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दाखिला नहीं मिलने के विरोध में सीएम को काले झंडे दिखाने गए अभिभावक पहुंचे जेल, जमानत सुबह
Updated Fri, 04 May 2018 03:32 AM IST
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दाखिला नहीं मिलने के विरोध में सीएम को काले झंडे दिखाने गए अभिभावक पहुंचे जेल, जमानत सुबह
- सरकार ने तानाशाही पूर्व रवैया दर्शाते हुए दो जमा पांच संगठन के पदाधिकारी व अभिभावकों रोड शो से पहले हिरासत में लिया
- नियम 134-ए के तहत दाखिले व अंक 55 से कम करके 33 प्रतिशत कराने की मांग उठा रहे थे अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नियम 134-ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा का हक महज कागजों तक सीमित हो कर रह गया है। सरकार व निजी स्कूल यह हक उन्हें नहीं देना चाहते हैं। यही वजह रही कि अपने हक की आवाज उठाने को एकजुट हुए अभिभावकों को सरकार ने जेल में बंद करा दिया। पुलिस ने 11 पुरुषों व 12 महिलाओं को रात नौ बजे सुनारिया जेल भेजा। अब शुक्रवार सुबह एसडीएम कोर्ट में ही जमानत होगी।
वीरवार को अभिभावक दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन के बैनर तले छोटूराम पार्क में एकजुट हुए। यहां बैठक कर सभी ने नियम 134-ए के तहत बच्चों को दाखिला दिए जाने व परीक्षा में पास अंक प्रतिशत 55 से कम कर 33 प्रतिशत किए जाने की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात का फैसला लिया। शाम करीब सवा चार बजे सभी छोटूराम पार्क से निकल कर कैनाल रेस्ट हाउस के बाहर पहुंचे। यहां अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सीएम से मिलने का समय मांगा। यहां पुलिस व प्रशासन ने उनकी सुनवाई न करके सख्ती बरतते हुए जबरन वाहन में भर लिया। इसके लिए लोगों का घसीट कर ले गए। रोष स्वरूप अभिभावकों ने काले झंडे भी दिखाए। पुलिस वाहन अभिभावकों को लेकर सुनारिया पहुंचा। यहां रात करीब नौ बजे नायब तहसीलदार ने इनके वारंट काटे। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया। इनमें 11 पुरुष व 12 महिलाएं बताई गई हैं। परिजनों का कहना है कि सरकार की हठधर्मिता के चलते इन अभिभावकों को रात जेल में काटनी पड़ी। शुक्रवार को इन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। यहीं इनकी जमानत होगी। परिजनों ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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- सरकार ने तानाशाही पूर्व रवैया दर्शाते हुए दो जमा पांच संगठन के पदाधिकारी व अभिभावकों रोड शो से पहले हिरासत में लिया
- नियम 134-ए के तहत दाखिले व अंक 55 से कम करके 33 प्रतिशत कराने की मांग उठा रहे थे अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नियम 134-ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा का हक महज कागजों तक सीमित हो कर रह गया है। सरकार व निजी स्कूल यह हक उन्हें नहीं देना चाहते हैं। यही वजह रही कि अपने हक की आवाज उठाने को एकजुट हुए अभिभावकों को सरकार ने जेल में बंद करा दिया। पुलिस ने 11 पुरुषों व 12 महिलाओं को रात नौ बजे सुनारिया जेल भेजा। अब शुक्रवार सुबह एसडीएम कोर्ट में ही जमानत होगी।
वीरवार को अभिभावक दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन के बैनर तले छोटूराम पार्क में एकजुट हुए। यहां बैठक कर सभी ने नियम 134-ए के तहत बच्चों को दाखिला दिए जाने व परीक्षा में पास अंक प्रतिशत 55 से कम कर 33 प्रतिशत किए जाने की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात का फैसला लिया। शाम करीब सवा चार बजे सभी छोटूराम पार्क से निकल कर कैनाल रेस्ट हाउस के बाहर पहुंचे। यहां अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सीएम से मिलने का समय मांगा। यहां पुलिस व प्रशासन ने उनकी सुनवाई न करके सख्ती बरतते हुए जबरन वाहन में भर लिया। इसके लिए लोगों का घसीट कर ले गए। रोष स्वरूप अभिभावकों ने काले झंडे भी दिखाए। पुलिस वाहन अभिभावकों को लेकर सुनारिया पहुंचा। यहां रात करीब नौ बजे नायब तहसीलदार ने इनके वारंट काटे। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया। इनमें 11 पुरुष व 12 महिलाएं बताई गई हैं। परिजनों का कहना है कि सरकार की हठधर्मिता के चलते इन अभिभावकों को रात जेल में काटनी पड़ी। शुक्रवार को इन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। यहीं इनकी जमानत होगी। परिजनों ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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