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सुनील और बिंदर से मिलकर रची काका के चचेरे भाइयों ने साजिश
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 25 Apr 2016 02:19 AM IST
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सुनील और बिंदर से मिलकर रची काका के चचेरे भाइयों ने साजिश
- फोटो : अमर उजाला
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हैफेड के पूर्व चेयरमैन और कारोबारी अशोक उर्फ काका की हत्या की साजिश उनके चचेरे भाइयों मनोज और संजय ने सुनील और बिंदर के साथ मिलकर रची थी। महाजन पड़ाव मोहल्ले में 147 वर्ग गज जमीन है। इस जमीन पर काका के चाचा स्व. श्रीभगवान के दो बेटे मनोज सोनी और संजय सोनी अपना हक जताते रहे हैं। दूसरी ओर, अशोक इस जमीन पर अपना हक जताते थे। इस संपत्ति के लिए दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
आईजी संजय कुमार ने बताया कि जिस जमीन के लिए काका और उनके चचेरे भाइयोें में विवाद था, उस जमीन को संजय और मनोज ने बिंदर और सुनील को बेची थी। जबकि काका पहले ही इस जमीन को किसी और को बेच चुके थे। कई साल से कब्जा नहीं मिलने के कारण बिंदर और सुनील काका के चचेरे भाइयों पर रुपये वापस देने का दबाव बना रहे थे। लेकिन संजय और मनोज इन्हें पैसे नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद बिंदर और सुनील ने काका के चचेरे भाइयों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
प्रशासन से की थी जमीन को अटैच करने की मांग
मामले में दोनों पक्षों ने एसपी शशांक आनंद से शिकायत की थी। एसपी ने बताया कि बाद में दोनोें पक्षों ने पारिवारिक मामला बताते हुए समझौता होने का दावा किया था। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से विवाद उभर आया था। एसपी का कहना है कि इसके बाद एसडीएम को पत्र लिखकर संबंधित जमीन पर धारा 145 लागू करने की मांग की गई थी। इस मामले की अभी जांच की जा रही है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मामले में अगली सुनवाई 4 मई को है।
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बदमाश और हथियारों का इंतजाम भी सुनील-बिंदर ने किया
आईजी संजय कुमार ने बताया कि काका को गोली मारने के लिए बदमाशों का इंतजाम सुनील और बिंदर ने किया था। सुनील और बिंदर की काफी समय से संदीप और रोहित से दोस्ती थी। इसी के चलते तीनों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वारदात वाले दिन तीनों बदमाशों को सुनील और बिंदर ने हथियार मुहैया करवाए थे। यही नहीं तीनों बदमाशों को सुनील ही कार में बैठाकर पार्क के बाहर छोड़कर गया था। हत्या के बाद भी बदमाश पहले सुनील के साथ कार में फरार हुए थे। बाद में जब वह शहर से भागे तो किराये की टैक्सी में गए।
पार्क के बाहर भी खड़ा था एक हथियारबंद
बदमाश काका की हत्या की पूरी तैयारी के साथ पार्क में आए थे। यदि काका किसी तरह से पार्क में तीनों बदमाशों के चंगुल से बच जाते तो एक अन्य आरोपी पार्क के बाहर हथियार के साथ खड़ा था। जो कई दिनों से काका की रेकी कर रहा था। आईजी का कहना है कि पार्क के बाहर खड़े व्यक्ति की फुटेज पुलिस को मिल गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। फरार आरोपियों की लोकेशन तलाशी जा रही है।
विवादित संपत्तियों पर रहती है सुनील-बिंदर की नजर
सुनील और बिंदर की शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में विवादित जमीनों पर नजर रहती है। इनका मकसद ऐसी संपत्तियों पर कब्जा करना होता है। जांच अधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि विवादित जमीन पर कब्जा करने के बाद दोनों को मालिकाना हक जताने वाले पार्टी से कुछ फीसदी हिस्सा मिल जाता है। वैसे दोनों का मूल धंधा फाइनेंस का है। दोनों ने नेहरू कॉलोनी में अपना ऑफिस खोल रखा है। उधर, रोहतक पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में रविवार को भी दिल्ली में छापेमारी की।
संदीप-रोहित ने सुनील का एहसान चुकाने को की काका की हत्या
काका को गोली मारने वाले संदीप और रोहित एक झगड़े में साथ देने के लिए सुनील के एहसानमंद थे। इसी एहसान को चुकाने के लिए उन्होंने काका की हत्या कर दी। मॉडल टाउन चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले संदीप और रोहित का सुनील ने किसी झगड़े में साथ दिया था। इसके बाद से दोनों सुनील के एहसानमंद हो गए। राजवीर सिंह का कहना है कि काका की हत्या के लिए आरोपियों ने एक पैसा नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अन्य के साथ मिलकर एक दिन पहले काका की पार्क में रेकी की थी।
संदीप-रोहित का अपराध की दुनिया में पहला कदम
संदीप और रोहित का अपराध की दुनिया में पहला कदम है। एसआई राजवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों का पिछला कोई भी आपराधिक रिकार्ड सामने नहीं आया है। आरोपियों में शामिल संदीप ने दसवीं तक की पढ़ाई की है, जबकि रोहित कक्षा 4 के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है।
गोली मारने वाले दोनों आरोपियों संदीप और रोहित ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने हत्या के एवज में कोई भी पैसा नहीं लिया है। किसी पुराने झगड़े का एहसान चुकाने के लिए काका की हत्या की है। आरोपियों से उनके साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
- राजबीर सिंह, मॉडल टाउन चौकी प्रभारी
यह है मामला
शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे तीन बदमाशों ने कांग्रेस नेता एवं कारोबारी अशोक कुमार वर्मा उर्फ काका की गोली मार कर हत्या कर दी थी। काका सुबह पार्क में टहलने गए थे। काका को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी बताया जाता है। काका की हत्या के बाद शहर के कारोबारियों में रोष फैल गया था। उन्होंने शनिवार को अपनी दुकानें और संस्थान बंद रखे थे। रविवार को शहर में विरोध प्रदर्शन किया था और सोमवार को शहर बंद का आह्वान भी किया है।
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आईजी संजय कुमार ने बताया कि जिस जमीन के लिए काका और उनके चचेरे भाइयोें में विवाद था, उस जमीन को संजय और मनोज ने बिंदर और सुनील को बेची थी। जबकि काका पहले ही इस जमीन को किसी और को बेच चुके थे। कई साल से कब्जा नहीं मिलने के कारण बिंदर और सुनील काका के चचेरे भाइयों पर रुपये वापस देने का दबाव बना रहे थे। लेकिन संजय और मनोज इन्हें पैसे नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद बिंदर और सुनील ने काका के चचेरे भाइयों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
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प्रशासन से की थी जमीन को अटैच करने की मांग
मामले में दोनों पक्षों ने एसपी शशांक आनंद से शिकायत की थी। एसपी ने बताया कि बाद में दोनोें पक्षों ने पारिवारिक मामला बताते हुए समझौता होने का दावा किया था। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से विवाद उभर आया था। एसपी का कहना है कि इसके बाद एसडीएम को पत्र लिखकर संबंधित जमीन पर धारा 145 लागू करने की मांग की गई थी। इस मामले की अभी जांच की जा रही है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मामले में अगली सुनवाई 4 मई को है।
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बदमाश और हथियारों का इंतजाम भी सुनील-बिंदर ने किया
आईजी संजय कुमार ने बताया कि काका को गोली मारने के लिए बदमाशों का इंतजाम सुनील और बिंदर ने किया था। सुनील और बिंदर की काफी समय से संदीप और रोहित से दोस्ती थी। इसी के चलते तीनों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वारदात वाले दिन तीनों बदमाशों को सुनील और बिंदर ने हथियार मुहैया करवाए थे। यही नहीं तीनों बदमाशों को सुनील ही कार में बैठाकर पार्क के बाहर छोड़कर गया था। हत्या के बाद भी बदमाश पहले सुनील के साथ कार में फरार हुए थे। बाद में जब वह शहर से भागे तो किराये की टैक्सी में गए।
पार्क के बाहर भी खड़ा था एक हथियारबंद
बदमाश काका की हत्या की पूरी तैयारी के साथ पार्क में आए थे। यदि काका किसी तरह से पार्क में तीनों बदमाशों के चंगुल से बच जाते तो एक अन्य आरोपी पार्क के बाहर हथियार के साथ खड़ा था। जो कई दिनों से काका की रेकी कर रहा था। आईजी का कहना है कि पार्क के बाहर खड़े व्यक्ति की फुटेज पुलिस को मिल गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। फरार आरोपियों की लोकेशन तलाशी जा रही है।
विवादित संपत्तियों पर रहती है सुनील-बिंदर की नजर
सुनील और बिंदर की शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में विवादित जमीनों पर नजर रहती है। इनका मकसद ऐसी संपत्तियों पर कब्जा करना होता है। जांच अधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि विवादित जमीन पर कब्जा करने के बाद दोनों को मालिकाना हक जताने वाले पार्टी से कुछ फीसदी हिस्सा मिल जाता है। वैसे दोनों का मूल धंधा फाइनेंस का है। दोनों ने नेहरू कॉलोनी में अपना ऑफिस खोल रखा है। उधर, रोहतक पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में रविवार को भी दिल्ली में छापेमारी की।
संदीप-रोहित ने सुनील का एहसान चुकाने को की काका की हत्या
काका को गोली मारने वाले संदीप और रोहित एक झगड़े में साथ देने के लिए सुनील के एहसानमंद थे। इसी एहसान को चुकाने के लिए उन्होंने काका की हत्या कर दी। मॉडल टाउन चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले संदीप और रोहित का सुनील ने किसी झगड़े में साथ दिया था। इसके बाद से दोनों सुनील के एहसानमंद हो गए। राजवीर सिंह का कहना है कि काका की हत्या के लिए आरोपियों ने एक पैसा नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अन्य के साथ मिलकर एक दिन पहले काका की पार्क में रेकी की थी।
संदीप-रोहित का अपराध की दुनिया में पहला कदम
संदीप और रोहित का अपराध की दुनिया में पहला कदम है। एसआई राजवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों का पिछला कोई भी आपराधिक रिकार्ड सामने नहीं आया है। आरोपियों में शामिल संदीप ने दसवीं तक की पढ़ाई की है, जबकि रोहित कक्षा 4 के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है।
गोली मारने वाले दोनों आरोपियों संदीप और रोहित ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने हत्या के एवज में कोई भी पैसा नहीं लिया है। किसी पुराने झगड़े का एहसान चुकाने के लिए काका की हत्या की है। आरोपियों से उनके साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
- राजबीर सिंह, मॉडल टाउन चौकी प्रभारी
यह है मामला
शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे तीन बदमाशों ने कांग्रेस नेता एवं कारोबारी अशोक कुमार वर्मा उर्फ काका की गोली मार कर हत्या कर दी थी। काका सुबह पार्क में टहलने गए थे। काका को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी बताया जाता है। काका की हत्या के बाद शहर के कारोबारियों में रोष फैल गया था। उन्होंने शनिवार को अपनी दुकानें और संस्थान बंद रखे थे। रविवार को शहर में विरोध प्रदर्शन किया था और सोमवार को शहर बंद का आह्वान भी किया है।