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Rohtak News: जिले के 255 प्राथमिक स्कूलों को मिलेंगे 18 लाख रुपये
Tue, 05 Aug 2025 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत जिले के 225 राजकीय विद्यालयों के लिए 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे विद्यालयों में स्वच्छता बेहतर होगी जिससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी।
गंदगी या असुविधाजनक माहौल से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में स्वच्छ वातावरण के लिए यह बजट उपयोगी साबित होगा। विभाग ने एसएमसी को निर्देश दिया है कि राशि के उपयोग से पूर्व समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित करें। खर्च का विवरण आनलाइन ईमेल के माध्यम से विभाग को भेजना होगा और 31 मार्च 2026 से पहले उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) भी जमा करवाना अनिवार्य रहेगा।
यह बजट स्कूल परिसरों की सफाई, शौचालय स्वच्छता, मैदान समतलीकरण, जल निकासी, ब्लीचिंग पाउडर, झाड़ू, डस्टबिन जैसी जरूरतों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से यह राशि स्कूलों तक पहुंचाई जा रही है। खर्च की निगरानी स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) करेगी।
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निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इस बजट से किसी भी कर्मचारी को मानदेय नहीं दिया जाएगा। जहां चौकीदार या पार्ट टाइम वर्कर हैं, उन्हीं से कार्य करवाया जाएगा। स्कूल स्तर पर स्थानीय सेवाएं लेकर काम करवाना होगा।
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रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत जिले के 225 राजकीय विद्यालयों के लिए 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे विद्यालयों में स्वच्छता बेहतर होगी जिससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी।
गंदगी या असुविधाजनक माहौल से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में स्वच्छ वातावरण के लिए यह बजट उपयोगी साबित होगा। विभाग ने एसएमसी को निर्देश दिया है कि राशि के उपयोग से पूर्व समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित करें। खर्च का विवरण आनलाइन ईमेल के माध्यम से विभाग को भेजना होगा और 31 मार्च 2026 से पहले उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) भी जमा करवाना अनिवार्य रहेगा।
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यह बजट स्कूल परिसरों की सफाई, शौचालय स्वच्छता, मैदान समतलीकरण, जल निकासी, ब्लीचिंग पाउडर, झाड़ू, डस्टबिन जैसी जरूरतों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से यह राशि स्कूलों तक पहुंचाई जा रही है। खर्च की निगरानी स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) करेगी।
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निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इस बजट से किसी भी कर्मचारी को मानदेय नहीं दिया जाएगा। जहां चौकीदार या पार्ट टाइम वर्कर हैं, उन्हीं से कार्य करवाया जाएगा। स्कूल स्तर पर स्थानीय सेवाएं लेकर काम करवाना होगा।