फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   A horse dies from Glanders bacteria.

ग्लैंडर्स बैक्टीरिया से एक घोड़े की मौत

Wed, 06 Nov 2019 02:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 02:36 AM IST
विज्ञापन
A horse dies from Glanders bacteria.
ग्लैंडर्स बैक्टीरिया ने एक बार फिर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की नींद तोड़ दी है। जिले के अस्तबल में इस बैक्टीरिया से बीमार एक घोडे़ ने हिसार में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। हिसार से मिली सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने घोड़ा पालक के मालिक व उसके एक साथी के जांच सैंपल भर लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक स्वास्थ्य विभाग ने दोनों पशुपालकों को आईसोलेट कर दिया है, ताकि बैक्टीरिया किसी को अपना शिकार न बना सके।
विज्ञापन

शहर के आउटर एरिया में एक अस्तबल में एक घोड़ा बीमार चल रहा था, जब उपचार के बाद घोडे़ की तबीयत में सुधार नहीं आया तो उसे हिसार भेजा गया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान घोडे़ ने दम तोड़ दिया है। मृतक घोडे़ को ग्लैंडर्स बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि घोडे़ को इस बैक्टीरिया के चलते शरीर के अंदर रक्त स्त्राव हो गया था और उसकी मौत हो गई। अब स्वास्थ्य विभाग को अंदेशा है कि घोडे़ का ग्लैंडर्स बैक्टीरिया इंसान को भी प्रभावित कर सकता है। इसके चलते घोडे़ के साथ रहे दो व्यक्तियों के जांच सैंपल लिए गए हैं।
विज्ञापन

एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे संक्रमित होने पर व्यक्ति का नाक बहना, जुकाम, वायरल फीवर जैसे लक्षण आते हैं और डॉक्टर सामान्य बीमारी का उपचार करता है। इस दौरान मरीज को आंतरिक ब्लीडिंग हो सकती है और स्थिति गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिसार से एक घोडे़ को ग्लैंडर्स बैक्टीरिया के चलते मौत की रिपोर्ट आई है, यह घोड़ा रोहतक से था। इस रिपोर्ट के आधार पर उसके मालिक व उसके साथ रहने वाले के ब्लड सैंपल लिए गए हैं और उन्हें जांच रिपोर्ट आने तक सबसे अलग रहने को कहा है। इससे बैक्टीरिया अन्य लोगों को नहीं फैलेगा। दोनों की जांच रिपोर्ट 48 घंटे में आ जाएगी।

- डॉ. विवेक मोर, जिला महामारी विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग
यह है ग्लैंडर्स
ग्लैंडर्स एक संक्रामक बीमारी है, यह मुख्य रूप से घोड़ों, खच्चरों और गधों में होती है। यह कुत्ते, बिल्लियों, बकरियों और मनुष्यों को भी हो सकती है। यह समस्या अगस्त 2018 में भी सामने आई थी और इसके शिकार तीन घोड़ों को वेटनरी विभाग की ओर से मार दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed