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भाजपा सांसद चोपड़ा बाोले, काले इतिहास को 10 डीएसपी के निलंबन से नहीं धोया जा सकता
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 22 May 2016 02:26 AM IST
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सांसद चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौर हुई आगजनी और हिंसा पर भाजपा से करनाल सांसद अश्वनी चोपड़ा ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जाट आरक्षण आंदोलन की हिंसा के दौरान सरकार कहां थी? सांसद ने कहा कि सूबे के काले इतिहास को 10 डीएसपी के निलंबन से नहीं धोया जा सकता है।
आपात स्थिति में एक्शन लेने का आदेश एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी और मुख्यमंत्री को देना होता है। उन्होंने कहा कि जब तक स्वयं मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोलेंगे तो निचले स्तर पर क्या कार्रवाई होगी? सांसद ने यह भी कहा कि अभी तक रोहतक जो भी आया वह वित्तमंत्री की कोठी को देखने जरूर गया। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री कोठी को कोई ताजमहल नहीं है कि उसे देखने जाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी मजबूती के लिए गैर जाट बिरादरी को अब एक होना होगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण के दौरान जिन्होंने घटनाओं को अंजाम दिया वे उपद्रवी हैं और उनकी कोई जाति या गोत्र नहीं होता। मैं किसी से डर कर राजनीति नहीं करता हूं। अगर आम आदमी के साथ अन्याय हुआ तो सबसे पहले इस्तीफा मैं दूंगा।
सांसद अश्वनी चोपड़ा शनिवार को मेडिकल मोड़ स्थित एक कांप्लेक्स में आरक्षण आंदोलन के दौरान आगजनी के शिकार हुए शहर के व्यापारियों से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने मेडिकल मोड़ और आसपास घूमकर आंदोलन के दौरान हुई आगजनी में जली कारोबारियों की दुकानों का अवलोकन किया और उनसे बातचीत की।
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इस दौरान मीडिया से बातचीत में चोपड़ा ने अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सरकार के ही कुछ मंत्रियों ने सीएम को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि ये मंत्री भी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वे दंगों के दौरान रोहतक आना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्हें आने नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि आरक्षण की आड़ में लुटेरों ने जमकर तांडव मचाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 के दंगों और आजादी से पहले भी ऐसा माहौल नहीं बना था। पाकिस्तान के पंजाब से बंटवारे के दौरान 35 बिरादरी आई और मेहनत के बलबूते पर तरक्की की, जोकि यहां के कुछ लोगों को सहन नहीं हुई। जब सरकार दूसरी बनी तो जानबूझ कर माहौल बिगाड़ दिया गया। ऐसी स्थिति में अब गैर जाट को एकत्रित होना होगा, तभी वह मजबूत होंगे। सांसद ने कहा कि वित्तमंत्री के आवास को ताजमहल बनाया जा रहा है। वे उनके घर नहीं जाएंगे। वे रोहतक आम आदमी का दुख-दर्द बांटने आए हैं।
इस मौके पर भाजपा नेता लवलीन टूटेजा लवली ने सांसद चोपड़ा को बताया कि व्यापारियों की दुकानें जलती रहीं और सरकार ने किसी को नहीं बचाया। जिस प्रकार पांडवों को लाक्ष्यागृह में जलाने की कोशिश की गई, उसी तरह व्यापारियों को शहर में। उन्होंने कहा कि पांडवों के पास तो विदुर थे, लेकिन हमारे पास तो वह भी नहीं थे। इस मौके पर कांता आलडिया, गुलशन डंग, प्रीतम भयाना, मनमोहन आजाद, राहुल जैन, लोकेश जैन आदि उपस्थित रहे।
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आपात स्थिति में एक्शन लेने का आदेश एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी और मुख्यमंत्री को देना होता है। उन्होंने कहा कि जब तक स्वयं मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोलेंगे तो निचले स्तर पर क्या कार्रवाई होगी? सांसद ने यह भी कहा कि अभी तक रोहतक जो भी आया वह वित्तमंत्री की कोठी को देखने जरूर गया। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री कोठी को कोई ताजमहल नहीं है कि उसे देखने जाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी मजबूती के लिए गैर जाट बिरादरी को अब एक होना होगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण के दौरान जिन्होंने घटनाओं को अंजाम दिया वे उपद्रवी हैं और उनकी कोई जाति या गोत्र नहीं होता। मैं किसी से डर कर राजनीति नहीं करता हूं। अगर आम आदमी के साथ अन्याय हुआ तो सबसे पहले इस्तीफा मैं दूंगा।
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सांसद अश्वनी चोपड़ा शनिवार को मेडिकल मोड़ स्थित एक कांप्लेक्स में आरक्षण आंदोलन के दौरान आगजनी के शिकार हुए शहर के व्यापारियों से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने मेडिकल मोड़ और आसपास घूमकर आंदोलन के दौरान हुई आगजनी में जली कारोबारियों की दुकानों का अवलोकन किया और उनसे बातचीत की।
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इस दौरान मीडिया से बातचीत में चोपड़ा ने अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सरकार के ही कुछ मंत्रियों ने सीएम को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि ये मंत्री भी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वे दंगों के दौरान रोहतक आना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्हें आने नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि आरक्षण की आड़ में लुटेरों ने जमकर तांडव मचाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 के दंगों और आजादी से पहले भी ऐसा माहौल नहीं बना था। पाकिस्तान के पंजाब से बंटवारे के दौरान 35 बिरादरी आई और मेहनत के बलबूते पर तरक्की की, जोकि यहां के कुछ लोगों को सहन नहीं हुई। जब सरकार दूसरी बनी तो जानबूझ कर माहौल बिगाड़ दिया गया। ऐसी स्थिति में अब गैर जाट को एकत्रित होना होगा, तभी वह मजबूत होंगे। सांसद ने कहा कि वित्तमंत्री के आवास को ताजमहल बनाया जा रहा है। वे उनके घर नहीं जाएंगे। वे रोहतक आम आदमी का दुख-दर्द बांटने आए हैं।
इस मौके पर भाजपा नेता लवलीन टूटेजा लवली ने सांसद चोपड़ा को बताया कि व्यापारियों की दुकानें जलती रहीं और सरकार ने किसी को नहीं बचाया। जिस प्रकार पांडवों को लाक्ष्यागृह में जलाने की कोशिश की गई, उसी तरह व्यापारियों को शहर में। उन्होंने कहा कि पांडवों के पास तो विदुर थे, लेकिन हमारे पास तो वह भी नहीं थे। इस मौके पर कांता आलडिया, गुलशन डंग, प्रीतम भयाना, मनमोहन आजाद, राहुल जैन, लोकेश जैन आदि उपस्थित रहे।