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Rewari News: नहर में नहीं पहुंचा पानी, आज भी नहीं आया तो बढ़ेगा संकट
Tue, 29 Apr 2025 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सोनीपत के खुबड़ू हेड से जेएलएन नहर में पानी छोड़ दिया गया है लेकिन सोमवार को नहर में पानी नहीं पहुंचा। अब मंगलवार को नहर में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर मंगलवार को भी पानी नहीं आया तो आपूर्ति का शेड्यूल गड़बड़ होने के साथ ही पेयजल संकट गहरा जाएगा।
जेएलएन नहर में सोमवार को पानी रेवाड़ी पहुंचने की संभावना जताई गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि पानी आते ही इसका भंडारण करने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी लेकिन सोमवार को नहर में पानी नहीं आया। अभी 3 दिन का ही पानी शेष बचा है। अगर मंगलवार को नहर में नहीं पहुंचता है तो जल संकट और गहरा जाएगा। रविवार को नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था लेकिन नहर में पानी नहीं पहुंचा है।
वर्तमान में शहरवासियों को एक समय ही पानी मिल रहा है, जबकि पहले दो टाइम जलापूर्ति होती थी। नहर में जलापूर्ति बंद होने से जलघरों के तालाब सूखने के कगार पर हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर के जलघरों में केवल एक दिन का पानी ही शेष है। कालाका जलघर में अभी अलग-अलग क्षमता के पांच वाटर टैंक बनाए गए हैं। इनमें पानी क्षमता से ज्यादा भरने के बाद भी शहर में लगभग 20 दिन जलापूर्ति की जा सकती है।
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नहरी पानी का शेड्यूल बदला हुआ है। नहर में 15 दिन पानी चलता है और 24 दिन बंद रहता है, जबकि टैंकों की क्षमता कम है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी का स्टोरेज नहीं हो पाता है, जिससे शहर में खासकर गर्मी के दिनों में यह समस्या अक्सर आ जाती है। अगर यहां एक टैंक और बने तो हालात सुधर सकते हैं।
आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता पड़ रही कम
शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है। शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है।
वर्जन
जेएलएन नहर में सोमवार को पानी पहुंचने की संभावना थी लेकिन पानी नहीं पहुंचा है। अब मंगलवार को नहर में पानी पहुंचने की उम्मीद है। 3 दिन का पानी शेष है।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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रेवाड़ी। सोनीपत के खुबड़ू हेड से जेएलएन नहर में पानी छोड़ दिया गया है लेकिन सोमवार को नहर में पानी नहीं पहुंचा। अब मंगलवार को नहर में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर मंगलवार को भी पानी नहीं आया तो आपूर्ति का शेड्यूल गड़बड़ होने के साथ ही पेयजल संकट गहरा जाएगा।
जेएलएन नहर में सोमवार को पानी रेवाड़ी पहुंचने की संभावना जताई गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि पानी आते ही इसका भंडारण करने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी लेकिन सोमवार को नहर में पानी नहीं आया। अभी 3 दिन का ही पानी शेष बचा है। अगर मंगलवार को नहर में नहीं पहुंचता है तो जल संकट और गहरा जाएगा। रविवार को नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था लेकिन नहर में पानी नहीं पहुंचा है।
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वर्तमान में शहरवासियों को एक समय ही पानी मिल रहा है, जबकि पहले दो टाइम जलापूर्ति होती थी। नहर में जलापूर्ति बंद होने से जलघरों के तालाब सूखने के कगार पर हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर के जलघरों में केवल एक दिन का पानी ही शेष है। कालाका जलघर में अभी अलग-अलग क्षमता के पांच वाटर टैंक बनाए गए हैं। इनमें पानी क्षमता से ज्यादा भरने के बाद भी शहर में लगभग 20 दिन जलापूर्ति की जा सकती है।
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नहरी पानी का शेड्यूल बदला हुआ है। नहर में 15 दिन पानी चलता है और 24 दिन बंद रहता है, जबकि टैंकों की क्षमता कम है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी का स्टोरेज नहीं हो पाता है, जिससे शहर में खासकर गर्मी के दिनों में यह समस्या अक्सर आ जाती है। अगर यहां एक टैंक और बने तो हालात सुधर सकते हैं।
आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता पड़ रही कम
शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है। शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है।
वर्जन
जेएलएन नहर में सोमवार को पानी पहुंचने की संभावना थी लेकिन पानी नहीं पहुंचा है। अब मंगलवार को नहर में पानी पहुंचने की उम्मीद है। 3 दिन का पानी शेष है।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।