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यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:35 AM IST
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यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज
चरखी दादरी।
जिले के गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर मौत मामले में उनके परिजनों के बयान पर सदर थाना पुलिस ने यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। एसपी द्वारा गठित एसआईटी ने मृतक के परिजनों के आरोप को जहन में रखते हुए दस्तावेज निकलवाकर उनकी जांच भी शुरू कर दी है। जांच में ये भी पता लगाया जा रहा है कि इस कंपनी के तार डेरामुखी से जुड़े हैं या नहीं। हालांकि जो मामला दर्ज हुआ है उसमें डेरा प्रमुख बलात्कारी राम रहीम का नाम शामिल है या नहीं इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। एसआईटी सदस्य व सदर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह का कहना है कि पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर का शव डेरे को दान दी गई जमीन पर बने एक कुएं से आठ जुलाई की शाम को बरामद हुआ था। मृतक के परिजनों ने सोमबीर की मौत का जिम्मेवार डेरा प्रमुख बलात्कारी राम रहीम सहित डेरा प्रबंधन कमेटी सदस्यों को ठहराया था। मृतक के बेटे प्रदीप व पत्नी चित्रा देवी ने डेरा प्रमुख पर करीब छह करोड़ रुपये का जबरन परमार्थ व बिजनेस में हिस्सेदारी कराने के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से करवाया था। एसपी सुनील दलाल ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी भी गठित की थी। इसका इंचार्ज उन्होंने डीएसपी हेडक्वार्टर सुरेश हुड्डा को बनाया था। डीएसपी सुरेश हुड्डा ने बताया कि एसआईटी दस्तावेजों की जांच करने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि सोमबीर की बैंक डिटेल व जमीनी फरद पुलिस ने निकलवा ली है और इनकी जांच की जा रही है। वहीं, सदर थाना प्रभारी व एसआईटी सदस्य रघुवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने परिजनों के बयान पर यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर रखा है और अगर सरकार के आदेश होते हैं तो मामले की जांच के लिए पुलिस टीम सिरसा भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी का रिकॉर्ड पुलिस खंगालेगी और इस कंपनी के जो भी मालिक है उन पर आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। हालांकि पुलिस ने कंपनी के मालिक कितने व कौन हैं इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। पुलिस इसे इंवेस्टिगेशन का हिस्सा बता रही है। पुलिस का कहना है कि इस कंपनी के जरिए ही रुपयों का लेनदेन किया गया था। थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि पुलिस सोमबीर के बेटे प्रदीप को भी पूछताछ के लिए एक-दो दिन में बुलाएगी ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, मृतक अनुयायी के बेटे प्रदीप ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि करोड़ों रुपयों की रिकवरी के लिए परिजन कोर्ट की शरण भी ले सकते हैं। प्रदीप ने बताया कि वो वकीलों से राय-मशवरा ले रहे हैं। प्रदीप ने बताया कि जल्द ही वो कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
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चरखी दादरी।
जिले के गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर मौत मामले में उनके परिजनों के बयान पर सदर थाना पुलिस ने यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। एसपी द्वारा गठित एसआईटी ने मृतक के परिजनों के आरोप को जहन में रखते हुए दस्तावेज निकलवाकर उनकी जांच भी शुरू कर दी है। जांच में ये भी पता लगाया जा रहा है कि इस कंपनी के तार डेरामुखी से जुड़े हैं या नहीं। हालांकि जो मामला दर्ज हुआ है उसमें डेरा प्रमुख बलात्कारी राम रहीम का नाम शामिल है या नहीं इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। एसआईटी सदस्य व सदर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह का कहना है कि पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर का शव डेरे को दान दी गई जमीन पर बने एक कुएं से आठ जुलाई की शाम को बरामद हुआ था। मृतक के परिजनों ने सोमबीर की मौत का जिम्मेवार डेरा प्रमुख बलात्कारी राम रहीम सहित डेरा प्रबंधन कमेटी सदस्यों को ठहराया था। मृतक के बेटे प्रदीप व पत्नी चित्रा देवी ने डेरा प्रमुख पर करीब छह करोड़ रुपये का जबरन परमार्थ व बिजनेस में हिस्सेदारी कराने के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से करवाया था। एसपी सुनील दलाल ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी भी गठित की थी। इसका इंचार्ज उन्होंने डीएसपी हेडक्वार्टर सुरेश हुड्डा को बनाया था। डीएसपी सुरेश हुड्डा ने बताया कि एसआईटी दस्तावेजों की जांच करने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि सोमबीर की बैंक डिटेल व जमीनी फरद पुलिस ने निकलवा ली है और इनकी जांच की जा रही है। वहीं, सदर थाना प्रभारी व एसआईटी सदस्य रघुवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने परिजनों के बयान पर यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर रखा है और अगर सरकार के आदेश होते हैं तो मामले की जांच के लिए पुलिस टीम सिरसा भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि यूनिक इंटरप्राइजेज कंपनी का रिकॉर्ड पुलिस खंगालेगी और इस कंपनी के जो भी मालिक है उन पर आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। हालांकि पुलिस ने कंपनी के मालिक कितने व कौन हैं इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। पुलिस इसे इंवेस्टिगेशन का हिस्सा बता रही है। पुलिस का कहना है कि इस कंपनी के जरिए ही रुपयों का लेनदेन किया गया था। थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि पुलिस सोमबीर के बेटे प्रदीप को भी पूछताछ के लिए एक-दो दिन में बुलाएगी ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, मृतक अनुयायी के बेटे प्रदीप ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि करोड़ों रुपयों की रिकवरी के लिए परिजन कोर्ट की शरण भी ले सकते हैं। प्रदीप ने बताया कि वो वकीलों से राय-मशवरा ले रहे हैं। प्रदीप ने बताया कि जल्द ही वो कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
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