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कर्मचारी यूनियन ने शहर में किया प्रदर्शन
Rohtak
Updated Tue, 19 Nov 2013 05:45 AM IST
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रोहतक। मांगों को लेकर ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारी मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। मानसरोवर पार्क में यूनियन के जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की स्वीकृत मांगों को लागू करने की बजाए जनसेवा के सरकारी विभागों में शोषण पर आधारित आउटसोर्सिंग की नीतियां लागू कर रही हैं। इसके कारण रोजगार का चेहरा बदल गया है। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है न ही सामाजिक सुरक्षा के लाभ ईपीएफ, ईएसआई, वर्कमैन मुआवजा, ग्रेचुएटी पेंशन व एक्सग्रेसिया प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारी हैं। कर्मचारियों ने ज्ञापन में सरकार से मांग की कि सभी कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर वेतनमान व भत्ते दिए जाएं, चौथे दर्जे के तकनीकी कर्मचारियों और भवन व सड़क शाखा के कर्मचारियों के लिए वेतन में सुधार हो, पुरानी एक्सग्रेसिया नीति लागू की जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाई जाए, दैनिक वेतन सेवा का लाभ सेवानिवृत्ति के समय जोड़कर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों को दिलबाग अहलावत, रोडवेज के डिपो प्रधान आनंद खिडवाली, बिजली बोर्ड के मंगलसैन, जनस्वास्थ्य विभाग के धर्मबीर नांदल, श्रीपाल, सतबीर शर्मा, सुरेश, रामफल, राजवीर, संजीव, राजपाल कुंडू, सत्यवान और कृष्णवीर आदि ने भी संबोधित किया।
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सोमवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारी मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। मानसरोवर पार्क में यूनियन के जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की स्वीकृत मांगों को लागू करने की बजाए जनसेवा के सरकारी विभागों में शोषण पर आधारित आउटसोर्सिंग की नीतियां लागू कर रही हैं। इसके कारण रोजगार का चेहरा बदल गया है। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है न ही सामाजिक सुरक्षा के लाभ ईपीएफ, ईएसआई, वर्कमैन मुआवजा, ग्रेचुएटी पेंशन व एक्सग्रेसिया प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारी हैं। कर्मचारियों ने ज्ञापन में सरकार से मांग की कि सभी कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर वेतनमान व भत्ते दिए जाएं, चौथे दर्जे के तकनीकी कर्मचारियों और भवन व सड़क शाखा के कर्मचारियों के लिए वेतन में सुधार हो, पुरानी एक्सग्रेसिया नीति लागू की जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाई जाए, दैनिक वेतन सेवा का लाभ सेवानिवृत्ति के समय जोड़कर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों को दिलबाग अहलावत, रोडवेज के डिपो प्रधान आनंद खिडवाली, बिजली बोर्ड के मंगलसैन, जनस्वास्थ्य विभाग के धर्मबीर नांदल, श्रीपाल, सतबीर शर्मा, सुरेश, रामफल, राजवीर, संजीव, राजपाल कुंडू, सत्यवान और कृष्णवीर आदि ने भी संबोधित किया।
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