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मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में जमीन का फंसा पेंच
Updated Wed, 09 May 2018 02:44 AM IST
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सहकारिता मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटेड ट्रैक में फंसा जमीन का पेंच, नगर निगम ने कराई पैमाइश
रेलवे को चाहिए सेंटर से 54 फीट चौड़ाई, जांच में मिली चार फीट कम
: दुकानदारों ने दिखाई रजिस्ट्री, बोले पूर्वजों के समय से उनकी जमीन, अब रेलवे बता रहा अपनी
: प्रोजेक्ट आफिसर ने बुलाई रेलवे व निगम अधिकारियों की मीटिंग
: बोले, प्रोजेक्ट में देरी करना नहीं संभव, जल्द लिया जाएगा फैसला
: बत्रा बोले, आम लोगों पर भारी पड़ेगा प्रोजेक्ट, अभी तो शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण में जमीन का पेंच फंस गया है। रेलवे जहां सेंटर से दोनों तरफ 54-54 फीट चौड़ाई चाहता है, लेकिन गांधी कैंप में नया बाजार के पास मोड़ पर चौड़ाई 50 फीट ही है। इसके चलते रेलवे ने कैंप के 40 दुकानदारों को नोटिस थमाया, लेकिन दुकानदारों के पास रजिस्ट्री है। प्रोजेक्ट आफिसर ने जल्द निगम और रेलवे के अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
रोहतक से पानीपत वाया गोहाना गुजरने वाली रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। डबल फाटक से बजरंग भवन तक दोनों तरफ गांधी कैंप है। साथ ही ट्रक पर तीन से चार फाटक हैं, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी रहती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में शहर के अंदर 10 किलोमीटर रेलवे लाइन को जींद रेलवे लाइन से गोहाना रेलवे लाइन को जोड़ने का प्लान तैयार किया गया। इसके लिए सुंदरपुर, टिटौली, चमारियां व मकड़ौली गांव की जमीन का चयन किया गया। जमीन अधिग्रहण करने के लिए सेक्शन 4 भी लगा दिया गया, लेकिन 2014 में सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार की अर्जी परद रेलवे ने किसानों के विरोध के नाम पर प्रोजेक्ट को ही बंद कर दिया। उसकी जगह डबल फाटक से सेक्टर 6 तक 4.8 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक बनाने का फैसला किया, जिसकी अनुमानित लागत 380 करोड़ रुपये आंकी गई है। भाजपा जहां इसे देश का पहला एलिवेटेड ट्रैक बता कर अपनी पीठ थपथपा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस इस प्रोजेक्ट को स्थानीय विधायक एवं मंत्री मनीष ग्रोवर की जनविरोधी जिद्द बताकर विरोध कर रही है।
रेलवे ने मांगी 54 फीट जगह, निगम ने कराई पैमाइश
रेलवे को एलिवेटेड ट्रैक के दोनों तरफ 54-54 फीट जमीन चाहिए, लेकिन गांधी कैंप स्थित नया बाजार में सेंटर से किनारे की चौड़ाई कम है। 40 के करीब दुकानें ट्रैक के दायरे में आ रही हैं। रेलवे ने दुकानदारों को नोटिस देकर जगह खाली करने के लिए कहा है। रेलवे का कहना है कि यह ट्रैक की है, दूसरी तरफ दुकानदारों का कहना है कि यह जमीन उनकी है, जिसकी 1956 की रजिस्ट्री हैं। मंगलवार को निगम के नायब तहसीलदार नंद किशोर मल्होत्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश की। जमीन कई जगह 3 तो कई जगह 4 फीट तक कम मिली।
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जमीन अधिग्रहण करनी पड़ी तो प्रोजेक्ट पर ही उठ जाएंगे सवाल
भाजपा की तरफ से एलिवेटेड ट्रैक बनाने के फैसले पर कहा जाता है कि इससे न केवल किसानों की जमीन बचेगी, बल्कि रेलवे भी ट्रैक के ऊपर से गुजर जाएगी। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रोड शो के दौरान 3 मई को प्रोजेक्ट की तारीफ की थी। दूसरी तरफ पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों पर भारी पड़ेगा। प्रोजेक्ट के नाम पर आम लोगों को उखाड़ा जाएगा। अब स्थानीय भाजपा नेता क्या जवाब देंगे।
ऐलिवेटेड ट्रैक के दायरे में दुकानें आने की सूचना मिली है। इस संबंध में जल्द रेलवे और नगर निगम के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई जाएगी। वे सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के रोहतक आने का इंतजार कर रहे हैं।
- प्रदीप रंजन, प्रोजेक्ट आफिसर एवं पूर्व एसई पीडब्ल्यूडी
निगम की टीम ने मंगलवार शाम को संबंधित एरिया में ट्रैक के सेंटर से प्रभावित दुकानों की दूरी की जांच की। पैमाइश में कहीं 3 तो कहीं 4 फीट तक दुकानें तय की गई सीमा में मिलीं। बुधवार को निगम के आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
- नंद किशोर मल्होत्रा, नायब तहसीलदार नगर निगम
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रेलवे को चाहिए सेंटर से 54 फीट चौड़ाई, जांच में मिली चार फीट कम
: दुकानदारों ने दिखाई रजिस्ट्री, बोले पूर्वजों के समय से उनकी जमीन, अब रेलवे बता रहा अपनी
: प्रोजेक्ट आफिसर ने बुलाई रेलवे व निगम अधिकारियों की मीटिंग
: बोले, प्रोजेक्ट में देरी करना नहीं संभव, जल्द लिया जाएगा फैसला
: बत्रा बोले, आम लोगों पर भारी पड़ेगा प्रोजेक्ट, अभी तो शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण में जमीन का पेंच फंस गया है। रेलवे जहां सेंटर से दोनों तरफ 54-54 फीट चौड़ाई चाहता है, लेकिन गांधी कैंप में नया बाजार के पास मोड़ पर चौड़ाई 50 फीट ही है। इसके चलते रेलवे ने कैंप के 40 दुकानदारों को नोटिस थमाया, लेकिन दुकानदारों के पास रजिस्ट्री है। प्रोजेक्ट आफिसर ने जल्द निगम और रेलवे के अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
रोहतक से पानीपत वाया गोहाना गुजरने वाली रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। डबल फाटक से बजरंग भवन तक दोनों तरफ गांधी कैंप है। साथ ही ट्रक पर तीन से चार फाटक हैं, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी रहती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में शहर के अंदर 10 किलोमीटर रेलवे लाइन को जींद रेलवे लाइन से गोहाना रेलवे लाइन को जोड़ने का प्लान तैयार किया गया। इसके लिए सुंदरपुर, टिटौली, चमारियां व मकड़ौली गांव की जमीन का चयन किया गया। जमीन अधिग्रहण करने के लिए सेक्शन 4 भी लगा दिया गया, लेकिन 2014 में सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार की अर्जी परद रेलवे ने किसानों के विरोध के नाम पर प्रोजेक्ट को ही बंद कर दिया। उसकी जगह डबल फाटक से सेक्टर 6 तक 4.8 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक बनाने का फैसला किया, जिसकी अनुमानित लागत 380 करोड़ रुपये आंकी गई है। भाजपा जहां इसे देश का पहला एलिवेटेड ट्रैक बता कर अपनी पीठ थपथपा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस इस प्रोजेक्ट को स्थानीय विधायक एवं मंत्री मनीष ग्रोवर की जनविरोधी जिद्द बताकर विरोध कर रही है।
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रेलवे ने मांगी 54 फीट जगह, निगम ने कराई पैमाइश
रेलवे को एलिवेटेड ट्रैक के दोनों तरफ 54-54 फीट जमीन चाहिए, लेकिन गांधी कैंप स्थित नया बाजार में सेंटर से किनारे की चौड़ाई कम है। 40 के करीब दुकानें ट्रैक के दायरे में आ रही हैं। रेलवे ने दुकानदारों को नोटिस देकर जगह खाली करने के लिए कहा है। रेलवे का कहना है कि यह ट्रैक की है, दूसरी तरफ दुकानदारों का कहना है कि यह जमीन उनकी है, जिसकी 1956 की रजिस्ट्री हैं। मंगलवार को निगम के नायब तहसीलदार नंद किशोर मल्होत्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश की। जमीन कई जगह 3 तो कई जगह 4 फीट तक कम मिली।
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जमीन अधिग्रहण करनी पड़ी तो प्रोजेक्ट पर ही उठ जाएंगे सवाल
भाजपा की तरफ से एलिवेटेड ट्रैक बनाने के फैसले पर कहा जाता है कि इससे न केवल किसानों की जमीन बचेगी, बल्कि रेलवे भी ट्रैक के ऊपर से गुजर जाएगी। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रोड शो के दौरान 3 मई को प्रोजेक्ट की तारीफ की थी। दूसरी तरफ पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों पर भारी पड़ेगा। प्रोजेक्ट के नाम पर आम लोगों को उखाड़ा जाएगा। अब स्थानीय भाजपा नेता क्या जवाब देंगे।
ऐलिवेटेड ट्रैक के दायरे में दुकानें आने की सूचना मिली है। इस संबंध में जल्द रेलवे और नगर निगम के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई जाएगी। वे सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के रोहतक आने का इंतजार कर रहे हैं।
- प्रदीप रंजन, प्रोजेक्ट आफिसर एवं पूर्व एसई पीडब्ल्यूडी
निगम की टीम ने मंगलवार शाम को संबंधित एरिया में ट्रैक के सेंटर से प्रभावित दुकानों की दूरी की जांच की। पैमाइश में कहीं 3 तो कहीं 4 फीट तक दुकानें तय की गई सीमा में मिलीं। बुधवार को निगम के आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
- नंद किशोर मल्होत्रा, नायब तहसीलदार नगर निगम