{"_id":"5a70e1454f1c1b410b8b609a","slug":"21517347141-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेड यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 31 Jan 2018 02:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
850 कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी, बस कम पड़ गई तो पैदल ही गए पुलिस लाइन
- केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने 25 मिनट में छोड़ा
- अड्डे पर यात्रियों की बसें छूटीं, बिजली निगम कार्यालय रहा खाली, शहर में नहीं हुई सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शहर में सरकारी विभागों के कर्मचारी सिटी पार्क में एकत्रित हुए और लघुसचिवालय तक प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। पुलिस व प्रशासन ने 25 मिनट के लिए 850 कर्मचारियों को पुलिस लाइन में रखकर छोड़ दिया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकारों ने उनकी मांगों पूरा नहीं किया तो जल्द राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी। प्रदर्शनकारियों में आशा व आंगनवाड़ी वर्कर, बिजली निगम व नगर निगम के सफाई कर्मियों की संख्या ज्यादा रही।
सीटू के जिला सचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि केन्द्रीय मजदूर संगठनों व कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर कर्मचारी सुबह 10 बजे से नए बस स्टैंड के सामने सिटी पार्क में एकत्रित होना शुरू हुए। सीटू, एआईयूटीयूसी, सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ व इन संगठनों से जुड़ी यूनियनों के सैकड़ों कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सतबीर पाकसमा, जोगेन्द्र बलहारा, जगदीश चन्द्र, कर्मबीर सिवाच, सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, उपाध्यक्ष रामचन्द्र सिवाच, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य नेता रमेश लौरा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के विजय हुडडा, राज सिंह, एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान सत्यवान, आशा वर्कर्स की राज्य महासचिव सुरेखा व जिला प्रधान अनिता, आंगनवाड़ी यूनियन की नेता पुष्पा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के धर्मबीर मलिक, नगरपालिका के नेता संजय बिढ़लान, भवन निर्माण यूनियन के कामरेड विनोद ने जमकर भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ भड़ास निकाली। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही है। भाजपा ने चुनावों से पहले जो वायदे किए थे उन्हें पूरा करे। सरकार के पास मात्र एक साल का कार्यकाल बचा है। अभी भी सरकार ने कदम नहीं उठाए तो काफी देर हो जाएगी। केन्द्र व राज्य सरकार कर्मचारियों को ठेके पर लेकर शोषण कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद समान काम का समान वेतन नहीं दिया जा रहा। जेल भरो आंदोलन के तहत कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी दे रहे हैं।
लघु सचिवालय के बाहर हंगामा, बसें पड़ गई कम
करीब ढाई बजे कर्मचारी सिटी पार्क से रवाना हुए और प्रेम नगर चौक होते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंची। वहां से निगम के आगे से लघुसचिवालय के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। तहसीलदार गुलाब सिंह व डीएसपी ताहिर हुसैन ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सैकड़ों कर्मचारी अपनी गिरफ्तारियां देने पर अड़ गए। प्रशासन ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में ले जाने का फैसला किया, लेकिन मौजूद छह बस कम पड़ गई। कर्मचारी छतों पर भी बैठ गए, तब भी सैकड़ों कर्मचारी सड़क पर रह गए। इसके बाद खुद ही कर्मचारी पैदल पुलिस लाइन के लिए चल पड़े।
विज्ञापन
25 मिनट रखकर तहसीलदार बोले, आप रिहा हो
पुलिस ने 3 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 48 मिनट तक कर्मचारियों को पुलिस लाइन के अंदर मैदान में रखा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार को कोसते रहे। आखिर में नायब तहसीलदार गुलाब सिंह ने कहा कि सभी कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद रिहा किया जाता है। इसके बाद कर्मचारी रवाना हो गए।
ये विभाग रहे प्रदर्शन में आगे
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आशा वर्कर, बिजली निगम, नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इसके बाद रोडवेज, हुडा, सिंचाई, पीडब्लयूडी, ग्रामीण चौकीदार व अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी अच्छी खासी संख्या में पहुंचे।
ये रही मांगें
: कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति माह दिया जाए।
: स्थाई काम के लिए स्थाई रोजगार दिया जाए।
: कच्चे/ठेका कर्मियों को पक्का किया जाए व ठेका प्रथा पर रोक लगे।
: श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव वापस लिए जाएं।
: आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, ग्रामीण चौकीदार व नगर निगम के सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
: ट्रेड यूनियनों के अधिकारों का हनन न किया जाए।
: सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए
: भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों को बिना शर्त श्रम कल्याण बोर्ड से सुविधाएं दी जाएं।
: सार्वजनिक क्षे़त्र के निजीकरण पर रोक लगे।
शहर में नहीं हुई सफाई, बसों के लिए भटकते रहे यात्री
हड़ताल के चलते बिजली निगम, रोडवेज व नगर निगम में जहां व्यवस्था प्रभावित रही, जबकि लघुसचिवालय स्थित सरकारी कार्यालयों व ई-दिशा केंद्रों पर कामकाज पहले की तरह चलता रहा। निगम के सफाई कर्मचारी सुबह की कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और जेल भरो आंदोलन में शामिल होने सिटी पार्क में रवाना हो गए। हालांकि निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में ठेके पर लगे कर्मचारी हर रोज की तरह सामान्य तरीके से ड्यूटी करते रहे। यहीं हाल लघुसचिवालय स्थित डीसी, एसडीएम, समाज कल्याण विभाग व ई-दिशा केंद्र की रही, जहां कर्मचारी ड्यूटी पर दिखाई दिए। वहीं, बिजली निगम में कर्मचारी सीटों पर नहीं मिले।
नहीं मिली बस, हड़ताल का पता नहीं
रोहतक बस स्टैंड पर खड़े प्रमोद कुमार ने कहा कि उसे बेरी जाना था, लेकिन एक घंटे से बस नहीं मिली है। हड़ताल के बारे में कुछ पता नहीं है। वहीं, जहाजगढ़ जाने वाली लक्ष्मी देवी भी परेशान दिखी। मातनहेल जाने वाले ईश्वर सिंह व उनकी पत्नी चंद्रावती ने बताया कि वे 12 से डेढ़ बजे तक बस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
विज्ञापन
- केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने 25 मिनट में छोड़ा
- अड्डे पर यात्रियों की बसें छूटीं, बिजली निगम कार्यालय रहा खाली, शहर में नहीं हुई सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शहर में सरकारी विभागों के कर्मचारी सिटी पार्क में एकत्रित हुए और लघुसचिवालय तक प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। पुलिस व प्रशासन ने 25 मिनट के लिए 850 कर्मचारियों को पुलिस लाइन में रखकर छोड़ दिया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकारों ने उनकी मांगों पूरा नहीं किया तो जल्द राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी। प्रदर्शनकारियों में आशा व आंगनवाड़ी वर्कर, बिजली निगम व नगर निगम के सफाई कर्मियों की संख्या ज्यादा रही।
सीटू के जिला सचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि केन्द्रीय मजदूर संगठनों व कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर कर्मचारी सुबह 10 बजे से नए बस स्टैंड के सामने सिटी पार्क में एकत्रित होना शुरू हुए। सीटू, एआईयूटीयूसी, सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ व इन संगठनों से जुड़ी यूनियनों के सैकड़ों कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सतबीर पाकसमा, जोगेन्द्र बलहारा, जगदीश चन्द्र, कर्मबीर सिवाच, सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, उपाध्यक्ष रामचन्द्र सिवाच, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य नेता रमेश लौरा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के विजय हुडडा, राज सिंह, एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान सत्यवान, आशा वर्कर्स की राज्य महासचिव सुरेखा व जिला प्रधान अनिता, आंगनवाड़ी यूनियन की नेता पुष्पा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के धर्मबीर मलिक, नगरपालिका के नेता संजय बिढ़लान, भवन निर्माण यूनियन के कामरेड विनोद ने जमकर भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ भड़ास निकाली। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही है। भाजपा ने चुनावों से पहले जो वायदे किए थे उन्हें पूरा करे। सरकार के पास मात्र एक साल का कार्यकाल बचा है। अभी भी सरकार ने कदम नहीं उठाए तो काफी देर हो जाएगी। केन्द्र व राज्य सरकार कर्मचारियों को ठेके पर लेकर शोषण कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद समान काम का समान वेतन नहीं दिया जा रहा। जेल भरो आंदोलन के तहत कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी दे रहे हैं।
विज्ञापन
लघु सचिवालय के बाहर हंगामा, बसें पड़ गई कम
करीब ढाई बजे कर्मचारी सिटी पार्क से रवाना हुए और प्रेम नगर चौक होते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंची। वहां से निगम के आगे से लघुसचिवालय के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। तहसीलदार गुलाब सिंह व डीएसपी ताहिर हुसैन ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सैकड़ों कर्मचारी अपनी गिरफ्तारियां देने पर अड़ गए। प्रशासन ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में ले जाने का फैसला किया, लेकिन मौजूद छह बस कम पड़ गई। कर्मचारी छतों पर भी बैठ गए, तब भी सैकड़ों कर्मचारी सड़क पर रह गए। इसके बाद खुद ही कर्मचारी पैदल पुलिस लाइन के लिए चल पड़े।
विज्ञापन
25 मिनट रखकर तहसीलदार बोले, आप रिहा हो
पुलिस ने 3 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 48 मिनट तक कर्मचारियों को पुलिस लाइन के अंदर मैदान में रखा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार को कोसते रहे। आखिर में नायब तहसीलदार गुलाब सिंह ने कहा कि सभी कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद रिहा किया जाता है। इसके बाद कर्मचारी रवाना हो गए।
ये विभाग रहे प्रदर्शन में आगे
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आशा वर्कर, बिजली निगम, नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इसके बाद रोडवेज, हुडा, सिंचाई, पीडब्लयूडी, ग्रामीण चौकीदार व अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी अच्छी खासी संख्या में पहुंचे।
ये रही मांगें
: कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति माह दिया जाए।
: स्थाई काम के लिए स्थाई रोजगार दिया जाए।
: कच्चे/ठेका कर्मियों को पक्का किया जाए व ठेका प्रथा पर रोक लगे।
: श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव वापस लिए जाएं।
: आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, ग्रामीण चौकीदार व नगर निगम के सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
: ट्रेड यूनियनों के अधिकारों का हनन न किया जाए।
: सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए
: भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों को बिना शर्त श्रम कल्याण बोर्ड से सुविधाएं दी जाएं।
: सार्वजनिक क्षे़त्र के निजीकरण पर रोक लगे।
शहर में नहीं हुई सफाई, बसों के लिए भटकते रहे यात्री
हड़ताल के चलते बिजली निगम, रोडवेज व नगर निगम में जहां व्यवस्था प्रभावित रही, जबकि लघुसचिवालय स्थित सरकारी कार्यालयों व ई-दिशा केंद्रों पर कामकाज पहले की तरह चलता रहा। निगम के सफाई कर्मचारी सुबह की कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और जेल भरो आंदोलन में शामिल होने सिटी पार्क में रवाना हो गए। हालांकि निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में ठेके पर लगे कर्मचारी हर रोज की तरह सामान्य तरीके से ड्यूटी करते रहे। यहीं हाल लघुसचिवालय स्थित डीसी, एसडीएम, समाज कल्याण विभाग व ई-दिशा केंद्र की रही, जहां कर्मचारी ड्यूटी पर दिखाई दिए। वहीं, बिजली निगम में कर्मचारी सीटों पर नहीं मिले।
नहीं मिली बस, हड़ताल का पता नहीं
रोहतक बस स्टैंड पर खड़े प्रमोद कुमार ने कहा कि उसे बेरी जाना था, लेकिन एक घंटे से बस नहीं मिली है। हड़ताल के बारे में कुछ पता नहीं है। वहीं, जहाजगढ़ जाने वाली लक्ष्मी देवी भी परेशान दिखी। मातनहेल जाने वाले ईश्वर सिंह व उनकी पत्नी चंद्रावती ने बताया कि वे 12 से डेढ़ बजे तक बस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।