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जिले में 5 दिन में मिले 24 मरीज डेंगू पॉजिटिव
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एक और स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर काबू पाने का दावा कर रहा है। वहीं दूसरी ओर डेंगू के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 13 नवंबर तक 147 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले थे। पिछले पांच दिन में 24 और मरीज पॉजिटिव मिले, जिससे डेंगू के मरीजों की संख्या 18 नवंबर तक 171 पहुंच गई। वहीं जिले में वर्ष 2018 में मलेरिया के 71 मामले सामने आए थे। इस साल अभी तक 12 मामले आए हैं।
इधर, सोमवार जिला वर्किंग मलेरिया कमेटी की बैठक में डेंगू और मलेरिया पर काबू कर लेने का दावा किया गया। उपायुक्त आरएस वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या कम रही। पिछले साल डेंगू के कुल 396 मामले सामने आए थे और 18 नवंबर 2018 तक 299 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। वहीं इस साल 18 नवंबर तक डेंगू के 171 मामले दर्ज किए गए। वहीं पिछले पांच दिनों में डेंगू के 24 नए मरीज सामने आने पर साफ है कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इस रोग की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने का दावा कर रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जहां भी डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां टीम को भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मार्च में ही एंटी लारवा एक्टिविटी कार्य शुरू कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जागरूकता के कारण जिले में मलेरिया व डेंगू को हम कंट्रोल कर पाए हैं । वहीं बैठक में जिला सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला व जिला मलेरिया अधिकारी ने जिले में वैक्टर बॉर्न डिजीज की रोकथाम की कार्यवाही का भी ब्योरा दिया।
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दस हजार से अधिक घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक छह लाख 10 हजार से ज्यादा घरों को चेक किया, जिनमें से 10 हजार एक सौ घरों में लारवा पाया गया। विभाग ने इस दौरान 9874 लोगों को नोटिस जारी किया। उपायुक्त ने नगर निगम व तीनों नगर पालिका को आदेश दिए कि प्रभावित गांव में फॉगिंग करवाना समय पर सुनिश्चित करें।
डेंगू के लक्षण
शरीर में लाल चकत्ते, दाने, चलने-फिरने में चक्कर, आंखों के सामने अंधेरा आना, उल्टी और पीलिया होना।
बचाव
इलेक्ट्राल या ओआरएस का घोल, नारियल पानी, घर का बना जूस, फल और हरी सब्जियां खिलाएं। आसपास पानी का छिड़काव न होने दें। पूरे कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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इधर, सोमवार जिला वर्किंग मलेरिया कमेटी की बैठक में डेंगू और मलेरिया पर काबू कर लेने का दावा किया गया। उपायुक्त आरएस वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या कम रही। पिछले साल डेंगू के कुल 396 मामले सामने आए थे और 18 नवंबर 2018 तक 299 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। वहीं इस साल 18 नवंबर तक डेंगू के 171 मामले दर्ज किए गए। वहीं पिछले पांच दिनों में डेंगू के 24 नए मरीज सामने आने पर साफ है कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इस रोग की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने का दावा कर रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जहां भी डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां टीम को भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मार्च में ही एंटी लारवा एक्टिविटी कार्य शुरू कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जागरूकता के कारण जिले में मलेरिया व डेंगू को हम कंट्रोल कर पाए हैं । वहीं बैठक में जिला सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला व जिला मलेरिया अधिकारी ने जिले में वैक्टर बॉर्न डिजीज की रोकथाम की कार्यवाही का भी ब्योरा दिया।
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दस हजार से अधिक घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक छह लाख 10 हजार से ज्यादा घरों को चेक किया, जिनमें से 10 हजार एक सौ घरों में लारवा पाया गया। विभाग ने इस दौरान 9874 लोगों को नोटिस जारी किया। उपायुक्त ने नगर निगम व तीनों नगर पालिका को आदेश दिए कि प्रभावित गांव में फॉगिंग करवाना समय पर सुनिश्चित करें।
डेंगू के लक्षण
शरीर में लाल चकत्ते, दाने, चलने-फिरने में चक्कर, आंखों के सामने अंधेरा आना, उल्टी और पीलिया होना।
बचाव
इलेक्ट्राल या ओआरएस का घोल, नारियल पानी, घर का बना जूस, फल और हरी सब्जियां खिलाएं। आसपास पानी का छिड़काव न होने दें। पूरे कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।