल को कोर्ट में पेश करने के आदेश
: मामले के प्रथम जांच अधिकारी एएसआई रघुबीर की होनी है गवाही
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हत्या के मामले में करौंथा स्थित सतलोक आश्रम के संचालक संत रामपाल की पेशी बुधवार को एडीजे अश्वनी कुमार की कोर्ट में कैसे पेशी करवाई जाए, इसको लेकर सोमवार को भी पुलिस फैसला नहीं ले सकी। न ही पुलिस अभी तक वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम का जुगाड़ कर सकी है। डीएसपी सदर का कहना है कि सुनारिया जेल प्रशासन से वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम लेने का प्रयास किया जा रहा है। सिस्टम मिलते ही मंगलवार को अदालत में अर्जी लगाई जाएगी।
बता दें कि 2006 में रामपाल समर्थकों और आर्यसमाजियों के बीच तनाव पैदा हो गया था। सतलोक आश्रम के बाहर हुई हिंसा में झज्जर जिले के गांव बाघपुर निवासी सोनू की गोली लगने से मौत हो गई थी। सदर थाने में रामपाल सहित 28 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जिला अदालत में सुनवाई चल रही है। 12 जनवरी को अदालत में मामले की सुनवाई थी। कानून व्यवस्था भंग न हो जाए, इसके चलते पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने हिसार जेल में बंद रामपाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराने की पुलिस को छूट दे रखी थी। पुलिस इसके लिए अपना वीसी सिस्टम लेकर जाती थी, लेकिन 10 नवंबर 2017, 8 दिसंबर 2017 और 12 जनवरी 2018 को पुलिस सिस्टम नहीं लेकर पहुंची। तर्क दिया कि सिस्टम में फाल्ट आया हुआ है। एडीजे केस की सुनवाई करने से इनकार कर दिया। साथ ही हिदायत दी कि 17 जनवरी को रामपाल को अदालत में पेश किया जाए।
प्रथम जांच अधिकारी की गवाही काफी अहम
किसी भी मामले में प्रथम जांच अधिकारी काफी अहम होता है। उसकी गवाही आरोपी की मौजूदगी में होनी चाहिए। इससे आरोपों को न केवल मजबूती मिलती है, बल्कि आरोपी पक्ष के पास यह कहने का मौका नहीं मिलता कि उनकी मौजूदगी में गवाही नहीं हुई। अगर अदालत ने अपने आदेश में रामपाल को सीधे तौर पर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं तो पुलिस को पेश करना पड़ेगा।
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-डॉक्टर दीपक भारद्वाज, पूर्व बार सचिव
रामपाल को हिसार से रोहतक लेकर आने में कानून व्यवस्था की परेशानी आ सकती है। सुनारिया जेल से वीसी सिस्टम लेकर आएंगे। साथ ही मंगलवार को कोर्ट में अर्जी लगाएंगे कि रामपाल की पेशी वीसी सिस्टम के तहत ही की जाए।
- नारायण चंद, डीएसपी सदर
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रामपाल की पेशी कल, नहीं मिला अभी तक पुलिस को वीसी सिस्टम
: डीएसपी बोले, सुनारिया जेल से आएंगे लेकर, कोर्ट में लगाएंगे दोबारा अर्जी
: दो दिन पहले वीडियो कांफ्रेसिंग सिस्टम न लेकर आने पर कोर्ट ने दिए थे रामपाल को कोर्ट में पेश करने के आदेश
: मामले के प्रथम जांच अधिकारी एएसआई रघुबीर की होनी है गवाही
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हत्या के मामले में करौंथा स्थित सतलोक आश्रम के संचालक संत रामपाल की पेशी बुधवार को एडीजे अश्वनी कुमार की कोर्ट में कैसे पेशी करवाई जाए, इसको लेकर सोमवार को भी पुलिस फैसला नहीं ले सकी। न ही पुलिस अभी तक वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम का जुगाड़ कर सकी है। डीएसपी सदर का कहना है कि सुनारिया जेल प्रशासन से वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम लेने का प्रयास किया जा रहा है। सिस्टम मिलते ही मंगलवार को अदालत में अर्जी लगाई जाएगी।
बता दें कि 2006 में रामपाल समर्थकों और आर्यसमाजियों के बीच तनाव पैदा हो गया था। सतलोक आश्रम के बाहर हुई हिंसा में झज्जर जिले के गांव बाघपुर निवासी सोनू की गोली लगने से मौत हो गई थी। सदर थाने में रामपाल सहित 28 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जिला अदालत में सुनवाई चल रही है। 12 जनवरी को अदालत में मामले की सुनवाई थी। कानून व्यवस्था भंग न हो जाए, इसके चलते पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने हिसार जेल में बंद रामपाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराने की पुलिस को छूट दे रखी थी। पुलिस इसके लिए अपना वीसी सिस्टम लेकर जाती थी, लेकिन 10 नवंबर 2017, 8 दिसंबर 2017 और 12 जनवरी 2018 को पुलिस सिस्टम नहीं लेकर पहुंची। तर्क दिया कि सिस्टम में फाल्ट आया हुआ है। एडीजे केस की सुनवाई करने से इनकार कर दिया। साथ ही हिदायत दी कि 17 जनवरी को रामपाल को अदालत में पेश किया जाए।
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प्रथम जांच अधिकारी की गवाही काफी अहम
किसी भी मामले में प्रथम जांच अधिकारी काफी अहम होता है। उसकी गवाही आरोपी की मौजूदगी में होनी चाहिए। इससे आरोपों को न केवल मजबूती मिलती है, बल्कि आरोपी पक्ष के पास यह कहने का मौका नहीं मिलता कि उनकी मौजूदगी में गवाही नहीं हुई। अगर अदालत ने अपने आदेश में रामपाल को सीधे तौर पर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं तो पुलिस को पेश करना पड़ेगा।
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-डॉक्टर दीपक भारद्वाज, पूर्व बार सचिव
रामपाल को हिसार से रोहतक लेकर आने में कानून व्यवस्था की परेशानी आ सकती है। सुनारिया जेल से वीसी सिस्टम लेकर आएंगे। साथ ही मंगलवार को कोर्ट में अर्जी लगाएंगे कि रामपाल की पेशी वीसी सिस्टम के तहत ही की जाए।
- नारायण चंद, डीएसपी सदर