{"_id":"663abd1e4f47311076085946","slug":"12700-children-from-class-3rd-to-5th-prepared-a-draft-of-a-letter-to-be-written-to-their-mother-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-110122-2024-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: तीसरी से पांचवीं के 12700 बच्चों ने मां को लिखे जाने वाले पत्र का किया ड्राफ्ट तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: तीसरी से पांचवीं के 12700 बच्चों ने मां को लिखे जाने वाले पत्र का किया ड्राफ्ट तैयार
Wed, 08 May 2024 05:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 08 May 2024 05:15 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थी मातृ दिवस पर अपनी मां के नाम पत्र लिखेंगे। जिले के 12700 बच्चे इसमें भाग लेंगे। मंगलवार को इन सभी बच्चों ने शिक्षकों के नेतृत्व में पत्र का ड्राफ्ट तैयार किया। बच्चों ने शिक्षकों के नेतृत्व में अपने मन के भाव को कागज पर लिखा। समझाए गए ड्राफ्ट के अनुसार बच्चों ने पत्र लिखकर अपने अध्यापक को दिखाया। अब मूल पत्र तैयार करके बच्चे उसे लिफाफे में रखकर अपनी मां को सौंपेंगे।
जिला एफएलएन संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि यह अनूठी पहल निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत भाषा के लेखन कौशल विकास के लिए ली जा रही है तथा इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिले के तीसरी से पांचवीं के 12700 विद्यार्थी इस पत्र लेखन कार्यक्रम का भाग बनेंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने सभी अध्यापकों से आह्वान किया कि विभाग के दिशा निर्देशानुसार बच्चों को पत्र लेखन का कार्य करवाएं, क्योंकि मातृ दिवस मनाने की सार्थकता तभी होगी जब बच्चे अपनी मां के प्रति श्रद्धा भाव से उनकी कृतज्ञयता को समझेंगे।
विज्ञापन
जिला एफएलएन संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि यह अनूठी पहल निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत भाषा के लेखन कौशल विकास के लिए ली जा रही है तथा इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिले के तीसरी से पांचवीं के 12700 विद्यार्थी इस पत्र लेखन कार्यक्रम का भाग बनेंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने सभी अध्यापकों से आह्वान किया कि विभाग के दिशा निर्देशानुसार बच्चों को पत्र लेखन का कार्य करवाएं, क्योंकि मातृ दिवस मनाने की सार्थकता तभी होगी जब बच्चे अपनी मां के प्रति श्रद्धा भाव से उनकी कृतज्ञयता को समझेंगे।
विज्ञापन