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बारशि ने रोका एलिवेटिड रोड का निर्माण
Updated Sat, 17 Jun 2017 02:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर में करीब 10 घंटे हुई बारिश ने एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य रोक दिया। अंबेडकर चौक से पुराना बस स्टैंड तक जल भराव होने के चलते मशीनें काम नहीं कर पाईं। पिलर के लिए खोद गए गड्ढे में पानी भरने से निर्माण कार्य में बाधा आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि एलिवेटेड रोड के निर्माण के चलते जल निकासी नहीं हो पाई। पहले शहर का बरसाती पानी अप्पू घर में आ जाता था, लेकिन अब पानी नहीं जा पाया। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया बारिश होने के दौरान ही एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य रोका गया, इसके बाद निर्माण सुचारू कर दिया गया।
सिविल रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान ललित मोहन सैनी ने बताया कि नगर निगम की गलत नीति के चलते मामूली सी बरसात से जलभराव हो जाता है। जबकि मानसून आने पर तो हालात और बिगड़ जाएंगे। व्यापारी नेता सूरज रसवंत ने कहा कि अभी प्री मानसून में ही ये हालात हो गए हैं, जब मानसून आयेगा तो क्या होगा? छोटूराम चौक निचाई पर होने के कारण एक ही बारिश में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था पर पूर्ण रूप से ध्यान नहीं देता। नालों में गंदगी अटी रहती है, सफाई के समय केवल नाम मात्र का कूड़ा निकाला जाता है। पानी निकासी के लिये पानी की मोटरें लगाईं गईं थी लेकिन शुक्रवार को मोटरें नहीं चलाईं गईं। पहले भी ऐसा ही किया जाता रहा है। इसका नतीजा यह है कि बरसात का पानी सड़क पर कई घंटों भरा रहा।
प्री मानसून की पहली बरसात शहर नहीं झेल पाया। रामगोपाल कॉलोनी और ट्रक यूनियन के नजदीक घरों के अंदर पानी भर गया। रेलवे रोड पर बरसाती पानी ने लोगों को घुटनों पानी में गुजरने पर मजबूर कर दिया। बरसात से सुबह करीब साढे़ सात बजे राभरा मोहल्ले में एक मकान गिर गया। गनीमत रही यहां कोई घायल नहीं हुआ। यहां चार कमरों के मकान में दो कमरे गिर गए और घर का सामान टूट गया। घर मालिक संजय आटो चालक है। संजय की पत्नी पूनम ने बताया कि आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण उनका मकान कच्चा और जर्जर था। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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सुनारिया चौक पर डेयरी की छत गिरी, दो मवेशी मरे
बारिश के दौरान सुनारिया चौक पर एक डेयरी की छत गिर गई। हादसे में एक कटड़ा और एक कटिया मर गई। अन्य भैंसों और गायों को भी मामूली चोट आई है। डेयरी संचालक नीलम देवी ने बताया कि सुबह तकरीबन पांच बजे डेयरी की छत गिर गई। कर्मचारियों ने तुरंत पशुओं को बाहर निकाला। लेकिन दो मवेशी नीचे दबने से मर गए।
सीवर लाइन की करवा चुके हैं सफाई
बरसात के तकरीबन 12 घंटे बाद बिजली आई है। जलभराव की समस्या मुख्य रूप से सोनीपत रोड, सेक्टर तीन-चार, हिसार रोड पर रह गई है। बाकी स्थानों का पानी निकल गया है। सीवर की सफाई जैसा कोई मामला नहीं है, अधिकांश की सफाई हो चुकी है। निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस ओर कार्य कर रहे हैं। रात को दो बजे ही बिजली चली गई थी। डीजल जनरेटर को अधिक नहीं चलाया जा सकता।
- संजीव, एसडीई, सीवर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
बारिश के दौरान ही रुका एलिवेटेड रोड का निर्माण
बरसाती पानी को निकालने की पुरानी लाइन ही अभी चालू हैं। इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है। जो नई लाइन बिछाई गईं हैं वह एक सप्ताह बाद जांच के बाद चालू करेंगे, तब पुरानी लाइन को रोक कर शिफ्ट करेंगे। बरसाती पानी की निकासी के दौरान कोई समस्या नहीं हुई है। अकसर बरसात का पानी उतरने में समय लगता है, वही समय आज लगा है। एलिवेटेड रोड का कार्य सिर्फ उतने समय ही रुका है, जितनी देर बरसात हुई है। हमें पिलर की मजबूती के लिए और खोदने के लिए पानी की वैसे भी जरूरत पड़ती है, जो कि बरसात के पानी से पूरी हो गई।
- प्रदीप रंजन, अधीक्षक अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
लाखनमाजरा। कस्बे में सुबह 1.30 बजे शुरू हुई बरसात रुक-रुक कर दस बजे तक हुई। इससे लोगों को तेज गर्मी में अचानक सर्दी का अहसास हुआ। इस बारिश से किसानों को बहुत अधिक फायदा होगा। किसानों ने कहा कि इस बरसात से कपास की फसल में बढ़वार होगी। बाजरा, ज्वार और धान की बिजाई शुरू होगी। ईंख की फसल में लग रहा सूखा भी अब समाप्त होगा।
आंधी आई तो चली गई बिजली, दिनभर नहीं आई
लाखनमाजरा। तेज आंधी और बारिश के कारण लाखनमाजरा गांव की बिजली सप्लाई ठप हो गई। वासी सुरेंद्र, अनिल, प्रमोद, दीपक, हरभगवान राठी, राजेश और सतबीर चौहान ने बताया कि रात को लगभग डेढ़ बजे आई आंधी और बारिश के कारण गांव की बिजली सप्लाई कट गई थी। इसके बाद पूरे दिन नहीं आई। इससे ग्रामीणों के काम धंधे बंद रहे।
रोहतक।
शहर में करीब 10 घंटे हुई बारिश ने एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य रोक दिया। अंबेडकर चौक से पुराना बस स्टैंड तक जल भराव होने के चलते मशीनें काम नहीं कर पाईं। पिलर के लिए खोद गए गड्ढे में पानी भरने से निर्माण कार्य में बाधा आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि एलिवेटेड रोड के निर्माण के चलते जल निकासी नहीं हो पाई। पहले शहर का बरसाती पानी अप्पू घर में आ जाता था, लेकिन अब पानी नहीं जा पाया। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया बारिश होने के दौरान ही एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य रोका गया, इसके बाद निर्माण सुचारू कर दिया गया।
सिविल रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान ललित मोहन सैनी ने बताया कि नगर निगम की गलत नीति के चलते मामूली सी बरसात से जलभराव हो जाता है। जबकि मानसून आने पर तो हालात और बिगड़ जाएंगे। व्यापारी नेता सूरज रसवंत ने कहा कि अभी प्री मानसून में ही ये हालात हो गए हैं, जब मानसून आयेगा तो क्या होगा? छोटूराम चौक निचाई पर होने के कारण एक ही बारिश में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था पर पूर्ण रूप से ध्यान नहीं देता। नालों में गंदगी अटी रहती है, सफाई के समय केवल नाम मात्र का कूड़ा निकाला जाता है। पानी निकासी के लिये पानी की मोटरें लगाईं गईं थी लेकिन शुक्रवार को मोटरें नहीं चलाईं गईं। पहले भी ऐसा ही किया जाता रहा है। इसका नतीजा यह है कि बरसात का पानी सड़क पर कई घंटों भरा रहा।
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प्री मानसून की पहली बरसात शहर नहीं झेल पाया। रामगोपाल कॉलोनी और ट्रक यूनियन के नजदीक घरों के अंदर पानी भर गया। रेलवे रोड पर बरसाती पानी ने लोगों को घुटनों पानी में गुजरने पर मजबूर कर दिया। बरसात से सुबह करीब साढे़ सात बजे राभरा मोहल्ले में एक मकान गिर गया। गनीमत रही यहां कोई घायल नहीं हुआ। यहां चार कमरों के मकान में दो कमरे गिर गए और घर का सामान टूट गया। घर मालिक संजय आटो चालक है। संजय की पत्नी पूनम ने बताया कि आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण उनका मकान कच्चा और जर्जर था। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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सुनारिया चौक पर डेयरी की छत गिरी, दो मवेशी मरे
बारिश के दौरान सुनारिया चौक पर एक डेयरी की छत गिर गई। हादसे में एक कटड़ा और एक कटिया मर गई। अन्य भैंसों और गायों को भी मामूली चोट आई है। डेयरी संचालक नीलम देवी ने बताया कि सुबह तकरीबन पांच बजे डेयरी की छत गिर गई। कर्मचारियों ने तुरंत पशुओं को बाहर निकाला। लेकिन दो मवेशी नीचे दबने से मर गए।
सीवर लाइन की करवा चुके हैं सफाई
बरसात के तकरीबन 12 घंटे बाद बिजली आई है। जलभराव की समस्या मुख्य रूप से सोनीपत रोड, सेक्टर तीन-चार, हिसार रोड पर रह गई है। बाकी स्थानों का पानी निकल गया है। सीवर की सफाई जैसा कोई मामला नहीं है, अधिकांश की सफाई हो चुकी है। निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस ओर कार्य कर रहे हैं। रात को दो बजे ही बिजली चली गई थी। डीजल जनरेटर को अधिक नहीं चलाया जा सकता।
- संजीव, एसडीई, सीवर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
बारिश के दौरान ही रुका एलिवेटेड रोड का निर्माण
बरसाती पानी को निकालने की पुरानी लाइन ही अभी चालू हैं। इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है। जो नई लाइन बिछाई गईं हैं वह एक सप्ताह बाद जांच के बाद चालू करेंगे, तब पुरानी लाइन को रोक कर शिफ्ट करेंगे। बरसाती पानी की निकासी के दौरान कोई समस्या नहीं हुई है। अकसर बरसात का पानी उतरने में समय लगता है, वही समय आज लगा है। एलिवेटेड रोड का कार्य सिर्फ उतने समय ही रुका है, जितनी देर बरसात हुई है। हमें पिलर की मजबूती के लिए और खोदने के लिए पानी की वैसे भी जरूरत पड़ती है, जो कि बरसात के पानी से पूरी हो गई।
- प्रदीप रंजन, अधीक्षक अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
लाखनमाजरा। कस्बे में सुबह 1.30 बजे शुरू हुई बरसात रुक-रुक कर दस बजे तक हुई। इससे लोगों को तेज गर्मी में अचानक सर्दी का अहसास हुआ। इस बारिश से किसानों को बहुत अधिक फायदा होगा। किसानों ने कहा कि इस बरसात से कपास की फसल में बढ़वार होगी। बाजरा, ज्वार और धान की बिजाई शुरू होगी। ईंख की फसल में लग रहा सूखा भी अब समाप्त होगा।
आंधी आई तो चली गई बिजली, दिनभर नहीं आई
लाखनमाजरा। तेज आंधी और बारिश के कारण लाखनमाजरा गांव की बिजली सप्लाई ठप हो गई। वासी सुरेंद्र, अनिल, प्रमोद, दीपक, हरभगवान राठी, राजेश और सतबीर चौहान ने बताया कि रात को लगभग डेढ़ बजे आई आंधी और बारिश के कारण गांव की बिजली सप्लाई कट गई थी। इसके बाद पूरे दिन नहीं आई। इससे ग्रामीणों के काम धंधे बंद रहे।