फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Bull entered into house fighting in sector two rohtak haryana, Jaipur's contractor will catch govansh

Rohtak News: कार निकालने के लिए खोला गेट, घर में घुस गए 2 सांड़

Tue, 15 Sep 2020 05:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2020 05:30 PM IST
विज्ञापन
Bull entered into house fighting in sector two rohtak haryana, Jaipur's contractor will catch govansh
सडक के बीच में बैठे आवारा पशु। - फोटो : अमर उजाला
रोहतक। शहर के चारों तरफ सड़कों पर घूम रहे गौवंश ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है। शनिवार सुबह सेक्टर 2 में दो सांड़ लड़ते हुए एक मकान के अंदर घुस गए। मकान मालिक ने दरवाजा बंद कर लिया इससे हादसा होने से बच गया। हालात को देखते हुए नगर निगम ने जयपुर की एक एजेंसी को 1290 रुपये प्रति पशु पकड़ने का ठेका देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए सोमवार को वर्क आर्डर जारी किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह में गुरुग्राम से निगम की गाड़ी भी ठीक होकर आ जाएगी। ऐसे में 15 दिन में सड़कों से बेसहारा गौवंश को पकड़कर पहरावर स्थित गौशाला में छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन


सेक्टर 2 निवासी रणबीर राणा ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 9 बजे कार बाहर निकाल रहे थे। गेट खोला ही था कि उसी समय दो सांड़ लड़ते हुए घर के अंदर घुस गए। मैन गेट से अंदर तो चले गए, लेकिन रूम का दरवाजा बंद होने के कारण कमरों में नहीं जा सके। अचानक सांड़ घुसने से घर में हड़कंप मच गया। शोर मचाकर किसी तरह उसने सांड़ बाहर निकाले। अगर गेट के आसपास बच्चे या परिवार के दूसरे सदस्य होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि यह समस्या आज से नहीं, बल्कि काफी पुरानी है।
विज्ञापन


घरों के बाहर खड़ी गाड़ी, बाइक व पौधे तक सुरक्षित नहीं
सेक्टर वासियों ने बताया कि सेक्टरों में घरों के बाहर गाड़ियां भी खड़ी रहती हैं। गाड़ियों में टक्कर मार सांड़ नुकसान कर चुके हैं। बाइकों को गिरा देते हैं। सड़कों पर लगे पौधों को भी खा जाते हैं। पौधों के लिए लोहे के गार्ड भी लगा चुके हैं। लेकिन उनको अपने सींगों के कारण क्षतिग्रस्त कर देते हैं। घरों के बाहर गंदगी तक फैला देते हैं। गांव में भी लोग असुरक्षित हैं ,लेकिन सेक्टर में आवारा पशुओं ने जीना दूभर कर रखा है। यहीं हाल पीजीआई कैँपस के जे-12 क्वार्टर का है। वहां भी आवारा पशुओं के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है। ये घरों के बाहर बैठे रहते हैं। गंदगी फैलाते रहते हैं। बहुत बार समस्या से अवगत करवा चुके फिर भी समस्या का समाधान नही करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

'सेक्टरों के लोग हुए परेशान'

निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही लोगों को इन सब समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग सेक्टरों में इनसे परेशान हो चुके हैं। -रणबीर राणा

कभी कभार तो भारी तादाद में बेसहारा गौवंश दुकान के बाहर आकर बैठ जाता है। लड़ाई के दौरान दुकानों के अंदर न घुस जाए इस बात का डर भी सताए रहता है। -रविंद्र हुड्डा, किरयाणा स्टोर संचालक

घर के बाहर बाइक खड़ी रहती है। दस से ज्यादा बार बाइक के इंडिकेटर बदलवा चुका हूं। सांड़ बाइकों के पास आकर बाइकों को गिरा देते हैं। -सागर

शाम के समय लोग घूमने के लिए घरों के बाहर निकलते हैं तो सड़कों पर आवारा पशुओं की तादाद बहुत ज्यादा होती है। पीछे से टक्कर मारने का डर भी सताता रहता है। -अनुराग परवाना



पीजीआई कैँपस के जे-12 क्वार्टरों का भी सबसे ज्यादा बुरा हाल है। वहां तो आवारा पशुओं ने घरों के बाहर ही डेरा डाल रखा है। -जेके बागड़ी

आमजन भी सड़कों से गुजर रहा होता है और उसी समय भारी तादाद में सांड़ भागने लग जाते है, जिसके कारण बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। -हरि सिंह

प्रयास तो यहीं रहता है कि लोगों को किसी भी समस्या से परेशान नहीं होने दिया जाए। बहुत बार मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन समाधान ही नहीं करवाया जा रहा है। बुजुर्ग व बच्चे अकेले घरों से बाहर नहीं निकल सकते। अधिकारियों से मिलकर जल्द ही समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करूंगा। -कदम सिंह अहलावत, पार्षद वार्ड 11

एक माह पहले निगम ने बेसहारा गौवंश व दूसरे पशुओं को पकड़ने का टेंडर जारी किया था, लेकिन निगम जहां 270 रुपये प्रति पशु दे रहा था, जबकि जयपुर की एक कंपनी 1320 रुपये से ज्यादा मांग रही थी। मामला फंसा हुआ था। पहले तो ठेकेदार से फोन पर बात की। अब शनिवार को उसे रोहतक बुलाया गया। अब ठेकेदार सड़कों से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए 1290 रुपये प्रति पशु लेगा। सोमवार को निगम प्रशासन इसके लिए वर्क आर्डर जारी करेगा। इसके बाद तेजी से बेसहारा पशुओं को सड़कों से पकड़ने का काम शुरू हो जाएगा। -मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
.
एक सप्ताह में सड़कों पर कम बेसहारा गौवंश दिखाई देगा। क्योंकि जयपुर के एक ठेकेदार को 1290 रुपये प्रति पशु पकड़ने का ठेका दिया जाएगा। इसके लिए सोमवार को वर्क आर्डर जारी होंगे। इसके अलावा निगम की गाड़ी भी गुरुग्राम से इसी सप्ताह आ जाएगी। इसके बाद निगम की टीम भी अलग से बेसहारा पशुओं को पकड़कर पहरावर स्थित गौशाला में छोड़ेगी। -प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed