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सालों पहले बदमाशों से भिड़े थे पिता, अब बेटी ने दिखाई हिम्मत

Thu, 06 Jul 2017 01:47 AM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:47 AM IST
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सालों पहले बदमाशों से भिड़े थे पिता, अब बेटी ने दिखाई हिम्मत
सालों पहले बदमाशों से भिड़े थे पिता, अब बेटी ने दिखाई हिम्मत
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। घटना के बाद डिंपी ने करीब 500 मीटर तक चोर चोर चिल्लाते हुए आरोपी का पीछा कर उसे दबोचा। डिंपी की आवाज सुनकर कुछ लोग पैदल ही आरोपी को पकड़ने दौड़ पड़े। जब आरोपी की बाइक ब्रेकर पर पहुंची तो उसने थोड़ी स्पीड कम की। इसी मौके का फायदा उठाकर डिंपी ने अपनी स्कूटी की स्पीड तेज कर पीछे से आरोपी की बाइक में टक्कर मार दी। डिंपी ने इस दौरान खुद को आने वाली चोटों की भी परवाह नहीं की। इस हिम्मत वाली बेटी का कहना है कि जुल्म के खिलाफ लड़ने का जज्बा तो उन्हें अपने पिता से मिला है।
सोच लिया था, जहां तक आरोपी जाएगा पीछा करूंगी
जब आरोपी मेरा बैग छीनकर भागा तो एक सेकेंड के लिए भी घबराई नहीं। क्योंकि मैंने सोच लिया था कि जहां तक भी आरोपी जाएगा वहां तक ही उसका पीछा करूंगी। इसके अलावा मैं शोर भी मचा रही थी जिससे आसपास के लोग भी सक्रिय हो गए थे। मैंने अपनी जान पर खेलते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए उसकी बाइक में अपनी स्कूटी की टक्कर मारी। आरोपी ने मुझे डराने का प्रयास भी किया, लेकिन मैंने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। मैं आज शहर की महिलाओं और युवतियों से यही अपील करना चाहती हूं कि जब तक हम खुद अपनी सुरक्षा के कदम नहीं उठाएंगे। तब तक हमारी मदद के लिए कोई आगे नहीं आएगा। इसी को ध्यान में रखकर मैंने अपने अंदर हिम्मत जुटाई और आरोपी को पकड़ा।
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पिता से ली बहादुरी की सीख
डिंपी ने अपने पिता हरीश गुलाटी से बहादुरी की सीख ली है। क्योंकि ऐसा ही कारनामा उनके पिता ने भी किया था। उनके पिता कई साल पहले परिवार के साथ दिल्ली में चंदरनगर में रहते थे। रात को वह अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी तीन युवक किसी वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। जब हरीश ने आरोपियों का पीछा कर रहे लोगों की आवाज सुनी तो उन्होंने दो आरोपियों को दबोच लिया था, लेकिन तीसरे आरोपी ने उनके पेट में चाकू घोंप दिया था। इस कारण आरोपी मौके से फरार हो गए थे। हालांकि बाद में उन्हें पकड़ लिया गया था। घायल होने के कारण पिता का काफी दिनों तक इलाज भी चला था। डिंपी का कहना है कि जुल्म से लड़ने की सीख उन्हें पिता से ही मिली है।
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सोशल मीडिया पर छाई डिंपी, एसपी ने किया सम्मानित
बहादुरी का परिचय देने के बाद से ही डिंपी सोशल मीडिया पर छा गई हैं। फेसबुक पर रोहतक के नाम से बने कई पेज और शहर के लोगों ने डिंपी की तस्वीर पोस्ट कर उसकी सराहना की है। इसके अलावा व्हाट्स एप पर भी डिंपी की फोटो वायरल की जा रही है। वहीं, डिंपी की बहादुरी की सूचना मिलने पर एसपी पंक ज नैन ने उसे पूरे परिवार के साथ ऑफिस में बुला लिया। यहां पर एसपी ने डिंपी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। जिला पुलिस की तरफ से 15 अगस्त को सम्मानित करने के लिए भी डिंपी का नाम भेजा जाएगा। इसके अलावा वारदात की सूचना मिलते ही बैंक के अधिकतर अधिकारी पुलिस चौकी में पहुंच गए। कार्रवाई होने तक वह डिंपी के साथ रहे।

सेना में कार्यरत भाई से भी नहीं सीख सका संदीप
यदि मामले में पकड़े गए आरोपी संदीप की पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उसके परिवार में मेहनत मजदूरी करके लोग गुजारा करते हैं। आरोपी का बड़ा भाई सेना में कार्यरत है। आज परिजनों का कहना है कि संदीप ने अपने भाई से भी कुछ नहीं सीखा। पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है। इसकी पूर्ति के लिए ही उसने वारदात की। आरोपी के तीन बच्चे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास और स्नैचिंग का केस दर्ज किया है। आरोपी के पास से जो बाइक बरामद हुई है वह भी शिवाजी नगर इलाके से चुराई गई है।

पकड़ में आया तो आरोपी ने खुद के सिर में मारी ईंट
जब आरोपी को युवती और आसपास के लोगों ने पकड़ लिया तो उसने पीछा छुड़ाने के लिए खुद के सिर में ईंट मारी। ताकि लोग उसे पागल समझकर छोड़ दें। मगर लोगों ने आरोपी के हाथ से ईंट छीन ली और उसके हाथ पकड़ लिए। आरोपी के खिलाफ एफआईआर में आत्महत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई है। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती को धमकी दी कि यदि पुलिस को शिकायत की तो अंजाम बुरा होगा, लेकिन युवती ने आरोपी की एक नहीं सुनी। युवती ने बताया कि उसके पर्स में एक मोबाइल, आइपैड, दो हजार रुपये और बैंक के दस्तावेज रखे थे। युवती का सारा सामान सुरक्षित है।


डिंपी द्वारा दिखाई गई बहादुरी हर तरह से सराहनीय है। डिंपी को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह के प्रयास से आरोपियों पर नकेल लगाई जा सकती है। शहरवासियों को इसी तरह आरोपियों का मुकाबला करना चाहिए। आरोपियों को सजा दिलवाना पुलिस की जिम्मेदारी है।
पंकज नैन, एसपी, रोहतक

आज मेरी बेटी ने पूरे परिवार का सिर ऊंचा किया है। उस पर पूरे परिवार को गर्व है। डिंपी की बहादुरी की वजह से पूरा शहर उसकी सराहना कर रहा है।
नीलम, डिंपी की मां
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