एबीवीपी ने टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित पुस्तक मेले में लगे फ्लैक्सों पर कालिख पोतकर विश्वविद्यालय प्रशासन व कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने विवि खोलने पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की। बाद में डीन प्रो. राजकुमार ने छात्रों के समक्ष आकर विश्वविद्यालय एक सप्ताह में छात्रों के लिए पूर्णता खोलने का विश्वास दिलाया।
परिषद कार्यकर्ताओं सोमवार को विश्वविद्यालय के टैगोर ऑडिटोरियम पहुंचे। यहां पुस्तक मेले के फ्लैक्सों पर कालिख पोतकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। प्रदेश सह-मंत्री एवं एमडीयू इकाई अध्यक्ष सन्नी नारा ने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालय खोलने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय खोलने चिंता न करके यहां कार्यक्रमों में व्यस्त है। इसका छात्रों को कोई लाभ नहीं हो रहा है। विश्वविद्यालय बंद है। यहां कोई छात्र उपस्थित ही नहीं है। ऐसे पुस्तक मेले एवं योगा कार्यक्रम किसके लिए कराए जा रहे हैं, यह अपने आपमें बड़ा सवाल है। यह बहुत ही शर्म की बात है। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस प्रकार के कार्यक्रमों से ध्यान हटाकर विश्वविद्यालय खोलने के लिए अपने संसाधनों का प्रयोग करना चाहिए ताकि छात्रों का भला हो सके। छात्रों का विरोध देखकर डीन मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्हें एक सप्ताह में विश्वविद्यालय को खोलने का आश्वासन दिया। इसे बारे में सोमवार को विश्वविद्यालय में बैठक होने की भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्दी ही कैंपस खोलने के लिए नोटिस जारी करेगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने टैगोर सभागार का मुख्य द्वार खोला। एमडीयू इकाई मंत्री सुधीर घनघस ने कहा कि यह विद्यार्थी परिषद के लंबे संघर्ष की जीत है। विद्यार्थी परिषद यह लड़ाई आर पार लड़ने के मूड में था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगें मान कर विद्यार्थी हित में कदम उठाया है। इस मौके पर विनय मलिक गांधी, हरिओम पंडित, निखिल अमन, केवल दहिया, निखिल गिझी, मीनू धनखड़ मौजूद रही।