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प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने को 15 दिन और मिले
रोहतक/ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2013 07:10 PM IST
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दो साल के गृहकर में तीस फीसदी छूट पाने के लिए मची मारामारी से लोगों को अब राहत मिलेगी। सरकार ने गृहकर जमा करने के लिए 15 दिन की और मोहलत दे दी है।
हालांकि छूट का अंतिम दिन मानकर सोमवार सुबह से ही गृहकर जमा कराने वालों की भीड़ नगर निगम कार्यालय के बाहर लगनी शुरू हो गई थी। अब तक करीब दो करोड़ चालीस लाख रुपये गृहकर नीति के तहत जमा हो चुके हैं।
सोमवार सुबह ही पुराने एडीसी कार्यालय में गृहकर जमा कराने वालाें की लाइनें लग गई थी। दो साल के बकाया में तीस फीसदी की छूट पाने का सोमवार को अंतिम दिन था। दोपहर को जब लोगों को यह पता चला कि पंद्रह दिन की और मोहलत दे दी गई है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी आरोप था कि दलालों ने फार्म जमा कराने के नाम पर खूब चांदी कूटी है। रविवार को भी छुट्टी का दिन होने के बावजूद गृहकर जमा करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी और रविवार को ही 32 लाख रुपये की राशि गृहकर के रूप में जमा हुई और सोमवार शाम तक यह राशि दो करोड़ चालीस लाख रुपये पहुंच चुकी है। शहर में एक लाख 74 हजार लोग गृहकर की सूची में शामिल है।
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गृहकर जमा कराने वालों ने उपायुक्त को शिकायत की थी कि दलाल दो सौ रुपये लेकर फार्म जमा करा रहे हैं, जबकि लाइन में लगने वाले लोगों का नंबर ही नहीं आ रहा है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को इस बारे में कडे़ निर्देश दिए और महिलाओं के लिए अलग से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा। महिलाआें का कहना था कि महिलाओं की अलग से लाइन न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि छूट का अंतिम दिन मानकर सोमवार सुबह से ही गृहकर जमा कराने वालों की भीड़ नगर निगम कार्यालय के बाहर लगनी शुरू हो गई थी। अब तक करीब दो करोड़ चालीस लाख रुपये गृहकर नीति के तहत जमा हो चुके हैं।
सोमवार सुबह ही पुराने एडीसी कार्यालय में गृहकर जमा कराने वालाें की लाइनें लग गई थी। दो साल के बकाया में तीस फीसदी की छूट पाने का सोमवार को अंतिम दिन था। दोपहर को जब लोगों को यह पता चला कि पंद्रह दिन की और मोहलत दे दी गई है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
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हालांकि कुछ लोगों का यह भी आरोप था कि दलालों ने फार्म जमा कराने के नाम पर खूब चांदी कूटी है। रविवार को भी छुट्टी का दिन होने के बावजूद गृहकर जमा करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी और रविवार को ही 32 लाख रुपये की राशि गृहकर के रूप में जमा हुई और सोमवार शाम तक यह राशि दो करोड़ चालीस लाख रुपये पहुंच चुकी है। शहर में एक लाख 74 हजार लोग गृहकर की सूची में शामिल है।
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गृहकर जमा कराने वालों ने उपायुक्त को शिकायत की थी कि दलाल दो सौ रुपये लेकर फार्म जमा करा रहे हैं, जबकि लाइन में लगने वाले लोगों का नंबर ही नहीं आ रहा है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को इस बारे में कडे़ निर्देश दिए और महिलाओं के लिए अलग से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा। महिलाआें का कहना था कि महिलाओं की अलग से लाइन न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।