{"_id":"25ad36412497bb9063fa11432bc6c71e","slug":"50-thausant-television-become-box-cable-sut-down-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 50 हजार घरों में टीवी बना डिब्बा, बिना सेट टॉप बॉक्स केबल ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 50 हजार घरों में टीवी बना डिब्बा, बिना सेट टॉप बॉक्स केबल ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 04 Feb 2016 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में 50 हजार घरों में
विज्ञापन
केबल कनेक्शन और टीवी ठप हो गए हैं। प्रशासन के एनालॉग केबल सिस्टम बंद
कराने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है।
अब केवल उनके यहां ही केबल चलेगा, जिनके यहां सेट टॉप बॉक्स लगे हुए हैं। अभी शहर में केवल 50 हजार उपभोक्ताओं के घरों में ही सेट टॉप बॉक्स लगाए गए हैं। अन्य उपभोक्ता आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एक साथ 1500 रुपये देकर सेट टॉप बॉक्स लगवाने से बच रहे हैं। अब वे केबल देखने से वंचित रह सकते हैं और उनका टीवी बिना केबल कनेक्शन के डिब्बा बनता दिख रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबल को पूरी तरह से डिजिटल करने के आदेश जारी किए थे। सभी चैनलों का डिजिटल प्रसारण हो सके, इसके लिए सभी घरों में सेट टॉप बाक्स लगाना जरूरी कर दिया गया है। यह केवल इसलिए किया गया था कि सरकार के पास केबल कनेक्शन की सही संख्या पहुंचे और पूरा टैक्स वसूला जा सके।
अभी शहर में लगभग 50 हजार उपभोक्ताओं ने सेट टॉप बाक्स नहीं लगाए हैं। केबल ऑपरेटर संघ के प्रधान और पार्षद संजय सैनी, सचिव धर्मपाल सैनी, कोषाध्यक्ष रविंद्र राठी के अनुसार अब इन उपभोक्ताओं के यहां सेट टॉप बॉक्स लगाने में इनकी आर्थिक तंगी आड़े आ रही है।
इसके बावजूद प्रशासन ने अभी तक चल रहे एनालॉग केबल सिस्टम को बंद करा दिया। एनालॉग केबल सिस्टम बंद होते ही इन उपभोक्ताओं के घरों में सिगनल पहुंचने बंद हो गए। अब केबल ऑपरेटरों की परेशानी भी बढ़ गई है, क्योंकि उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या पूरी तरह से उन पर डाल दी है।
यूं समझें डिजिटल और एनालॉग केबल सिस्टम
केबल ऑपरेटरों के अनुसार डिजिटल केबल सिस्टम में कंट्रोल रूम में लगने वाले बॉक्स से लेकर उनकी फ्रीक्वेंसी तक डिजिटल होती है। उनकी फ्रीक्वेंसी डिजिटल होती है तो सिग्नल भी डिजिटल ही रहते हैं, जो केवल सेट टॉप बाक्स के सहारे ही टीवी में पहुंच सकते हैं।
अगर सेट टॉप बाक्स नहीं लगाया जाता है तो उन सिग्नल से टीवी में पिक्चर नहीं आती है। वहीं एनालॉग सिस्टम में कंट्रोल रूम से लेकर फ्रीक्वेंसी व सिग्नल भी एनालॉग ही रहते है। इसमें सेट टॉप बाक्स की जरूरत नहीं होती और टीवी में सीधा केबल का तार लगाते ही पिक्चर आनी शुरू हो जाती है।
केबल ऑपरेटरों ने एसडीएम के सामने जताया रोष
शहर के केबल ऑपरेटर संजय सैनी, धर्मपाल सैनी, रविंद्र राठी, बिट्टू, संदीप, जुगनू और अन्य ने एनालॉग केबल सिस्टम अचानक बंद कराने पर बुधवार को एसडीएम के पास पहुंचकर रोष जताया। केबल ऑपरेटरों का आरोप है कि हाईकोर्ट से 29 फरवरी तक का स्टे मिला हुआ है, लेकिन प्रशासन एनालॉग केबल नहीं चलने दे रहा है।
हाईकोर्ट का आदेश दिखाते हुए एसडीएम कोर्ट में केबल सिस्टम चलवाने के लिए याचिका भी डाली थी, लेकिन उस पर भी विचार नहीं किया जा रहा है।
सरकार के आदेशों के अनुसार केबल ऑपरेटरों को समय दिया गया था ताकि वे सभी उपभोक्ताओं के यहां सेट टॉप बाक्स लगा सकें। अब समय निकलने पर एनालॉग केबल बंद करा दिया गया। केबल ऑपरेटर यदि हाईकोर्ट के आदेश की बात कह रहे हैं तो वे कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं। वहां से कोई आदेश आता है तो उस पर काम किया जाएगा।
दलबीर सिंह फौगाट, एसडीएम, रोहतक।
अब केवल उनके यहां ही केबल चलेगा, जिनके यहां सेट टॉप बॉक्स लगे हुए हैं। अभी शहर में केवल 50 हजार उपभोक्ताओं के घरों में ही सेट टॉप बॉक्स लगाए गए हैं। अन्य उपभोक्ता आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एक साथ 1500 रुपये देकर सेट टॉप बॉक्स लगवाने से बच रहे हैं। अब वे केबल देखने से वंचित रह सकते हैं और उनका टीवी बिना केबल कनेक्शन के डिब्बा बनता दिख रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबल को पूरी तरह से डिजिटल करने के आदेश जारी किए थे। सभी चैनलों का डिजिटल प्रसारण हो सके, इसके लिए सभी घरों में सेट टॉप बाक्स लगाना जरूरी कर दिया गया है। यह केवल इसलिए किया गया था कि सरकार के पास केबल कनेक्शन की सही संख्या पहुंचे और पूरा टैक्स वसूला जा सके।
अभी शहर में लगभग 50 हजार उपभोक्ताओं ने सेट टॉप बाक्स नहीं लगाए हैं। केबल ऑपरेटर संघ के प्रधान और पार्षद संजय सैनी, सचिव धर्मपाल सैनी, कोषाध्यक्ष रविंद्र राठी के अनुसार अब इन उपभोक्ताओं के यहां सेट टॉप बॉक्स लगाने में इनकी आर्थिक तंगी आड़े आ रही है।
इसके बावजूद प्रशासन ने अभी तक चल रहे एनालॉग केबल सिस्टम को बंद करा दिया। एनालॉग केबल सिस्टम बंद होते ही इन उपभोक्ताओं के घरों में सिगनल पहुंचने बंद हो गए। अब केबल ऑपरेटरों की परेशानी भी बढ़ गई है, क्योंकि उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या पूरी तरह से उन पर डाल दी है।
यूं समझें डिजिटल और एनालॉग केबल सिस्टम
केबल ऑपरेटरों के अनुसार डिजिटल केबल सिस्टम में कंट्रोल रूम में लगने वाले बॉक्स से लेकर उनकी फ्रीक्वेंसी तक डिजिटल होती है। उनकी फ्रीक्वेंसी डिजिटल होती है तो सिग्नल भी डिजिटल ही रहते हैं, जो केवल सेट टॉप बाक्स के सहारे ही टीवी में पहुंच सकते हैं।
अगर सेट टॉप बाक्स नहीं लगाया जाता है तो उन सिग्नल से टीवी में पिक्चर नहीं आती है। वहीं एनालॉग सिस्टम में कंट्रोल रूम से लेकर फ्रीक्वेंसी व सिग्नल भी एनालॉग ही रहते है। इसमें सेट टॉप बाक्स की जरूरत नहीं होती और टीवी में सीधा केबल का तार लगाते ही पिक्चर आनी शुरू हो जाती है।
केबल ऑपरेटरों ने एसडीएम के सामने जताया रोष
शहर के केबल ऑपरेटर संजय सैनी, धर्मपाल सैनी, रविंद्र राठी, बिट्टू, संदीप, जुगनू और अन्य ने एनालॉग केबल सिस्टम अचानक बंद कराने पर बुधवार को एसडीएम के पास पहुंचकर रोष जताया। केबल ऑपरेटरों का आरोप है कि हाईकोर्ट से 29 फरवरी तक का स्टे मिला हुआ है, लेकिन प्रशासन एनालॉग केबल नहीं चलने दे रहा है।
हाईकोर्ट का आदेश दिखाते हुए एसडीएम कोर्ट में केबल सिस्टम चलवाने के लिए याचिका भी डाली थी, लेकिन उस पर भी विचार नहीं किया जा रहा है।
सरकार के आदेशों के अनुसार केबल ऑपरेटरों को समय दिया गया था ताकि वे सभी उपभोक्ताओं के यहां सेट टॉप बाक्स लगा सकें। अब समय निकलने पर एनालॉग केबल बंद करा दिया गया। केबल ऑपरेटर यदि हाईकोर्ट के आदेश की बात कह रहे हैं तो वे कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं। वहां से कोई आदेश आता है तो उस पर काम किया जाएगा।
दलबीर सिंह फौगाट, एसडीएम, रोहतक।