फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   controversy on boss movie

अक्षय की बॉस मूवी के गाने पर छिड़ा विवाद, हनी सिंह भी घेरे में

Sun, 06 Oct 2013 12:01 AM IST
रोहतक/ब्यूरो
रोहतक/ब्यूरो Updated Sun, 06 Oct 2013 12:01 AM IST
विज्ञापन
controversy on boss movie
‘मैं हूं बलात्कारी’ गाने से विवादों में घिरे गायक यो यो हनी सिंह एक और गाने के बोल पर फंसते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड फिल्म बॉस में उन्होंने ‘पार्टी ऑल नाइट’ गाना गया है, जिसमें हरियाणवी रैप भी है।
विज्ञापन



इस गाने पर अभिनेता अक्षय कुमार ने डांस किया है। गाने के बोल में हरियाणा के राजकीय पक्षी तीतर को खाने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। इसका विरोध करते हुए अर्थ संस्था के पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। संस्था के निदेशक अजय गोदारा ने उक्त गाने में से तीतर खाने की लाइन हटाने की मांग की है।
विज्ञापन


शनिवार को अर्थ संस्था के निदेशक अजय गोदारा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा और जिला उपायुक्त से मिला। इस दौरान अजय गोदारा, महासचिव सुमित कौशिक और अतुल जैन ने कहा कि एक तरफ जहां हरियाणा सरकार ने काला तीतर के संरक्षण के लिए उसे राजकीय पक्षी घोषित किया हुआ है, वहीं, दूसरी ओर एक बॉलीवुड फिल्म बॉस में मशहूर हीरो अक्षय कुमार और गायक हनी सिंह द्वारा हरियाणवी रैप में तीतर को खाने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साहिल कौशल द्वारा लिखित एवं हनी सिंह द्वारा गाए गए इस गाने के विवादित बोल हैं ‘जिसनै भी पार्टी है करनी आ जाओ मेरे घर के भीतर, दारु लीकर, खाने को है मुर्गा, तीतर।’ गोदारा ने कहा कि जिस प्रकार से अक्षय कुमार और हनी सिंह हरियाणवी लहजे में तीतर को खाने के बारे में कह रहे हैं, उससे उनके हरियाणा के लाखों फैन तीतर को खाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। वहीं, इस लाइन से यह भ्रम भी पैदा हो रहा है कि हरियाणा में तीतर बहुत अधिक खाया जाता है, जबकि तीतर हरियाणा का राजकीय पक्षी घोषित है।



राजकीय पक्षी के संरक्षण पर सरकार गंभीर नहीं
अर्थ संस्था के निदेशक अजय गोदारा ने कहा कि हरियाणा में काले तीतर को राजकीय पक्षी बनाए 36 साल से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन सरकार इनके संरक्षण को लेकर बेपरवाह है। हालत तो यह है कि अब कई इलाकों में तीतर के दर्शन भी दुर्लभ हो गए हैं। आशंका यह है कि शिकार, कम होती वन्य भूमि और कीटनाशक दवाओं के कारण कुछ सालों में यह पक्षी राज्य से लुप्त हो जाएगा। सरकार ने इसके लिए न तो कोई ब्रीडिंग सेंटर खोला है और न ही इनकी गणना के लिए कोई मापदंड तैयार किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed