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पांच साल पहले साढ़े छह लाख में खरीदी 10 भैंस, अब रुपये देने से इन्कार
Updated Tue, 27 Jun 2017 02:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक/सांपला। एक व्यक्ति को अपने परिचित पर भरोसा कर दस भैंस उधार बेचना भारी पड़ गया। आरोपी ने भैंस तो खरीद ली लेकिन पांच साल बाद भी रुपये नहीं दिये। इस संबंध में सांपला थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में पाक्समा निवासी राजेश ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। राजेश की काफी समय से अटायल निवासी उकेश के साथ जान पहचान है। जून 2012 को उसने उकेश कुमार और जयसिंह को 6.61 लाख रुपये में 10 भैंस उधार में बेची थी।
राजेश का कहना है कि दोनों ने नवंबर 2012 में रुपये देने का वादा किया था। लेकिन आरोपियों ने नवंबर में राजेश को रुपये नहीं दिये। उकेश ने आश्वासन दिया कि वह 20 मार्च 2013 तक रुपये देगा।
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इसके बाद भी राजेश को रुपये नहीं दिए। पूरा साल रुपये मांगने मेें ही बीत गया। बाद में आरोपियों ने रुपये देने से ही इन्कार कर दिया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर राजेश ने सीएम विंडो में शिकायत की। मगर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद राजेश ने आईजी नवदीप सिंह विर्क कोे शिकायत दी। आईजी के आदेश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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रोहतक/सांपला। एक व्यक्ति को अपने परिचित पर भरोसा कर दस भैंस उधार बेचना भारी पड़ गया। आरोपी ने भैंस तो खरीद ली लेकिन पांच साल बाद भी रुपये नहीं दिये। इस संबंध में सांपला थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में पाक्समा निवासी राजेश ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। राजेश की काफी समय से अटायल निवासी उकेश के साथ जान पहचान है। जून 2012 को उसने उकेश कुमार और जयसिंह को 6.61 लाख रुपये में 10 भैंस उधार में बेची थी।
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राजेश का कहना है कि दोनों ने नवंबर 2012 में रुपये देने का वादा किया था। लेकिन आरोपियों ने नवंबर में राजेश को रुपये नहीं दिये। उकेश ने आश्वासन दिया कि वह 20 मार्च 2013 तक रुपये देगा।
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इसके बाद भी राजेश को रुपये नहीं दिए। पूरा साल रुपये मांगने मेें ही बीत गया। बाद में आरोपियों ने रुपये देने से ही इन्कार कर दिया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर राजेश ने सीएम विंडो में शिकायत की। मगर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद राजेश ने आईजी नवदीप सिंह विर्क कोे शिकायत दी। आईजी के आदेश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।