फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   साइड स्टोरी....हुड्डा के गढ़ में चौटाला व बीरेंद्र सिंह की सेंध

साइड स्टोरी....हुड्डा के गढ़ में चौटाला व बीरेंद्र सिंह की सेंध

Mon, 27 Nov 2017 03:38 AM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 03:38 AM IST
विज्ञापन
साइड स्टोरी....हुड्डा के गढ़ में चौटाला व बीरेंद्र सिंह की सेंध
प्रदेश में जाट समाज की सियासत : पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की गढ़ में ही चुनौती बढ़ी
विज्ञापन

: दो धुर विरोधी अभय चौटाला और बीरेंद्र सिंह ने एक साथ जाट समाज के मंच पर आकर दिया नया संकेत
: इनेलो के लिए बेहद अहम है रोहतक, सोनीपत व झज्जर का जाट वोटबैंक
: बीरेंद्र सिंह की भी हुड्डा से पुरानी टिस
विजेंद्र कौशिक
रोहतक। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ जसिया में जाट महारैली में धुर विरोधी अभय चौटाला और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां का एक मंच पर आना हुड्डा के लिए अच्छा संकेत नहीं है। क्योंकि चौटाला के निशाने पर जहां जाटलैंड में हुड्डा का मजबूत वोटबैंक हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की भी हुड्डा से पुरानी टिस रही है। ऐसे में आने वाले समय में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ना तय माना जा रहा है।
रविवार को जसिया में जाट समाज के मंच से इनेलो नेता अभय चौटाला ने बार-बार कांग्रेस और भाजपा को दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराया। साफ कहा कि कांग्रेस ने आधा अधूरा आरक्षण देकर जाट समाज को ठगा था। कहीं न कहीं उनका निशाना पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर था। 2014 के विधानसभा चुनाव में इनेलो ने शानदार प्रदर्शन किया था। अगर रोहतक, सोनीपत और झज्जर का जाट बोटबैंक और इनेलो की तरफ आ जाता तो प्रदेश में चौटाला सरकार बनना तय था, लेकिन तीनों जिलों के जाटों ने पूर्व सीएम हुड्डा का साथ दिया। यहीं कारण था कि कांग्रेस सोनीपत में 6 में से 5, रोहतक में 4 में से 3 और झज्जर में 4 में से 2 सीट जीतने में कामयाब रही। इतना ही नहीं, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहले ही जसिया की जाट रैली में आने से इंकार कर दिया था। इसके बावजूद मंच से सोनीपत जिले के लोगों से जसिया में बन रहे शिक्षण संस्थान में कमरे दान देने की घोषणा की। इसके बाद झज्जर जिले के लोगों की जाट नेताओं की अच्छी संख्या रही। रोहतक के जाट नेता इसमें पीछे रहे। पूरी घटनाक्रम से कहीं न कहीं ये संकेत मिल रहे हैं कि सोनीपत व झज्जर के जाट नेता कहीं न कहीं अंदरखाते कांग्रेस से दूरी बना रहे हैं।
विज्ञापन

बाक्स
डूमरखां की हुड्डा से पुरानी टिस
वहीं, केंद्रीय मंत्री बीरेद्र सिंह डूमरखां और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच पुरानी टिस है। क्योंकि भाजपा में आने से पहले डूमरखां भी दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे हैं। वे भी सीएम पद के दावेदारों में से एक थे, लेकिन 10 साल तक हुड्डा कांग्रेस सरकार में सीएम रहे। अब जाट समाज की रैली हुड्डा के गढ़ जसिया में हो रही थी। इसमें डूमरखां ने आकर न केवल जाट समाज को संदेश देते हुए कहा कि वे आरक्षण लेने नहीं, बल्कि देने वालों में है। साथ ही आरक्षण देकर रहेंगे। इससे एक साथ एक तीर से दो निशाने साधने का प्रयास किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
हुड्डा के गढ़ में पैर पसारने का प्रयास : हुड्डा
हुड्डा खाप के प्रधान रामकरण हुड्डा का कहना है कि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने यशपाल मलिक गुट को समर्थन देकर रोहतक, सोनीपत व झज्जर जिले में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि यह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव का क्षेत्र रहा है। रोहतक की जनता राजनीतिक लिहाज से काफी जागरूक है। इस लिए केंद्रीय मंत्री के कदम का ज्यादा असर नहीं होगा। जसिया में जो भीड़ जुटी व इनेलो नेता अभय चौटाला और रामपाल समर्थकों की ज्यादा रही। सोमवार को 3 बजे खाप पंचायतों की तरफ से मीडिया के सामने इस हकीकत को उजागर किया जाएगा।
रामकरण हुड्डा, प्रधान हुड्डा खाप
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed