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जमाव बिंदु पर पहुंचा पारा, किसान चिंतित.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:15 AM IST
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जिले में ठिठुरन छाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गुलमर्ग और शिमला में हो रही भारी बर्फबारी से जिले में ठिठुरन छा गई है। बुधवार को जिले में न्यूनतम पारा जमाव बिंदू(0 डिग्री) पर पहुंच गया। शून्य तापमान के चलते पेड़-पौधों, खड़े वाहनों पर बर्फ जमी हुई देखी गई। कड़ाके की ठंड से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बुधवार को सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रहीं, वहीं स्कूल बसें, दफ्तार कर्मचारी ठंड के चलते अपने गंतव्य स्थल पर भी देरी से पहुंचे। इस सीजन जिले में पहली बार तापमान शून्य डिग्री पर पहुंचा है, वहीं पिछले पांच सालों में जनवरी के शुरूआती दौर में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री नहीं रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है आने वाले दिनों में पारा माइनस में जा सकता है। यदि पारा माइनस तक पहुंच गया, तो यह फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
दिनभर चलीं सर्द हवाएं
सुबह 7.23 बजे तापमान शून्य डिग्री था, वहीं दोपहर 2.30 बजे तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। दोपहर में तापमान बढ़ने और धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। दिनभर चली सर्द हवाओं से ठिठुरन रही और लोग कंपकंपाते नजर आए। वहीं मंगलवार को भी सर्द हवाओं के साथ दिन में भारी ठंड पड़ी। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया था।
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शून्य व माइनस पारा करेगा नुकसान
कृषि उपनिदेशक डॉ रोहताश कहते हैं कि रबी की फसल के लिए कड़ाके की ठंड रामबाण है, लेकिन पारा शून्य या इससे नीचे चला जाता है, तो यही ठंड फसलों की जान ले लेगी। उन्होंने बताया कि विशेषकर सरसों की फसल में इस ठंड से बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान फसल में नियमित सिंचाई कर फसलों को अत्यधिक ठंड से बचा सकते हैं।
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बुधवार को सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रहीं, वहीं स्कूल बसें, दफ्तार कर्मचारी ठंड के चलते अपने गंतव्य स्थल पर भी देरी से पहुंचे। इस सीजन जिले में पहली बार तापमान शून्य डिग्री पर पहुंचा है, वहीं पिछले पांच सालों में जनवरी के शुरूआती दौर में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री नहीं रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है आने वाले दिनों में पारा माइनस में जा सकता है। यदि पारा माइनस तक पहुंच गया, तो यह फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
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दिनभर चलीं सर्द हवाएं
सुबह 7.23 बजे तापमान शून्य डिग्री था, वहीं दोपहर 2.30 बजे तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। दोपहर में तापमान बढ़ने और धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। दिनभर चली सर्द हवाओं से ठिठुरन रही और लोग कंपकंपाते नजर आए। वहीं मंगलवार को भी सर्द हवाओं के साथ दिन में भारी ठंड पड़ी। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया था।
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शून्य व माइनस पारा करेगा नुकसान
कृषि उपनिदेशक डॉ रोहताश कहते हैं कि रबी की फसल के लिए कड़ाके की ठंड रामबाण है, लेकिन पारा शून्य या इससे नीचे चला जाता है, तो यही ठंड फसलों की जान ले लेगी। उन्होंने बताया कि विशेषकर सरसों की फसल में इस ठंड से बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान फसल में नियमित सिंचाई कर फसलों को अत्यधिक ठंड से बचा सकते हैं।