{"_id":"5f6a50c98ebc3e20426e6f83","slug":"compete-yourself-and-hit-the-target-dc-rohtak-news-rtk5748565104","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद से मुकाबला कर लक्ष्य हासिल करो : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद से मुकाबला कर लक्ष्य हासिल करो : डीसी
विज्ञापन
Compete yourself and hit the target: DC
- फोटो : RohtakCity
अमर उजाला की ओर से जिला स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में मंगलवार को प्रदेश व जिले के प्रथम, द्वितीय व तृतीय टॉपरों को उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने पुरस्कार के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को आडंबरों व चमक-दमक से दूर रहते हुए जीवन में एकाग्रता से लक्ष्य प्राप्त करने का मंत्र भी दिया। यहां जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी भी मौजूद रहीं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पुरस्कार पाने वालों में राज्य व जिला स्तर पर सभी बेटियां हैं। यह अभिभावकों के साथ जिले के लिए भी गौरव की बात है। बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में खुद बेहतर साबित करते हुए टॉप टेन में नाम दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि दूसरों से कभी मुकाबला मत करो। मुकाबला खुद से करो। अपना लक्ष्य तय करो। उसे हासिल करो। दूसरों के लक्ष्य को हासिल करने की होड़ में शामिल न हों। शिक्षा कुछ किताबें पढ़कर अच्छे अंक व नौकरी हासिल करना ही नहीं है। शिक्षा का अर्थ है, विद्यार्थी का समग्र विकास। व्यक्तित्व व चरित्र का विकास करने वाली शिक्षा ही सही मायने में शिक्षा है। यही विद्यार्थी को दूसरों से अलग व आगे ले जाते हैं। हमारा लक्ष्य अच्छा नागरिक बनने पर होना चाहिए। सरकारी स्कूल में पढ़कर भी विद्यार्थी सफल बन सकता है। राज्य व जिले की टॉपर बनी छात्राओं ने यह साबित भी किया है। विद्यार्थी मौजूदा तड़क भड़क के नकली आकर्षण में न फंसें। चमक-दमक कुछ नहीं है। हम सफल होंगे तो हर चीज हमारे पीछे दौड़ेगी। इसी सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ें व सफल बनें। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी ने भी मेधावियों को सराहते हुए भविष्य में सफल बनने के लिए मन लगाकर अध्ययन करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। इससे लक्ष्य हासिल करने में आसानी रहेगी। बगैर लक्ष्य भटकने की संभावना रहती है। बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। जिले में ही नहीं, राज्य स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। यह स्तर बरकरार रखते हुए बेहतर करने पर ध्यान देना होगा।
इन्हें मिला सम्मान
अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में आठ छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसमें तीन कक्षा दसवीं व पांच कक्षा 12वीं से रही। कक्षा दसवीं में 498 अंक पाने वाली अंशु जिले में प्रथम रहने के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर रही। इसके बाद 497 अंक लेकर हिना जिले में दूसरे व 495 अंकों के साथ नेहा तीसरे स्थान पर रही। कक्षा 12वीं में 496 अंकों के साथ आकृति जिले में प्रथम व राज्य में तीसरे, 493 अंकों के साथ मनीषा दूसरे, 490 अंकों के साथ तन्नू व प्रिया तीसरे और 489 अंक लेकर शारदा चौथे स्थान पर रही।
विज्ञापन
उपायुक्त ने छात्राओं की शंकाओं का किया समाधान
विद्यार्थियों के निजी स्कूलों में जाने के छात्रा के सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि सरकारी स्कूलों में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। हम भी वहीं से पढ़कर आए हैं। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए सक्षम योजना चलाई है। ऐसी ही दूसरी सुविधाएं भी हैं। निजी स्कूलों में जाने वाले अपनी मर्जी से जाते हैं। उनके पास संसाधन होते हैं। कुछ लोग दैनिक जीवन पर खर्च होने वाली राशि से अतिरिक्त कमाई होने पर दूसरी सुविधाओं पर खर्च करते हैं। संविधान ने सभी को आजादी का अधिकारी दिया है। इसके तहत कोई भी कहीं भी अध्ययन करना, काम करना या कहने का अधिकार रखता है।
विज्ञापन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पुरस्कार पाने वालों में राज्य व जिला स्तर पर सभी बेटियां हैं। यह अभिभावकों के साथ जिले के लिए भी गौरव की बात है। बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में खुद बेहतर साबित करते हुए टॉप टेन में नाम दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि दूसरों से कभी मुकाबला मत करो। मुकाबला खुद से करो। अपना लक्ष्य तय करो। उसे हासिल करो। दूसरों के लक्ष्य को हासिल करने की होड़ में शामिल न हों। शिक्षा कुछ किताबें पढ़कर अच्छे अंक व नौकरी हासिल करना ही नहीं है। शिक्षा का अर्थ है, विद्यार्थी का समग्र विकास। व्यक्तित्व व चरित्र का विकास करने वाली शिक्षा ही सही मायने में शिक्षा है। यही विद्यार्थी को दूसरों से अलग व आगे ले जाते हैं। हमारा लक्ष्य अच्छा नागरिक बनने पर होना चाहिए। सरकारी स्कूल में पढ़कर भी विद्यार्थी सफल बन सकता है। राज्य व जिले की टॉपर बनी छात्राओं ने यह साबित भी किया है। विद्यार्थी मौजूदा तड़क भड़क के नकली आकर्षण में न फंसें। चमक-दमक कुछ नहीं है। हम सफल होंगे तो हर चीज हमारे पीछे दौड़ेगी। इसी सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ें व सफल बनें। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी ने भी मेधावियों को सराहते हुए भविष्य में सफल बनने के लिए मन लगाकर अध्ययन करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। इससे लक्ष्य हासिल करने में आसानी रहेगी। बगैर लक्ष्य भटकने की संभावना रहती है। बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। जिले में ही नहीं, राज्य स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। यह स्तर बरकरार रखते हुए बेहतर करने पर ध्यान देना होगा।
विज्ञापन
इन्हें मिला सम्मान
अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में आठ छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसमें तीन कक्षा दसवीं व पांच कक्षा 12वीं से रही। कक्षा दसवीं में 498 अंक पाने वाली अंशु जिले में प्रथम रहने के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर रही। इसके बाद 497 अंक लेकर हिना जिले में दूसरे व 495 अंकों के साथ नेहा तीसरे स्थान पर रही। कक्षा 12वीं में 496 अंकों के साथ आकृति जिले में प्रथम व राज्य में तीसरे, 493 अंकों के साथ मनीषा दूसरे, 490 अंकों के साथ तन्नू व प्रिया तीसरे और 489 अंक लेकर शारदा चौथे स्थान पर रही।
विज्ञापन
उपायुक्त ने छात्राओं की शंकाओं का किया समाधान
विद्यार्थियों के निजी स्कूलों में जाने के छात्रा के सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि सरकारी स्कूलों में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। हम भी वहीं से पढ़कर आए हैं। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए सक्षम योजना चलाई है। ऐसी ही दूसरी सुविधाएं भी हैं। निजी स्कूलों में जाने वाले अपनी मर्जी से जाते हैं। उनके पास संसाधन होते हैं। कुछ लोग दैनिक जीवन पर खर्च होने वाली राशि से अतिरिक्त कमाई होने पर दूसरी सुविधाओं पर खर्च करते हैं। संविधान ने सभी को आजादी का अधिकारी दिया है। इसके तहत कोई भी कहीं भी अध्ययन करना, काम करना या कहने का अधिकार रखता है।