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Rewari News: एक साल में ही गिर गई एमआरएफ सेंटर की दीवार, 45 लाख रुपये से हुआ था निर्माण

Sun, 07 May 2023 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 07 May 2023 11:23 PM IST
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wall of mrf center collapsed within year was constructed with 45 lakh rupees
जगन गेट चौकी के पास टूटी एमआरएफ की दीवार।
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। महज एक साल पूर्व करीब 45 लाख रुपये से बनाया गया एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर खंडहर में तब्दील हो रहा है। तीन दिन पूर्व सेंटर की दीवार भी गिर गई, जिससे पड़ोस में रहने वाले परिवारों के बच्चे भी बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद लोग निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे हैं। आसपास के लोगों की शिकायत के बाद भी नगर परिषद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
कचरा डालने से आसपास का वातावरण बदबूदार हो रहा है, जिससे लोगों का यहां रहना मुश्किल हो गया है। शहर के कचरे को एक जगह इकट्ठा करने के बाद सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के बाद बावल क्षेत्र के रामसिंहपुरा में बनाए गए ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्लांट में डाला जाना था। इसी उद्देश्य से शहर के जगन गेट पर 300 गज जमीन पर करीब 45 लाख रुपये की लागत से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्घाटन 13 मई 2022 को हुआ था। हालांकि शुरुआत में भी स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया था, लेकिन उनको आश्वासन दिया गया था कि यहां कचरा जमा नहीं होने दिया जाएगा। महज एक साल के दौरान ही यहां के हालात बहुत दयनीय हो गए।
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तीन दिन पूर्व गिर गई दीवार
एमआरएफ सेंटर की दीवार तीन दिन पूर्व भरभराकर गिर गई, जिससे लोग सेंटर के निर्माण में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाने लगे हैं। दीवार गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध स्वरूप नर परिषद प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद डीसी को भी शिकायत दी गई है।
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लंबे समय से नहीं उठाया जा रहा कचरा
शहर से उठाया जाने वाला कचरा इसी सेंटर में डाला जा रहा है, जिससे हाथों-हाथ उठाना होता है, लेकिन यहां बिल्कुल उलटा हो रहा है। कूड़ा डालने के बाद कई दिनों तक यहीं पड़ा रहता है। शहर के बीच में होने के कारण यहां लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। यहां का वातावरण बदबूदार हो रहा है। बेसहारा पशु यहां कचरे में दिनभर मुंह मारते रहते हैं।

क्या होता है एमआरएफ सेंटर
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर होता है, जिसमें कूड़े के साथ आने वाली प्लास्टिक, लोहे का सामान, प्लास्टिक की बोतलों आदि को अलग किया जाता है। इसके बाद इस सामान की नीलामी कराई जाती है। इससे पालिका को आय अर्जित होती है। वहीं, प्लास्टिक कचरे का निस्तारण कर उसको दोबारा उपयोग लायक बनाया जाता है।


क्या कहते हैं पीड़ित
शहर भर का कचरा यहां डाला जा रहा है। यहां बदबूदार माहौल होने के कारण रहने में परेशानी हो रही है। कई बार नगर परिषद और डीसी को भी शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। तीन दिन पहले सेंटर की भारी भरकम दीवार गिर गई, जिस कारण आसपास रहने वाले लोगाें में डर का माहौल है। जल्द इसका समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
-राकेश सैनी, स्थानीय निवासी
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