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रोहतक में भाजपा भीड़ जुटाना अब हो रहा मुश्किल
Updated Fri, 04 May 2018 03:32 AM IST
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जिले में कई बड़े कार्यक्रम में भी खाली रह गई थी कुर्सियां, कार्यकर्त्ता से लेकर मंत्री लगे जनता को रिझाने में
शैलेश तिवारी
रोहतक।
भाजपा सरकार के लिए रोहतक में हुए पिछले सभी कार्यक्रमों भीड़ जुटाना मुश्किल रहा है और यह मुश्किल बढ़ती ही जा रही है। कहीं कुर्सियां खाली रहती हैं तो किसी प्रोग्राम में हूटिंग हो जाती है। वीरवार को रोड शो के दौरान भीड़ का कम होना भी भाजपा के लिए खतरे की घंटी ही है। भीड़ जुटाने के लिए हर तरह के प्रयास किए गए, लेकिन कोई भी तरीका कारगर साबित नहीं हुआ।
तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी हूटिंग
तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान जब मंच से सीएम मनोहर लाल खट्टर बोल रहे तभी पंडाल में मौजूद जनता ने हूटिंग करी थी। तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती साबित हो गया था। मुख्य पंडाल में पीछे की तरफ कुर्सियां खाली ही रही थी। सम्मेलन शुरू होने से पहले किसानों के घर-घर कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए न्यौता दिया था। उसके बाद भी सम्मेलन रोहतक की जनता ने खासा रुझान नहीं लिया।
विराट व्यापारी सम्मेलन के दौरान पंडाल से कम कराई थी कुर्सियां
जानकारों के अनुसार माने तो शहर के पुराने आईटीआई ग्राउंड में आयोजित विराट व्यापारी सम्मेलन के दौरान शहर के एक मंत्री ने व्यापारियों की संख्या को कम देखते हुए पंडाल से कुर्सियों की संख्या ही कम करवा दी थी। उसके मायने भी यही लगाए जा रहे थे अगर कुर्सियां ज्यादा हुई और सम्मेलन में व्यापारी कम आए तो दिक्कत का सामना करना पड़ सकता था। भीड़ को ज्यादा दिखाने के लिए कुर्सियों की संख्या को कम कर दिया गया था।
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व्यापारी बोले- स्वागत को करेंगे लेकिन वोट की सोचेंगे
वीरवार को आयोजित मुख्यमंत्री के रोड शो के दौरान किला रोड के व्यापारियों का एक बड़ा तबका बोला कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का स्वागत तो करेंगे, लेकिन उनको वोट देने के बारे में सोचना पड़ेगा। प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से व्यापारी वर्ग खुश नहीं है। व्यापारियों का यहां तक कहना था कि रोड शो के दौरान सीएम के साथ जो भी व्यापारी वर्ग चल रहा है, वह आने वाले चुनाव में वोट में तब्दील हो पाएगा, इसमें संदेह है।
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शैलेश तिवारी
रोहतक।
भाजपा सरकार के लिए रोहतक में हुए पिछले सभी कार्यक्रमों भीड़ जुटाना मुश्किल रहा है और यह मुश्किल बढ़ती ही जा रही है। कहीं कुर्सियां खाली रहती हैं तो किसी प्रोग्राम में हूटिंग हो जाती है। वीरवार को रोड शो के दौरान भीड़ का कम होना भी भाजपा के लिए खतरे की घंटी ही है। भीड़ जुटाने के लिए हर तरह के प्रयास किए गए, लेकिन कोई भी तरीका कारगर साबित नहीं हुआ।
तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी हूटिंग
तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान जब मंच से सीएम मनोहर लाल खट्टर बोल रहे तभी पंडाल में मौजूद जनता ने हूटिंग करी थी। तृतीय कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती साबित हो गया था। मुख्य पंडाल में पीछे की तरफ कुर्सियां खाली ही रही थी। सम्मेलन शुरू होने से पहले किसानों के घर-घर कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए न्यौता दिया था। उसके बाद भी सम्मेलन रोहतक की जनता ने खासा रुझान नहीं लिया।
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विराट व्यापारी सम्मेलन के दौरान पंडाल से कम कराई थी कुर्सियां
जानकारों के अनुसार माने तो शहर के पुराने आईटीआई ग्राउंड में आयोजित विराट व्यापारी सम्मेलन के दौरान शहर के एक मंत्री ने व्यापारियों की संख्या को कम देखते हुए पंडाल से कुर्सियों की संख्या ही कम करवा दी थी। उसके मायने भी यही लगाए जा रहे थे अगर कुर्सियां ज्यादा हुई और सम्मेलन में व्यापारी कम आए तो दिक्कत का सामना करना पड़ सकता था। भीड़ को ज्यादा दिखाने के लिए कुर्सियों की संख्या को कम कर दिया गया था।
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व्यापारी बोले- स्वागत को करेंगे लेकिन वोट की सोचेंगे
वीरवार को आयोजित मुख्यमंत्री के रोड शो के दौरान किला रोड के व्यापारियों का एक बड़ा तबका बोला कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का स्वागत तो करेंगे, लेकिन उनको वोट देने के बारे में सोचना पड़ेगा। प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से व्यापारी वर्ग खुश नहीं है। व्यापारियों का यहां तक कहना था कि रोड शो के दौरान सीएम के साथ जो भी व्यापारी वर्ग चल रहा है, वह आने वाले चुनाव में वोट में तब्दील हो पाएगा, इसमें संदेह है।