फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता मे बेहाल व्यवस्था

नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता मे बेहाल व्यवस्था

Thu, 21 Dec 2017 03:01 AM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 03:01 AM IST
विज्ञापन
नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता मे बेहाल व्यवस्था
मैदा की बोरी पर नहीं मिली पैकिंग डेट, मेस के बाहर रखवाया
विज्ञापन

- दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया मेस की निरीक्षण

शैलेश तिवारी
रोहतक।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही 63वीं नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार फिर से मेस का औचक निरीक्षण किया। बिना डेट की आई मैदे की बोरी को तुरंत हटवा दिया गया है।
खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर लापरवाही को बरतने का मामले पहले भी अमर उजाला ने उठाया था जिस पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेस का औचक निरीक्षण कर आयोजकों को चेतावनी दी। नेशनल गेम के तीसरे दिन भी डिप्टी सीएमओ केएल मलिक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। टीम ने मौके पर आईं बिना डेट वाली मैदे की बोरी को वापस करा दिया। उन्होंने कहा कि पहले दिन की अपेक्षा बुधवार को मेस में काफी सुधार देखने को मिला है। खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन


बिना गल्ब्स के परोस रहे खाना
डिप्टी सीएमओ ने कहा कि मैस में काम करने वाले सभी कर्मचारी बिना गल्ब्स के काम कर रहे हैं। जिससे इंफेक्शन फैलने का खतरा बना रहता है। मौके पर जो भी कर्मी बिना गल्ब्स के खाना परोस रहे थे उनको गल्ब्स पहन कर खाना परोसने कि हिदायत दी गई है। ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सके। यही खिलाड़ी आगे चलकर हमारे देश का नाम विदेशों में रोशन करेंगे उनको किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये था मामला
जिले में आयोजित 63वीं नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 26 राज्यों से आए 1392 से ज्यादा खिलाड़ियों केस्वास्थ्य का कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। विभिन्न राज्य से आए खिलाड़ियों को एक्सपायरी डेट के आटे की रोटी खिलायी जा रही है। इस बात का खुलासा आटे की बोरी पर लिखी डेट से हुआ। नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में इस्तेमाल हो रहे इस तरह के खाद्य पदार्थों पर किसी भी अधिकारी ने गौर नहीं किया, गौर करने वाली बात यह है कि नेशनल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा अधिकारी भी शामिल हैं। साथ ही प्रदेश को पहली बार नेशनल एथलेटिक्स टीम की मेजबानी करने का मौका मिला है।

हमारे यहां नहीं मिलती ऐसी लस्सी
हमारे यहां इस तरह की लस्सी नहीं मिलती है, हमने लस्सी को देखकर ही नहीं लिया है। हरियाणा में इस तरह के खाने की व्यवस्था होगी ऐसा सोचा नहीं था। खाने स्वाद कुछ हद तो ठीक है। लेकिन बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
परमजीत, खिलाड़ी पंजाब

ऐसी व्यवस्था होगी उम्मीद न थी
हम लोगों को पौष्टिक खाने की व्यवस्था करनी चाहिए थी, जैसा कि हरियाणा के बारे में सुना था बिलकुल उसके इतर व्यवस्था की गई है। जहां का दूध-दही इतना मशहूर हो वहां पर ऐसी व्यवस्था की उम्मीद नहीं रखी जा सकती है।
लक्ष्मी, खिलाड़ी लुधियाना

प्रदेश का नाम हो रहा खराब
खाने की व्यवस्था से तो हरियाणा का नाम दूसरे प्रदेशों में भी खराब हो रहा है। लस्सी के नाम पर पानी दिया जा रहा है। इससे अच्छा तो लस्सी का रखा ही नहीं गया होता तो कम से कम प्रदेश का नाम तो खराब नहीं होता।
मूर्ति देवी, शिक्षिका।

और बेहतर होनी थी व्यवस्था
आयोजकों को खिलाड़ियों के खाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए था, ताकि उनको पौष्टिक आहार मिल सके। जिससे वे अपने खेलों में और अच्छा प्रदर्शन कर सके। अमर उजाला ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया जो सराहनीय है।
ईश्वंती देवी, शिक्षिका रोहतक

पहले की अपेक्षा सुधार आया है
बिना डेट वाली मैदे की बोरी मौके पर मिली थी, जिसको तुरंत वापस वापस करने के लिए बोल दिया गया है। मौके पर सलाद को भी दो बार साफ पानी में धुलने के लिए बोल गया है। पहले की अपेक्षा मैस में काफी सुधार आया है। वहां पर काम कर कर्मियों को भी साफ-सफाई से काम करने की हिदायत दी गई है।
- डॉ केएल मलिक, डिप्टी सीएमओ
--------------------------
वाशरूम की हालत खराब, इंफेक्शन का डर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक ।
राजीव गांधी खेल परिसर में हो रही 63वीं स्कूल नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रदेश के ही खिलाड़ियों का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि जो वाशरूम इस्तेमाल करने के लिए दिया गया है उसकी हालत बहुत ही खराब है, जब कि संबंधित विभाग को नेशनल खेलने आएं खिलाड़ियों का ध्यान देना चाहिए।

प्रदेश की ही पैरा-ओलंपिक खिलाड़ियों की आयोजकों की तरफ से जहां रुकने की व्यवस्था की गई है वहां के वाशरूम की हालत बहुत ही दयनीय है। वाशरूम की हालत ऐसी है कि इसको यूज करने वाले को इंफेक्शन होने का खतरा बना हुआ है। वहां मौजूद कुछ पैरा-ओलांपिक खिलाड़ियों ने वाशरूम के इस्तेमाल पर एतराज जताया है। वहां नोडल अधिकारी जोगेंद्र हुड्डा ने बताया कि वाशरूम की सफाई का काम हुडा का है। हमारे पैरा-ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए वाशरूम की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ी साफ वाशरूम का इस्तेमाल करें। जहां पर पैरा-ओलंपिक खिलाड़ियों को रोका गया है वहां हमने केवल दो ही हाल किराए पर लिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed