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Rewari News: डीडीओ को एसएनए स्पर्श प्रणाली का प्रशिक्षण, ऑनलाइन होंगे भुगतान
Thu, 22 Oct 2026 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:34 PM IST
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खंड कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापक। स्रोत: विभाग
रेवाड़ी। समग्र शिक्षा के तहत होने वाले विकासात्मक और शैक्षणिक कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एसएनए स्पर्श प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत बिलों का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इस संबंध में खंड रेवाड़ी के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को प्रशिक्षण दिया गया है।
सभी डीडीओ को नई कार्यप्रणाली और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। लेखाकार विवेक कुमार ने अधिकारियों को बताया कि समग्र शिक्षा के तहत कराए जाने वाले कार्य पूरे होने के बाद नियमानुसार बिल और जरूरी दस्तावेज तैयार कर खंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) कार्यालय में जमा कराने होंगे।
बीआरसी स्तर पर बिलों की जांच की जाएगी और पोर्टल पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद इन्हें भुगतान के लिए मुख्यालय पंचकूला भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित फर्म के बैंक खाते में सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी।
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खंड शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी डॉ. दुष्यंत यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत होने वाले प्रत्येक कार्य में निर्धारित वित्तीय नियमों, विभागीय निर्देशों और स्वीकृत शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है। साथ ही, कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बिल और संबंधित अभिलेख पूरी तरह तैयार करके समय पर जमा कराए जाएं, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए। प्रत्येक खर्च का उचित रिकॉर्ड रखना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता के साथ समय पर पूरे हों कार्य
डॉ. दुष्यंत यादव ने कहा कि नई भुगतान प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करना होगा। वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। प्रशिक्षण के दौरान डीडीओ को बिल तैयार करने, दस्तावेज जमा कराने, पोर्टल पर कार्रवाई और भुगतान के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। इससे समग्र शिक्षा के तहत भुगतान संबंधी कार्यों को अधिक सुचारु और नियमानुसार संचालित करने में मदद मिलेगी।
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सभी डीडीओ को नई कार्यप्रणाली और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। लेखाकार विवेक कुमार ने अधिकारियों को बताया कि समग्र शिक्षा के तहत कराए जाने वाले कार्य पूरे होने के बाद नियमानुसार बिल और जरूरी दस्तावेज तैयार कर खंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) कार्यालय में जमा कराने होंगे।
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बीआरसी स्तर पर बिलों की जांच की जाएगी और पोर्टल पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद इन्हें भुगतान के लिए मुख्यालय पंचकूला भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित फर्म के बैंक खाते में सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी।
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खंड शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी डॉ. दुष्यंत यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत होने वाले प्रत्येक कार्य में निर्धारित वित्तीय नियमों, विभागीय निर्देशों और स्वीकृत शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है। साथ ही, कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बिल और संबंधित अभिलेख पूरी तरह तैयार करके समय पर जमा कराए जाएं, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए। प्रत्येक खर्च का उचित रिकॉर्ड रखना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता के साथ समय पर पूरे हों कार्य
डॉ. दुष्यंत यादव ने कहा कि नई भुगतान प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करना होगा। वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। प्रशिक्षण के दौरान डीडीओ को बिल तैयार करने, दस्तावेज जमा कराने, पोर्टल पर कार्रवाई और भुगतान के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। इससे समग्र शिक्षा के तहत भुगतान संबंधी कार्यों को अधिक सुचारु और नियमानुसार संचालित करने में मदद मिलेगी।