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डीटीपी के रिकार्ड से तैयार होंगे पांच हजार प्रॉपर्टी मालिकों के बिल
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:42 AM IST
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डीटीपी के रिकार्ड से तैयार होंगे पांच हजार प्रॉपर्टी मालिकों के बिल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम ने बकाया करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। शहर के पाश इलाके सनसिटी, ओमेक्स सिटी, एमटूएम और वन सिटी में बनी बिल्डिंगों का रिकार्ड शहर नगर योजनाकार विभाग से लिया है। अनुमान के तहत करीब पांच हजार के प्रॉपर्टी के बिल निगम रिकार्ड को देखकर बनाएगा, ताकि टैक्स की वसूली की जा सके।
निगम एक्ट के तहत हर पांच साल बार प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे किया जाता है। पिछला सर्वे शहर में 2011 में हुआ था। इसके तहत शहर में डेढ़ लाख के करीब प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट में है। इसमें 70 प्रतिशत रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। निगम ने इस रिकार्ड को आनलाइन अपडेट कर लिया है। लेकिन पिछले छह साल में शहर काफी फैल चुका है। नई-नई कॉलोनियां कट गईं हैं। निजी बिल्डर भी बिल्डिंग खड़ी कर चुके हैं, लेकिन सर्वे न होने के कारण निगम प्रॉपर्टी टैक्स नहीं वसूल पा रहा है।
आज छूट का आखिरी दिन
निगम की ओर से साल 2017-18 का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर नागरिकों को 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसका सोमवार को आखिरी दिन है। आम उपभोक्ता इसका फायदा उठा सकते हैं।
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गलती मिली तो उपभोक्ता ठीक करवा सकते हैं
जिला नगर योजनाकार विभाग से निगम ने निजी बिल्डर की बसाई गईं कालोनियों का रिकार्ड मंगवाया है। इसके आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल तैयार करके भेजेंगे। अगर कोई गलती रहेगी तो उपभोक्ता निगम कार्यालय में आकर ठीक करवा सकता है। साथ ही 10 प्रतिशत छूट लेने का सोमवार को आखिरी दिन है।
- हरीश दुग्गल, जोनल टैक्स आफिसर नगर निगम।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम ने बकाया करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। शहर के पाश इलाके सनसिटी, ओमेक्स सिटी, एमटूएम और वन सिटी में बनी बिल्डिंगों का रिकार्ड शहर नगर योजनाकार विभाग से लिया है। अनुमान के तहत करीब पांच हजार के प्रॉपर्टी के बिल निगम रिकार्ड को देखकर बनाएगा, ताकि टैक्स की वसूली की जा सके।
निगम एक्ट के तहत हर पांच साल बार प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे किया जाता है। पिछला सर्वे शहर में 2011 में हुआ था। इसके तहत शहर में डेढ़ लाख के करीब प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट में है। इसमें 70 प्रतिशत रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। निगम ने इस रिकार्ड को आनलाइन अपडेट कर लिया है। लेकिन पिछले छह साल में शहर काफी फैल चुका है। नई-नई कॉलोनियां कट गईं हैं। निजी बिल्डर भी बिल्डिंग खड़ी कर चुके हैं, लेकिन सर्वे न होने के कारण निगम प्रॉपर्टी टैक्स नहीं वसूल पा रहा है।
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आज छूट का आखिरी दिन
निगम की ओर से साल 2017-18 का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर नागरिकों को 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसका सोमवार को आखिरी दिन है। आम उपभोक्ता इसका फायदा उठा सकते हैं।
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गलती मिली तो उपभोक्ता ठीक करवा सकते हैं
जिला नगर योजनाकार विभाग से निगम ने निजी बिल्डर की बसाई गईं कालोनियों का रिकार्ड मंगवाया है। इसके आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल तैयार करके भेजेंगे। अगर कोई गलती रहेगी तो उपभोक्ता निगम कार्यालय में आकर ठीक करवा सकता है। साथ ही 10 प्रतिशत छूट लेने का सोमवार को आखिरी दिन है।
- हरीश दुग्गल, जोनल टैक्स आफिसर नगर निगम।