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खिड़वाली गौशाला से निगम की गाय गायब होने का मामला
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:44 AM IST
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फ्लैग : खिड़वाली गोशाला में गड़बड़ी का मामला
हेडिंग : निगम की एक साल में दम तोड़ गई 70 गाय
: निगम को सौंपी रिपोर्ट में गोशाला प्रबंधन ने खुद किया जिक्र
: आयुक्त ने सौंपी ज्वाइंट कमिश्नर को मामले की जांच
: राशि के भुगतान के लिए निगम कार्यालय पहुंचे गोशाला प्रधान व पदाधिकारी
: आयुक्त ने कहा, मामले की जांच जारी, 30 जून तक लेंगे फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। खिड़वाली गोशाला में निगम की 333 गाय गायब होने के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। गोशाला की तरफ से निगम को जो ब्योरा दिया गया है उसमें बताया है कि एक साल के अंदर 333 में से 70 गाय मर गईं। जबकि 262 गाय बची हैं, लेकिन उनके कानों पर से टैग निकल गए। जबकि निगम अधिकारियों का तर्क है कि जब तक कान पर टैग नहीं मिलेगा, तब तक कैसे मान लें कि यह गाय निगम की हैं। पूरे मामले की निगम के संयुक्त आयुक्त रवींद्र कुमार की देखरेख में जांच पड़ताल चल रही है। 30 जून से पहले मामले की रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपी जानी है।
एक दिन पहले गौशाला प्रधान धर्मसिंह प्रबंधक समिति के सदस्यों के साथ निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त आरएस वर्मा से मुलाकात की। आयुक्त ने बिना जांच पड़ताल के 50 लाख के बिल का भुगतान करने से इनकार कर दिया। साफ किया कि तीन सदस्यीय कमेटी पड़ताल कर रही है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद बिल पर फैसला लिया जाएगा। इससे पहले कुछ स्पष्ट करना जल्दबाजी होगी। इसके बाद प्रधान व दूसरे पदाधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर से मिलकर रवाना हो गए।
यूं दिया गौशाला प्रबंधन कमेटी ने 50 रुपये प्रति गाय खर्च का ब्योरा
माह कुल गाय मौत मासिक बिल
23 से 31 जुलाई 2017 333 3 1 लाख 48 हजार 500
अगस्त 330 6 5 लाख 2 हजार 200
सितंबर 324 7 4 लाख 75 हजार 500
अक्तूबर 317 6 4 लाख 82 हजार 50
नवंबर 311 8 4 लाख 54 हजार 500
दिसंबर 303 8 4 लाख 57 हजार 250
जनवरी 2018 295 7 4 लाख 46 हजार 400
फरवरी 288 6 3 लाख 94 हजार 800
मार्च 282 5 4 लाख 29 हजार 350
अप्रैल 277 6 4 लाख 6 हजार 500
मई 271 5 4 लाख 12 हजार 300
जून 266 4 3 लाख 93 हजार
वर्जन
मामले की जांच पड़ताल जारी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही गौशाला प्रबंधन कमेटी को भुगतान पर फैसला होगा।
-आरएस वर्मा, आयुक्त नगर निगम
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फ्लैग : खिड़वाली गोशाला में गड़बड़ी का मामला
हेडिंग : निगम की एक साल में दम तोड़ गई 70 गाय
: निगम को सौंपी रिपोर्ट में गोशाला प्रबंधन ने खुद किया जिक्र
: आयुक्त ने सौंपी ज्वाइंट कमिश्नर को मामले की जांच
: राशि के भुगतान के लिए निगम कार्यालय पहुंचे गोशाला प्रधान व पदाधिकारी
: आयुक्त ने कहा, मामले की जांच जारी, 30 जून तक लेंगे फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। खिड़वाली गोशाला में निगम की 333 गाय गायब होने के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। गोशाला की तरफ से निगम को जो ब्योरा दिया गया है उसमें बताया है कि एक साल के अंदर 333 में से 70 गाय मर गईं। जबकि 262 गाय बची हैं, लेकिन उनके कानों पर से टैग निकल गए। जबकि निगम अधिकारियों का तर्क है कि जब तक कान पर टैग नहीं मिलेगा, तब तक कैसे मान लें कि यह गाय निगम की हैं। पूरे मामले की निगम के संयुक्त आयुक्त रवींद्र कुमार की देखरेख में जांच पड़ताल चल रही है। 30 जून से पहले मामले की रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपी जानी है।
एक दिन पहले गौशाला प्रधान धर्मसिंह प्रबंधक समिति के सदस्यों के साथ निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त आरएस वर्मा से मुलाकात की। आयुक्त ने बिना जांच पड़ताल के 50 लाख के बिल का भुगतान करने से इनकार कर दिया। साफ किया कि तीन सदस्यीय कमेटी पड़ताल कर रही है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद बिल पर फैसला लिया जाएगा। इससे पहले कुछ स्पष्ट करना जल्दबाजी होगी। इसके बाद प्रधान व दूसरे पदाधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर से मिलकर रवाना हो गए।
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यूं दिया गौशाला प्रबंधन कमेटी ने 50 रुपये प्रति गाय खर्च का ब्योरा
माह कुल गाय मौत मासिक बिल
23 से 31 जुलाई 2017 333 3 1 लाख 48 हजार 500
अगस्त 330 6 5 लाख 2 हजार 200
सितंबर 324 7 4 लाख 75 हजार 500
अक्तूबर 317 6 4 लाख 82 हजार 50
नवंबर 311 8 4 लाख 54 हजार 500
दिसंबर 303 8 4 लाख 57 हजार 250
जनवरी 2018 295 7 4 लाख 46 हजार 400
फरवरी 288 6 3 लाख 94 हजार 800
मार्च 282 5 4 लाख 29 हजार 350
अप्रैल 277 6 4 लाख 6 हजार 500
मई 271 5 4 लाख 12 हजार 300
जून 266 4 3 लाख 93 हजार
वर्जन
मामले की जांच पड़ताल जारी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही गौशाला प्रबंधन कमेटी को भुगतान पर फैसला होगा।
-आरएस वर्मा, आयुक्त नगर निगम