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43 दिन, 44 लाभार्थी, 35 गिरफ्तारियां, 4 स्टेटस रिपोर्ट और परीक्षा रद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 16 Jun 2015 02:27 AM IST
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एआईपीएमटी पेपर लीक। 4 मई को रोहतक पुलिस के खुलासे ने देशभर में हड़कंप मचा दिया।
4 गिरफ्तारियों के साथ रोहतक आईजी ने खुलासा किया कि सीबीएसई की ओर से कराई गई परीक्षा का परचा लीक हुआ।
देशभर में कई सेंटर पर ब्लूटूथ अंडर गारमेंट्स के जरिए गिरोह ने अपने उम्मीदवारों तक आंसर-की पहुंचाई। परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में पेपर रद करने की याचिका लगाई।
रोहतक पुलिस ने मजबूती से अपना पक्ष और 4 स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में रखीं। आखिरकार लगातार सुनवाई के बाद देश की सबसे बड़ी अदालत ने पेपर रद कर दिया।
फैसले के साथ ही देशभर में फैले पेपर लीक कराने वाले गिरोह का मकड़जाल भी टूट गया। पूरे देश से रोहतक पुलिस को बधाई मिल रहीं हैं। लेकिन गिरोह का सरगना रोहतक जिले के गांव मदीना निवासी रूप कुमार दांगी अब भी गिरफ्त से बाहर है। दांगी को पकड़ना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 44 ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई है जिन्होंने सीधे तौर पर पेपर लीक मामले में फायदा उठाया। हरियाणा के अलावा, यूपी, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अलग अलग प्रदेशों में छापे मारी की।
स्टेटस रिपोर्ट पर बढ़ता गया भरोसा
मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। पुलिस ने 21 मई को कोर्ट में पहली स्टेटस रिपोर्ट पेश की। अब तक की कार्रवाई में हुए खुलासे के बारे में बताया। बताया कि कैसे फर्जी आईडी पर 75 सिम ले 700 से अधिक छात्रों तक आंसर-की पहुंचाई गईं। दूसरी स्टेटर रिपोर्ट 26 मई को पेश की गई। लेकिन इसमें कोर्ट ने फिलहाल पेपर रद करने से इंकार कर दिया और कहा कि पुलिस तेजी से जांच करे और उन परीक्षार्थियों तक पहुंचे, जिन्होंने गिरोह के साथ मिलकर इसका लाभ उठाया। इसके बाद 3 जून को आईजी श्रीकांत जाधव स्टेटस रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश हुए। मजबूती से पक्ष रखा गया। कोर्ट ने अभी तक की जांच पर संतुष्टि जताते हुए रिजल्ट पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई में 12 जून को फाइनल स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया कि अभी तक कुल 35 गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस ने उन 44 लोगों की फेहरिस्त भी तैयार की है, जिन्होंने लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। किस तरह गिरोह के सरगना रूप कुमार दांगी ने राजस्थान के बहरोड में बैठकर एक घंटे में अपनी टीम से पेपर सॉल्व कराया और ब्लूटूथ डिवाइस से पूरे देश में 10 सेंटरों पर पहुंचाया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और 15 जून को पेपर रद कर दिया।
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देश भर से मिल रही बधाईयां
इस निर्णय के बाद रोहतक पुलिस को देश भर से बधाईयां मिल रही हैं। अभ्यर्थियों और अभिभावकों के साथ आम लोगों की ओर से भी आईजी श्रीकांत यादव, डीएसपी अमित भाटिया सहित रोहतक पुलिस को बधाईयां दी जा रही हैं।
और किसी को नहीं बनने देंगे दांगी
यह पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। हमने पूरे जाल को तोड़ा है। हमारी कोशिश रहेगी कि अब कोई रूप कुमार दांगी बच्चों और देश केभविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए पैदा नहीं होने देंगे। हमारी चुनौतियां बढ़ गई हैं। श्रीकांत जाधव, आईजी, रोहतक रेंज।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
एआईपीएमटी रद के संबंध में इनपुट ...
- 3 मई को हुई थी परीक्षा
- 4 मई को आंसर की लीक होने का खुलासा, पहले दिन दो डॉक्टर सहित चार लोग पकड़े गए। इनसे आंसर की और ब्लू टूथ लगे डिवाइस बरामद किए गए। मुख्य सरगना रूप कुमार दांगी अभी भी गिरफ्त से बाहर।
- रोहतक पुलिस ने 17 टीमें गठित कर हरियाणा सहित कई राज्यों में जांच शुरू की।
- पुलिस अब तक विभिन्न राज्यों से 35 छात्रों सहित डॉक्टरों को गिरफ्तार कर चुकी है।
- आंसर-की का प्रयोग करने वाले 10 छात्र और 3 छात्राएं गिरफ्तार, एक छात्रा को जमानत भी।
- पुलिस का कहना है कि प्रत्येक विद्यार्थी से 15-30 लाख रुपए लिए गए
- पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक 44 विद्यार्थियों ने आंसर-की का प्रयोग किया।
- पुलिस ने छात्रों को ट्रेस करके उनसे नकल में उपयोग 21 हाईटेक उपकरण बरामद किए
- आंसर-की राजस्थान के बहरोड में एक होटल में तैयार की गई। महज 15 मिनट में 6 एक्सपर्ट ने तैयार की थी आंसर की।
- आंसर की ब्लू टूथ अंडर गारमेंट के जरिए सिलीगुड़ी, रोहतक, अजमेर, भोपाल, देहरादून, चंडीगढ़ और जमशेदपुर भेजी गई।
- 12 मई को दिल्ली निवासी कुछ अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में एआईपीएमटी रद करने की याचिका दायर की।
- 18 मई को याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने सीबीएसई और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी किया।
- 26 मई को हरियाणा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट ने कहा कि जब तक लाभार्थियों का पता नहीं चल जाता परीक्षा रद नहीं कर सकते।
- 3 जून को हरियाणा पुलिस ने फिर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर न्यायालय को अब तक की कार्रवाई से अवगत करवाया। कोर्ट ने सीबीएसई को 10 जून तक परिणाम न घोषित करने के निर्देश दिए।
- 5 जून को पुलिस ने मुख्य आरोपी रूप सिंह दांगी पर एक लाख का इनाम घोषित किया।
- 8 जून को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा परिणाम रोकने की तिथि बढ़ाकर 10 से 12 जून की।
- 8 जून को मामले में पुलिस ने हिसार रेंज के पांचों जिलों में कई जगह दबिश दी। प्रारंभिक तौर पर 16 लोगों को संदेह के दायरे में लिया है। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। रेंज के पांचों जिलों की टीम को बिहार भेजा गया।
- 11 जून को सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई कि एआईपीएमटी रद न करें।
- 12 जून को रोहतक पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने परीक्षा परिणाम घोषित करने पर लगी रोक 15 जून तक बढ़ाने के साथ ही फैसला सुरक्षित रख लिया।
- 15 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एआईपीएमटी रद करते हुए सीबीएसई को चार सप्ताह में फिर से परीक्षा करवाने को कहा।
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4 गिरफ्तारियों के साथ रोहतक आईजी ने खुलासा किया कि सीबीएसई की ओर से कराई गई परीक्षा का परचा लीक हुआ।
देशभर में कई सेंटर पर ब्लूटूथ अंडर गारमेंट्स के जरिए गिरोह ने अपने उम्मीदवारों तक आंसर-की पहुंचाई। परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में पेपर रद करने की याचिका लगाई।
रोहतक पुलिस ने मजबूती से अपना पक्ष और 4 स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में रखीं। आखिरकार लगातार सुनवाई के बाद देश की सबसे बड़ी अदालत ने पेपर रद कर दिया।
फैसले के साथ ही देशभर में फैले पेपर लीक कराने वाले गिरोह का मकड़जाल भी टूट गया। पूरे देश से रोहतक पुलिस को बधाई मिल रहीं हैं। लेकिन गिरोह का सरगना रोहतक जिले के गांव मदीना निवासी रूप कुमार दांगी अब भी गिरफ्त से बाहर है। दांगी को पकड़ना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 44 ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई है जिन्होंने सीधे तौर पर पेपर लीक मामले में फायदा उठाया। हरियाणा के अलावा, यूपी, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अलग अलग प्रदेशों में छापे मारी की।
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स्टेटस रिपोर्ट पर बढ़ता गया भरोसा
मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। पुलिस ने 21 मई को कोर्ट में पहली स्टेटस रिपोर्ट पेश की। अब तक की कार्रवाई में हुए खुलासे के बारे में बताया। बताया कि कैसे फर्जी आईडी पर 75 सिम ले 700 से अधिक छात्रों तक आंसर-की पहुंचाई गईं। दूसरी स्टेटर रिपोर्ट 26 मई को पेश की गई। लेकिन इसमें कोर्ट ने फिलहाल पेपर रद करने से इंकार कर दिया और कहा कि पुलिस तेजी से जांच करे और उन परीक्षार्थियों तक पहुंचे, जिन्होंने गिरोह के साथ मिलकर इसका लाभ उठाया। इसके बाद 3 जून को आईजी श्रीकांत जाधव स्टेटस रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश हुए। मजबूती से पक्ष रखा गया। कोर्ट ने अभी तक की जांच पर संतुष्टि जताते हुए रिजल्ट पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई में 12 जून को फाइनल स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया कि अभी तक कुल 35 गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस ने उन 44 लोगों की फेहरिस्त भी तैयार की है, जिन्होंने लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। किस तरह गिरोह के सरगना रूप कुमार दांगी ने राजस्थान के बहरोड में बैठकर एक घंटे में अपनी टीम से पेपर सॉल्व कराया और ब्लूटूथ डिवाइस से पूरे देश में 10 सेंटरों पर पहुंचाया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और 15 जून को पेपर रद कर दिया।
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देश भर से मिल रही बधाईयां
इस निर्णय के बाद रोहतक पुलिस को देश भर से बधाईयां मिल रही हैं। अभ्यर्थियों और अभिभावकों के साथ आम लोगों की ओर से भी आईजी श्रीकांत यादव, डीएसपी अमित भाटिया सहित रोहतक पुलिस को बधाईयां दी जा रही हैं।
और किसी को नहीं बनने देंगे दांगी
यह पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। हमने पूरे जाल को तोड़ा है। हमारी कोशिश रहेगी कि अब कोई रूप कुमार दांगी बच्चों और देश केभविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए पैदा नहीं होने देंगे। हमारी चुनौतियां बढ़ गई हैं। श्रीकांत जाधव, आईजी, रोहतक रेंज।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
एआईपीएमटी रद के संबंध में इनपुट ...
- 3 मई को हुई थी परीक्षा
- 4 मई को आंसर की लीक होने का खुलासा, पहले दिन दो डॉक्टर सहित चार लोग पकड़े गए। इनसे आंसर की और ब्लू टूथ लगे डिवाइस बरामद किए गए। मुख्य सरगना रूप कुमार दांगी अभी भी गिरफ्त से बाहर।
- रोहतक पुलिस ने 17 टीमें गठित कर हरियाणा सहित कई राज्यों में जांच शुरू की।
- पुलिस अब तक विभिन्न राज्यों से 35 छात्रों सहित डॉक्टरों को गिरफ्तार कर चुकी है।
- आंसर-की का प्रयोग करने वाले 10 छात्र और 3 छात्राएं गिरफ्तार, एक छात्रा को जमानत भी।
- पुलिस का कहना है कि प्रत्येक विद्यार्थी से 15-30 लाख रुपए लिए गए
- पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक 44 विद्यार्थियों ने आंसर-की का प्रयोग किया।
- पुलिस ने छात्रों को ट्रेस करके उनसे नकल में उपयोग 21 हाईटेक उपकरण बरामद किए
- आंसर-की राजस्थान के बहरोड में एक होटल में तैयार की गई। महज 15 मिनट में 6 एक्सपर्ट ने तैयार की थी आंसर की।
- आंसर की ब्लू टूथ अंडर गारमेंट के जरिए सिलीगुड़ी, रोहतक, अजमेर, भोपाल, देहरादून, चंडीगढ़ और जमशेदपुर भेजी गई।
- 12 मई को दिल्ली निवासी कुछ अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में एआईपीएमटी रद करने की याचिका दायर की।
- 18 मई को याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने सीबीएसई और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी किया।
- 26 मई को हरियाणा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट ने कहा कि जब तक लाभार्थियों का पता नहीं चल जाता परीक्षा रद नहीं कर सकते।
- 3 जून को हरियाणा पुलिस ने फिर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर न्यायालय को अब तक की कार्रवाई से अवगत करवाया। कोर्ट ने सीबीएसई को 10 जून तक परिणाम न घोषित करने के निर्देश दिए।
- 5 जून को पुलिस ने मुख्य आरोपी रूप सिंह दांगी पर एक लाख का इनाम घोषित किया।
- 8 जून को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा परिणाम रोकने की तिथि बढ़ाकर 10 से 12 जून की।
- 8 जून को मामले में पुलिस ने हिसार रेंज के पांचों जिलों में कई जगह दबिश दी। प्रारंभिक तौर पर 16 लोगों को संदेह के दायरे में लिया है। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। रेंज के पांचों जिलों की टीम को बिहार भेजा गया।
- 11 जून को सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई कि एआईपीएमटी रद न करें।
- 12 जून को रोहतक पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने परीक्षा परिणाम घोषित करने पर लगी रोक 15 जून तक बढ़ाने के साथ ही फैसला सुरक्षित रख लिया।
- 15 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एआईपीएमटी रद करते हुए सीबीएसई को चार सप्ताह में फिर से परीक्षा करवाने को कहा।