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जांचने भेजी आंसर-की के साथ ही भेज दिए स्टूडेंट के नाम और रोल नंबर
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 22 Jun 2015 02:22 AM IST
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एमडीयू में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच में आरोप कम नहीं हो रहे हैं।
अब खुद एमडीयू प्रशासन की व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है।
एमडीयू की ओर से कॉलेजों में मार्किंग के लिए भेजी गई यूजी कोर्सों की उत्तरपुस्तिकाओं की गोपनीयता ही भंग कर दी गई।
जांचने भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं के साथ ही स्टूडेंट के नाम और रोल नंबर भी भेजे जा रहे हैं।
एमडीयू से 539 कॉलेज संबद्ध हैं।
फिलहाल कॉलेजों में बीए, एमए और बीबीए जैसे कई कोर्सों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है।
लेकिन इस दौरान एमडीयू प्रशासन ने स्टूडेंट्स की गोपनीयता और खुद के सिक्योरिटी सिस्टम धज्जियां उड़ा दी हैं। दरअसल, कॉलेजों में मूल्यांकन के लिए भेजी गई उत्तर पुस्तिकाओं में स्टूडेंट्स के नाम और रोल नंबर की सीट भी भेज दी गई। कॉपी जांच रहे शिक्षकों को स्टूडेंट्स के नाम और रोल नंबर से लेकर उसके सरनेम तक की जानकारी मिल रही है, जो सरासर नियमों के विरुद्घ है। इतनी बड़ी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। खैर जो भी हो, लेकिन इस लापरवाही से होनहार स्टूडेंट्स को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ये है नियम
नियमानुसार, उत्तरपुस्तिका के पहले पेज पर तीन पार्ट बनाए जाते हैं। ‘ए’ पार्ट पर परीक्षा नाम, सेमेस्टर, सब्जेक्ट, परीक्षा की तिथि, सिलेबस कोड, प्रश्न पत्र आईडी और उत्तरपुस्तिका का कोड डाला जाता है। पार्ट ‘बी’ पर उत्तर पुस्तिका कोड और बैग आईडी नंबर आदि की जानकारी भरी जाती है। ‘सी’ पार्ट में स्टूडेंट्स का रोल नंबर, नाम, पिता का नाम और विद्यार्थी के हस्ताक्षर आदि भरना होता है। गोपनीयता बनाए रखने के लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से ‘सी’ पार्ट को उत्तरपुस्तिका से हटाकर उसे अपने पास रखना होता है औैर उसके स्थान पर स्टूडेंट्स की पहचान के लिए एक कोड नंबर जारी किया जाता है। इससे मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को यह पता नहीं चल पाता कि उत्तरपुस्तिका किसकी है। लेकिन एमडीयू प्रशासन ने इस गोपनीयता की खुलेआम धज्जियां उड़ा दी।
इन कोर्सों की कॉपियों का हो रहा मूल्यांकन
फिलहाल में बात करें तो कॉलेजों में बीए, 2,4 व 6 सेमेस्टर, एमए 2, 4 और बीबीए 2,4,6 आदि कोर्सों की कॉपियों का मूल्यांकन बड़े स्तर पर चल रहा है। इनके अलावा भी कई अन्य कोर्सों का मूल्यांकन चल रहा है।
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वर्जन
ऐसा कोई मामला नहीं है। यूजी कोर्सों की पुरानी कॉपियों में नाम और रोल नंबर की जानकारी कॉलेज में जा सकती है। फिर भी इसका पता कराया जाएगा।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू
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अब खुद एमडीयू प्रशासन की व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है।
एमडीयू की ओर से कॉलेजों में मार्किंग के लिए भेजी गई यूजी कोर्सों की उत्तरपुस्तिकाओं की गोपनीयता ही भंग कर दी गई।
जांचने भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं के साथ ही स्टूडेंट के नाम और रोल नंबर भी भेजे जा रहे हैं।
एमडीयू से 539 कॉलेज संबद्ध हैं।
फिलहाल कॉलेजों में बीए, एमए और बीबीए जैसे कई कोर्सों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है।
लेकिन इस दौरान एमडीयू प्रशासन ने स्टूडेंट्स की गोपनीयता और खुद के सिक्योरिटी सिस्टम धज्जियां उड़ा दी हैं। दरअसल, कॉलेजों में मूल्यांकन के लिए भेजी गई उत्तर पुस्तिकाओं में स्टूडेंट्स के नाम और रोल नंबर की सीट भी भेज दी गई। कॉपी जांच रहे शिक्षकों को स्टूडेंट्स के नाम और रोल नंबर से लेकर उसके सरनेम तक की जानकारी मिल रही है, जो सरासर नियमों के विरुद्घ है। इतनी बड़ी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। खैर जो भी हो, लेकिन इस लापरवाही से होनहार स्टूडेंट्स को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ये है नियम
नियमानुसार, उत्तरपुस्तिका के पहले पेज पर तीन पार्ट बनाए जाते हैं। ‘ए’ पार्ट पर परीक्षा नाम, सेमेस्टर, सब्जेक्ट, परीक्षा की तिथि, सिलेबस कोड, प्रश्न पत्र आईडी और उत्तरपुस्तिका का कोड डाला जाता है। पार्ट ‘बी’ पर उत्तर पुस्तिका कोड और बैग आईडी नंबर आदि की जानकारी भरी जाती है। ‘सी’ पार्ट में स्टूडेंट्स का रोल नंबर, नाम, पिता का नाम और विद्यार्थी के हस्ताक्षर आदि भरना होता है। गोपनीयता बनाए रखने के लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से ‘सी’ पार्ट को उत्तरपुस्तिका से हटाकर उसे अपने पास रखना होता है औैर उसके स्थान पर स्टूडेंट्स की पहचान के लिए एक कोड नंबर जारी किया जाता है। इससे मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को यह पता नहीं चल पाता कि उत्तरपुस्तिका किसकी है। लेकिन एमडीयू प्रशासन ने इस गोपनीयता की खुलेआम धज्जियां उड़ा दी।
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इन कोर्सों की कॉपियों का हो रहा मूल्यांकन
फिलहाल में बात करें तो कॉलेजों में बीए, 2,4 व 6 सेमेस्टर, एमए 2, 4 और बीबीए 2,4,6 आदि कोर्सों की कॉपियों का मूल्यांकन बड़े स्तर पर चल रहा है। इनके अलावा भी कई अन्य कोर्सों का मूल्यांकन चल रहा है।
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ऐसा कोई मामला नहीं है। यूजी कोर्सों की पुरानी कॉपियों में नाम और रोल नंबर की जानकारी कॉलेज में जा सकती है। फिर भी इसका पता कराया जाएगा।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू