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कोच सर गए तो ओलंपिक तैयारियों को लगेगा झटका
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 24 Oct 2015 02:15 AM IST
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सर छोटूराम स्टेडियम के कुश्ती कोच का तबादला पानीपत होने पर
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अंतरराष्ट्रीय पहलवान विरोध में उतर आए हैं। ट्रांसफर की सूचना मिलते ही
पहलवान स्टेडियम में धरने पर बैठ गए। खिलाड़ियों ने कोच का तबादला रोकने की
मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कोच का तबादला को गया तो आने वाले नेशनल
गेम्स के अलावा ओलंपिक क्वालीफाई में उनकी तैयारियों को झटका लगेगा। ओलंपिक
तक कोच का तबादला रोकना जरूरी है।
ध्यान रहे कि खेल विभाग की ओर से प्रदेश में बड़े स्तर पर कोचों का तबादला किया गया है। इसी क्रम में सर छोटूराम स्टेडियम के कुश्ती कोच मनदीप का तबादला पानीपत कर दिया गया। शुक्रवार सुबह स्टेडियम में पहुंचे पहलवानों को ट्रांसफर का पता लगा तो वे इसके विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कुश्ती कोच मनदीप कई साल से यहां तैनात हैं और नई-नई तकनीक सिखाते हैं। उनके मार्गदर्शन में ही महिला और पुरुष पहलवानों ने कॉमनवेल्थ के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं। छोटूराम स्टेडियम में लगभग 100 पहलवान प्रैक्टिस करते हैं, जिनमें 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुके हैं। पहलवानों का कहना था कि नेशनल गेम्स आने वाले हैं तो ओलंपिक क्वालीफाई की स्पर्धा भी शुरू होने वाली है। अगर इस समय कोच गए तो पहलवानों को बड़ी परेशानी हो सकती है।
कुश्ती कोच यहां काफी समय से तैनात हैं। उनके कारण ही यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान निकल रहे हैं। कॉमनवेल्थ में कई पदक कोच की नई टेकिभनक के कारण ही मिले हैं। उनका यहां से तबादला किया जाना खिलाड़ियों की प्रतिभा को दबाना होगा।
- सुमन कुंडू, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
अन्य जिलों के मुकाबले यहां काफी अच्छी सुविधाएं पहलवानों को मिलती हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यहां के कोच हैं। उनका तबादला नहीं होना चाहिए।
- साक्षी मलिक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
मैं जिन परिस्थितियों में कुश्ती का खेल खेलती हूं, वह सभी के सामने हैं। मुझे अगर कोई अच्छा कोच नहीं मिलता तो मैं कुश्ती में इतना आगे नहीं बढ़ पाती। अब नेशनल गेम्स होने वाले हैं तो ओलंपिक क्वालीफाई भी शुरू होने हैं और इस समय कोच का तबादला होना ठीक नहीं है।
- नीतू, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
सर छोटूराम स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले सभी पहलवान चाहते हैं कि यहां इस समय मौजूद कुश्ती कोच ही रहें। क्योंकि उनसे बेहतर कोच नहीं मिल सकता है।
- रीना, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
जल्द ही ओलंपिक क्वालीफाईंग के मुकाबले शुरू होंगे। ऐसे में कोच का तबादला होने से नए कोच के साथ पहलवानों का सामंजस्य नहीं बन सकता। इस कारण कोच का तबादला नहीं होना चाहिए।
- दीपक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
ध्यान रहे कि खेल विभाग की ओर से प्रदेश में बड़े स्तर पर कोचों का तबादला किया गया है। इसी क्रम में सर छोटूराम स्टेडियम के कुश्ती कोच मनदीप का तबादला पानीपत कर दिया गया। शुक्रवार सुबह स्टेडियम में पहुंचे पहलवानों को ट्रांसफर का पता लगा तो वे इसके विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कुश्ती कोच मनदीप कई साल से यहां तैनात हैं और नई-नई तकनीक सिखाते हैं। उनके मार्गदर्शन में ही महिला और पुरुष पहलवानों ने कॉमनवेल्थ के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं। छोटूराम स्टेडियम में लगभग 100 पहलवान प्रैक्टिस करते हैं, जिनमें 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुके हैं। पहलवानों का कहना था कि नेशनल गेम्स आने वाले हैं तो ओलंपिक क्वालीफाई की स्पर्धा भी शुरू होने वाली है। अगर इस समय कोच गए तो पहलवानों को बड़ी परेशानी हो सकती है।
कुश्ती कोच यहां काफी समय से तैनात हैं। उनके कारण ही यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान निकल रहे हैं। कॉमनवेल्थ में कई पदक कोच की नई टेकिभनक के कारण ही मिले हैं। उनका यहां से तबादला किया जाना खिलाड़ियों की प्रतिभा को दबाना होगा।
- सुमन कुंडू, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
अन्य जिलों के मुकाबले यहां काफी अच्छी सुविधाएं पहलवानों को मिलती हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यहां के कोच हैं। उनका तबादला नहीं होना चाहिए।
- साक्षी मलिक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
मैं जिन परिस्थितियों में कुश्ती का खेल खेलती हूं, वह सभी के सामने हैं। मुझे अगर कोई अच्छा कोच नहीं मिलता तो मैं कुश्ती में इतना आगे नहीं बढ़ पाती। अब नेशनल गेम्स होने वाले हैं तो ओलंपिक क्वालीफाई भी शुरू होने हैं और इस समय कोच का तबादला होना ठीक नहीं है।
- नीतू, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
सर छोटूराम स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले सभी पहलवान चाहते हैं कि यहां इस समय मौजूद कुश्ती कोच ही रहें। क्योंकि उनसे बेहतर कोच नहीं मिल सकता है।
- रीना, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
जल्द ही ओलंपिक क्वालीफाईंग के मुकाबले शुरू होंगे। ऐसे में कोच का तबादला होने से नए कोच के साथ पहलवानों का सामंजस्य नहीं बन सकता। इस कारण कोच का तबादला नहीं होना चाहिए।
- दीपक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।