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मस्तनाथ बाबा की पुण्य स्मृति पर तीन दिवसीय मेले का आगाज
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Wed, 16 Mar 2016 02:36 AM IST
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बाबा मस्तनाथ मेले का आगाज
- फोटो : amar ujala
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हाथों में चिमटा और कमंडल। खप्पड़ नागफणी और शंख। कानों में कुंडल और गले में रुद्राक्ष की माला। मुुंह से बस यही आवाज बाबा मस्तनाथ की जय। गुरु गोरखनाथ की जय। यह नजारा मंगलवार को अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ की पुण्य स्मृति में शुरू हुए तीन दिवसीय मेले के पहले दिन देखने को मिला।
देशभर के विभिन्न कोनों से आए नाथ संप्रदाय के हजारों साधु-संत और श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि स्थल और धूणी पर माथा टेका। महंत चांदनाथ ने मंगलवार सुबह आरती के साथ मेले का शुभारंभ किया। पहले दिन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने बाबा मस्तनाथ के समाधि स्थल जाकर माथा टेका। मठ में मेले की तैयारियों का भी जायजा लिया। उनके साथ महंत चैतई नाथ, बालकनाथ, कृष्णनाथ और मोती नाथ थे। मेले के दौरान आरती रोजाना सुबह तीन और शाम साढ़े छह बजे होगी।
प्रवेश के लिए बने पांच द्वार
मठ में प्रवेश के लिए गेट नंबर एक व दो के अलावा चार और पांच को खोल दिया गया है। बोहर गांव की ओर का गेट भी ग्रामीणों की सहूलियत को देखते खोला गया है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। मस्तनाथ संस्थान के सैकड़ों कैडेट्स और पुलिस बल मेले की सुरक्षा में तैनात है। श्रद्धालुओं ने धूणी स्थल पर सवा किलो गुड़ की भेली, सवा रुपये और काला कंबल चढ़ाया। मेला परिसर में झूलों से लेकर अलग-अलग स्टाल पर खूब भीड़ उमड़ रही है। यहां एक जगह नि:शुल्क मेडिकल चेकअप की भी सुविधा दी गई है। मेले में आए राजस्थानी लोक कलाकारों ने अपनी शैली में बाबा के भक्तिगीतों से समां बांधा।
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साधु-संताें से बातचीत
- मेले में अलीगढ़ से आए 104 वर्षीय योगी हरिनाथ ने बताया कि वे हर साल मेले में आते हैं। यहां आकर ध्वजा चढ़ाते हैं। 14 साल की आयु में ही उन्हाेंने वैराग्य धारण कर लिया था। अब पूरा जीवन बाबा मस्तनाथ और गुरु गोरखनाथ की सेवा में लगा दिया है।
- बुलंदशहर के कर्णबास से आए योगी त्रिलोकीनाथ ने आठ साल की आयु में वैराग्य धारण कर लिया। तभी से भगवा वस्त्र धारण किए हैं। इनका बाबा गोरक्षनाथ आश्रम, दादी धाम, गंगाघाट कर्णबास में आश्रम है।
- 13 साल की आयु में वैराग्य धारण करने वाले हरिद्वार से आए सोमवारदास ने बताया कि बचपन से ही अपने को बाबा की पूजा में रमा दिया। हर किसी का जीवन किसी ने किसी उद्देश्य के लिए होता है। मेरा बाबा की सेवा के लिए हुआ।
- नंगे पैर रहने का व्रत लिए हुए आगरा से आए साधु सरूपानंद ने बताया कि 35 साल से अपने को बाबा मस्तनाथ को समर्पित कर दिया है। हर साल इस मेले में आते हैं।
दंगल के लिए पूरी तैयारी
मेले के समापन पर बृहस्पतिवार को दंगल होगा। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मारकंडे आहूजा ने बताया कि आयुर्वेदिक कॉलेज के मैदान पर होने वाले दंगल में पहला इनाम एक लाख रुपये होगा। दूसरा 51 हजार और तीसरा 31 हजार रुपये होगा। मुख्यातिथि बीकानेर सांसद अर्जुन मेघवाल होंगे।
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देशभर के विभिन्न कोनों से आए नाथ संप्रदाय के हजारों साधु-संत और श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि स्थल और धूणी पर माथा टेका। महंत चांदनाथ ने मंगलवार सुबह आरती के साथ मेले का शुभारंभ किया। पहले दिन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने बाबा मस्तनाथ के समाधि स्थल जाकर माथा टेका। मठ में मेले की तैयारियों का भी जायजा लिया। उनके साथ महंत चैतई नाथ, बालकनाथ, कृष्णनाथ और मोती नाथ थे। मेले के दौरान आरती रोजाना सुबह तीन और शाम साढ़े छह बजे होगी।
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प्रवेश के लिए बने पांच द्वार
मठ में प्रवेश के लिए गेट नंबर एक व दो के अलावा चार और पांच को खोल दिया गया है। बोहर गांव की ओर का गेट भी ग्रामीणों की सहूलियत को देखते खोला गया है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। मस्तनाथ संस्थान के सैकड़ों कैडेट्स और पुलिस बल मेले की सुरक्षा में तैनात है। श्रद्धालुओं ने धूणी स्थल पर सवा किलो गुड़ की भेली, सवा रुपये और काला कंबल चढ़ाया। मेला परिसर में झूलों से लेकर अलग-अलग स्टाल पर खूब भीड़ उमड़ रही है। यहां एक जगह नि:शुल्क मेडिकल चेकअप की भी सुविधा दी गई है। मेले में आए राजस्थानी लोक कलाकारों ने अपनी शैली में बाबा के भक्तिगीतों से समां बांधा।
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साधु-संताें से बातचीत
- मेले में अलीगढ़ से आए 104 वर्षीय योगी हरिनाथ ने बताया कि वे हर साल मेले में आते हैं। यहां आकर ध्वजा चढ़ाते हैं। 14 साल की आयु में ही उन्हाेंने वैराग्य धारण कर लिया था। अब पूरा जीवन बाबा मस्तनाथ और गुरु गोरखनाथ की सेवा में लगा दिया है।
- बुलंदशहर के कर्णबास से आए योगी त्रिलोकीनाथ ने आठ साल की आयु में वैराग्य धारण कर लिया। तभी से भगवा वस्त्र धारण किए हैं। इनका बाबा गोरक्षनाथ आश्रम, दादी धाम, गंगाघाट कर्णबास में आश्रम है।
- 13 साल की आयु में वैराग्य धारण करने वाले हरिद्वार से आए सोमवारदास ने बताया कि बचपन से ही अपने को बाबा की पूजा में रमा दिया। हर किसी का जीवन किसी ने किसी उद्देश्य के लिए होता है। मेरा बाबा की सेवा के लिए हुआ।
- नंगे पैर रहने का व्रत लिए हुए आगरा से आए साधु सरूपानंद ने बताया कि 35 साल से अपने को बाबा मस्तनाथ को समर्पित कर दिया है। हर साल इस मेले में आते हैं।
दंगल के लिए पूरी तैयारी
मेले के समापन पर बृहस्पतिवार को दंगल होगा। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मारकंडे आहूजा ने बताया कि आयुर्वेदिक कॉलेज के मैदान पर होने वाले दंगल में पहला इनाम एक लाख रुपये होगा। दूसरा 51 हजार और तीसरा 31 हजार रुपये होगा। मुख्यातिथि बीकानेर सांसद अर्जुन मेघवाल होंगे।